PoK में पाकिस्तानी सेना का खूनी तांडव जारी, गोलीबारी में 5 की मौत, सरकार ने किस पर घोषित किया 1 करोड़ का इनाम?
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पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू कश्मीर में पाकिस्तानी हुकूमत और सेना के खिलाफ अपने हकों के लिए शुरू हुए आम लोगों के प्रदर्शन में पाकिस्तानी सेना, रेंजर्स और पंजाब पुलिस का नरसंहार अभी भी जारी है. कोटली, रावलकोट, ददियाल, मुजफ्फराबाद, मीरपुर में पाकिस्तानी सेना ने जमकर गोलीबारी की, आंसू गैस के गोले छोड़े और प्रदर्शन को कुचलने के लिए पेलेट गन से भी फायरिंग की. एबीपी न्यूज़ के पास अभी तक आई जानकारी के मुताबिक मंगलवार (9 जून) को पाकिस्तानी सेना और रेंजर्स की गोलीबारी की वजह से 5 लोगों की मौत हो चुकी है और 28 से ज्यादा लोग अलग-अलग शहरों में घायल हुए हैं, हालांकि इस जुल्म के बाद भी पीओके की जानता वापस लौटने को नहीं तैयार है और पाकिस्तानी सेना को चुनौती देते हुए सड़कों पर डटी हुई है. पीओके सरकार ने किस पर रखा 1 करोड़ का इनाम? प्रदर्शन को कुचलने के लिए पाकिस्तान के कब्ज़े वाली कठपुतली सरकार ने एक और कदम उठाया है. पीओके की सरकार में प्रदर्शन के प्रमुख आयोजक शौकत नवाज़ मीर, उमर नज़ीर, ख़्वाजा मेहरान अरशद और सरदार अमन खान पर 1 करोड़ रुपए का इनाम रखा है और इन्हें गिरफ़्तार करने की कोशिश कर रही है. पीओके में प्रदर्शन की कौन-कौन संभाल रहे कमा बता दें कि शौकत नवाज़ मीर मुज़फ़्फ़राबाद से प्रदर्शन की कमान संभाल रहे हैं, उमर नज़ीर रावलाकोट से, ख़्वाजा मेहरान अरशद मीरपुर से और सरदार अमन ख़ान सुधनोती से प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे हैं. वैसे फ़ैसल मुमताज़ राठौड़ के नेतृत्व वाली पीओके की कठपुतली सरकार पिछले शुक्रवार से ही प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही उसे कुचलने की नियत से बेतुकी करवाई कर रही है. पहले अवामी एक्शन कमेटी जिसके बैनर तले प्रदर्शन हो रहा है, उसे आतंकी संगठन घोषित किया गया. फिर उसी दिन 12 जून तक पीओके में इंटरनेट बंद कर दिया था और फिर प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही शनिवार और रविवार को 26 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था. यह भी पढ़ें : 'कभी नहीं ऐसा हाल देखा', चुनाव आयोग दफ्तर के बाहर बड़ा ड्रामा, जयराम रमेश को सुरक्षा जवानों ने अंदर जाने से रोका
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