Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    फोन चार्ज होने में लग रहा है घंटों? कहीं ON तो नहीं ये सेटिंग जो चुपचाप कर देती है Charging Slow

    3 weeks ago

    1

    0

    Tech Tips: कई लोग यह सोचकर परेशान हो जाते हैं कि ओरिजिनल फास्ट चार्जर इस्तेमाल करने के बावजूद उनका स्मार्टफोन पहले जितनी तेजी से चार्ज क्यों नहीं हो रहा. अक्सर लोग इसका दोष चार्जर, केबल या बैटरी को देने लगते हैं लेकिन असली वजह फोन में मौजूद एक खास सेटिंग भी हो सकती है. इस फीचर का नाम है Adaptive Charging. यह सेटिंग आजकल कई आधुनिक Android स्मार्टफोन्स में दी जाती है और इसका मकसद बैटरी की लाइफ बढ़ाना होता है. हालांकि, कई बार यही फीचर फोन की चार्जिंग स्पीड को काफी धीमा कर देता है. क्या होता है Adaptive Charging? Adaptive Charging एक स्मार्ट बैटरी मैनेजमेंट फीचर है. इसका काम फोन को हर समय फुल स्पीड में चार्ज करने की बजाय यूजर की आदतों को समझकर चार्जिंग को नियंत्रित करना होता है. मान लीजिए आप रोज रात 11 बजे फोन चार्जिंग पर लगाते हैं और सुबह 7 बजे निकालते हैं. ऐसे में फोन करीब 80 प्रतिशत तक जल्दी चार्ज होकर रुक सकता है और फिर धीरे-धीरे सुबह के समय 100 प्रतिशत तक पहुंचेगा. इस तकनीक का मकसद बैटरी पर दबाव और गर्मी को कम करना होता है ताकि लंबे समय तक बैटरी की सेहत बेहतर बनी रहे. लोग क्यों समझ लेते हैं कि फोन खराब हो गया? जब फोन अचानक धीरे चार्ज होने लगता है तो अधिकतर यूजर्स को लगता है कि उनका फास्ट चार्जर खराब हो गया है या केबल में समस्या आ गई है. जबकि कई मामलों में Adaptive Charging ही इसकी वजह होती है. क्योंकि यह फीचर जानबूझकर चार्जिंग स्पीड कम करता है, इसलिए यूजर्स को लगता है कि फोन में कोई तकनीकी खराबी आ गई है. ऐसे करें सेटिंग चेक अगर आपका फोन सामान्य से ज्यादा धीरे चार्ज हो रहा है तो एक बार Adaptive Charging सेटिंग जरूर जांच लें. अधिकतर Android स्मार्टफोन्स में यह विकल्प यहां मिलता है: Settings > Battery > Adaptive Charging या फिर Settings > Battery Health > Charging Optimisation अगर आप इस फीचर को बंद कर देते हैं तो कई मामलों में फोन तुरंत पहले जैसी फास्ट चार्जिंग स्पीड पर लौट आता है. लेकिन इसे हमेशा बंद करना सही है? विशेषज्ञों का कहना है कि Adaptive Charging को पूरी तरह बंद रखना लंबे समय में बैटरी की लाइफ पर असर डाल सकता है. दरअसल, जब बैटरी लंबे समय तक 100 प्रतिशत चार्ज रहती है तो उसकी क्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है. यही वजह है कि कंपनियां इस फीचर को डिफॉल्ट रूप से चालू रखती हैं. कंपनियां क्यों देती हैं ये फीचर? आजकल लोग अपने स्मार्टफोन कई सालों तक इस्तेमाल करते हैं. ऐसे में कंपनियों पर बैटरी की लाइफ बेहतर बनाए रखने का दबाव बढ़ गया है. लिथियम-आयन बैटरियों के जल्दी खराब होने की सबसे बड़ी वजह ज्यादा गर्मी मानी जाती है. इसी कारण Android कंपनियां सॉफ्टवेयर आधारित चार्जिंग सिस्टम का इस्तेमाल कर रही हैं ताकि बैटरी कम गर्म हो और उसकी उम्र बढ़ सके. कुछ नए Android वर्जन में तो ऐसे स्मार्ट सिस्टम भी टेस्ट किए जा रहे हैं जो फास्ट चार्जिंग और बैटरी सुरक्षा के बीच खुद संतुलन बना सकें. नया चार्जर खरीदने से पहले ये जरूर देखें अगर आपका स्मार्टफोन अचानक धीरे चार्ज होने लगे तो तुरंत नया चार्जर या केबल खरीदने की जरूरत नहीं है. पहले यह जांच लें कि कहीं Adaptive Charging फीचर चालू तो नहीं. हो सकता है आपका फोन खराब न हो बल्कि वह सिर्फ बैटरी को सुरक्षित रखने की कोशिश कर रहा हो. यह भी पढ़ें: एक नहीं, दो तरह के होते हैं सोलर एनर्जी सिस्टम, खरीदने से पहले जान लें ये जरूरी बातें
    Click here to Read more
    Prev Article
    अब Android से iPhone में फाइल भेजना होगा बेहद आसान! Google ला रहा AirDrop जैसा फीचर, इन स्मार्टफोन में मिलेगी सुविधा
    Next Article
    बुजुर्गों के लिए वरदान बन रहे ये Smart Gadgets! SOS Stick से लेकर Smart Ring तक, अकेले रहने का डर होगा खत्म

    Related Tech Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment