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    ईरान पर फिर अटैक करेगा अमेरिका? चीन से लौटने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज संकट के बीच दिए ये संकेत

    3 weeks ago

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    US Military Action: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शुक्रवार को चीन दौरे से लौट आए. वापसी के साथ ही उनके सामने ईरान को लेकर बड़ा फैसला खड़ा हो गया है. ईरान के परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर जारी तनाव के बीच अब अमेरिका दोबारा सैन्य कार्रवाई कर सकता है. अमेरिकी अखबार द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप के वरिष्ठ सलाहकारों ने संभावित सैन्य कार्रवाई की नई योजना तैयार कर ली है. रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर राष्ट्रपति ट्रंप को लगता है कि कूटनीति पूरी तरह विफल हो गई है, तो अमेरिका जल्द ही ईरान पर फिर सैन्य हमले शुरू कर सकता है. बताया गया कि पेंटागन अधिकारी “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” को दोबारा शुरू करने की तैयारी में हैं. पिछले महीने ट्रंप द्वारा युद्धविराम घोषित किए जाने के बाद इस ऑपरेशन को रोक दिया गया था. अब इसे नए नाम के साथ फिर शुरू किया जा सकता है. ट्रंप ने ईरान के शांति प्रस्ताव को किया खारिज हालांकि अब तक राष्ट्रपति ट्रंप ने अंतिम फैसला नहीं लिया है. बीजिंग से लौटते समय एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने ईरान के ताजा शांति प्रस्ताव को खारिज कर दिया. ट्रंप ने कहा, “मैंने प्रस्ताव देखा और अगर मुझे पहली लाइन ही पसंद नहीं आती, तो मैं उसे फेंक देता हूं.” ये भी पढ़ें: ट्रंप के डेलीगेशन ने कचरे के डिब्बे में फेंके चीनी गिफ्ट, एयरफोर्स वन के सुरक्षा प्रोटोकॉल ने खींचा ध्यान शी जिनपिंग के साथ बैठक में भी उठा ईरान मुद्दा ट्रंप ने यह भी पुष्टि की कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ उनकी बैठक में ईरान का मुद्दा उठा था. हालांकि उन्होंने कहा कि उन्होंने चीन से ईरान पर दबाव बनाने के लिए कोई अनुरोध नहीं किया. चीन के लिए अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य रिपोर्ट के अनुसार चीन, ईरान का एक प्रमुख रणनीतिक साझेदार है और वह होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए होने वाली तेल और गैस आपूर्ति पर काफी निर्भर है. इसी वजह से कई देश इस संकट को खत्म करने और ईरान को दोबारा इस समुद्री मार्ग को खोलने के लिए समझौते की कोशिश कर रहे हैं. अमेरिका चाहता है कूटनीतिक जीत रिपोर्ट में कहा गया है कि कई देशों के अधिकारी ऐसा समझौता कराने में जुटे हैं, जिससे ट्रंप इसे कूटनीतिक जीत के तौर पर पेश कर सकें. इसका उद्देश्य अमेरिकी मतदाताओं को यह भरोसा दिलाना भी है कि अमेरिका किसी लंबे और महंगे युद्ध में नहीं फंसेगा. हालांकि हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं. अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने इस सप्ताह कांग्रेस में बयान देते हुए कहा, “जरूरत पड़ने पर हमारे पास संघर्ष बढ़ाने की योजना तैयार है.” साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के पास सैन्य तैनाती कम करने और मध्य पूर्व में मौजूद 50 हजार से ज्यादा अमेरिकी सैनिकों को धीरे-धीरे वापस बुलाने की योजना भी मौजूद है. रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी और इजरायली अधिकारी अगले सप्ताह ईरान पर संभावित नए हमलों की तैयारी कर रहे हैं. मध्य पूर्व के दो अधिकारियों ने इसे युद्धविराम लागू होने के बाद की “सबसे बड़ी तैयारी” बताया है.
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