‘बनना था हेल्पर, भेज दिया युद्ध लड़ने…’ नौकरी की तलाश में रूस गए थे युवक, 2 साल बाद ताबूत में UP आया कंकाल
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आजमगढ़ के अजहरुद्दीन और मऊ के रामचंद्र के शरीर के अवशेष दो साल बाद डीएनए जांच के जरिए पहचान होने पर भारत लाए गए. परिजनों का आरोप है कि एजेंटों ने नौकरी का झांसा देकर युवकों को रूस भेजा और उन्हें युद्ध क्षेत्र में पहुंचा दिया.
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