आंखों में नजर आते हैं पार्किंसंस रोग के लक्षण? ये बदलाव दिखें तो गलती से भी न करें नजरअंदाज
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पार्किंसन्स डिजीज (Parkinson’s Disease) एक न्यूरोलॉजिकल बीमारी है, जो मस्तिष्क में डोपामाइन बनाने वाली कोशिकाओं के धीरे-धीरे कम होने के कारण होती है. इसे आमतौर पर कंपन (ट्रेमर), शरीर में जकड़न और धीमी गतिविधियों से जोड़ा जाता है. हालांकि, इसमें कुछ शुरुआती संकेत और लक्षण भी नजर आते हैं, जो आंखों से भी जुड़े हो सकते हैं. बार-बार धुंधला दिखना, फोकस करने में कठिनाई, पढ़ते समय आंखों का जल्दी थक जाना और डबल विजन कुछ लोगों में शुरुआती लक्षण हो सकते हैं. पार्किंसन्स के मरीजों को कई बार पलक झपकने में भी समस्या हो सकती है. इससे आंखों में सूखापन और जलन महसूस हो सकती है. आंखों की गतिविधियों में बदलाव के कारण किसी वस्तु को ट्रैक करने या नजर स्थिर रखने में भी परेशानी हो सकती है. हालांकि, केवल धुंधला दिखना या फोकस की समस्या होना पार्किंसन्स का निश्चित संकेत नहीं माना जाता, क्योंकि इसके कई अन्य कारण भी हो सकते हैं. ऐसे लक्षण लगातार बने रहने पर न्यूरोलॉजिस्ट या नेत्र विशेषज्ञ से जांच करवाना जरूरी है. इस वीडियो में डॉ. अग्रवाल्स आई हॉस्पिटल के आई डॉक्टर एंड स्पेशियलिस्ट ऑप्थल्मोलॉजिस्ट डॉ. अंकित विनायक विस्तार से बता रहे हैं किस तरह पार्किंसन्स होने पर आंखों में कुछ परेशानियां और संकेत नजर आ सकते हैं, जिन्हें इग्नोर गलती से भी नहीं करना चाहिए.
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