Myanmar Explosion: म्यांमार के नमखम (शान प्रांत) में एक गोला-बारूद भंडार में हुए विस्फोट में 50 लोगों के मारे जाने की खबर है. 60 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. शान प्रांत गृह युद्ध प्रभावित क्षेत्र है. ये घटना ऐसे समय में सामने आई जब म्यांमार के राष्ट्रपति (पूर्व सैन्य तानाशाह) यू मिन आंग ह्लाइंग भारत दौरे पर हैं (30 मई-3 जून). म्यांमार के राष्ट्रपति ने रविवार (31 मई) को एनएसए अजीत डोवल से राजधानी दिल्ली में मुलाकात की. दिल्ली के इस दौरे को लेकर दबी जुबान में पूरी दुनियाभर में चर्चा है. चीन की बॉर्डर से तीन किलोमीटर पर हुआ ब्लास्ट जिस जगह पर यह ब्लास्ट हुआ है, वो इलाका चीन की बॉर्डर से लगभग 3 किमी दक्षिण में है. इसपर म्यांमार के विद्रोही गुट ता आंग नेशनल लिबरेशन आर्मी का कब्जा है. यह एक जातीय सशस्त्र समूह है. म्यांमार की सरकार के खिलाफ गुरिल्ला लड़ता रहता है. धमाके वाली जगह पर मौजूद एक रेस्क्यू टीम के सदस्य का कहना है कि रविवार शाम को 46 शव बरामद कर लिए गए थे. इनमें 6 बच्चे भी शामिल थे. उन्हें अंतिम संस्कार के लिए भेज दिया गया. इसके अलावा उसने जानकारी दी थी कि 74 लोगों को टाउनशिप अस्पताल पहुंचाया था. फिलहाल रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. करीबन इलाके में मौजूद 100 से ज्यादा घरों की नुकसान पहुंचा है. इसे भी पढ़ें - जहां बन रहा खाना वहीं पनप रही बीमारी, क्या आपके बच्चों को भी बीमार कर रही किचन की सिंक? रिहायशी इलाकों में पहुंचा काफी नुकसान म्यांमार की समाचार एजेंसी श्वेफीम्या के मुताबिक, मरने वालों की संख्या 50 से 55 है. इससे जुड़ी तस्वीरें और वीडियो साझा किए गए हैं. साथ ही कई रिहायशी घरों को नुकसान पहुंचा है. मौके पर स्थानीय अधिकारी रेस्क्यू ऑपरेशन को सुचारू रूप से चला रहे हैं. वहीं, इस पूरे मामले में ता आंग नेशनल लिबरेशन आर्मी ने अपने बयान में बताया कि आर्थिक विभाग ने खनन और पत्थर की खदानों में इस्तेमाल के लिए जेलिग्नाइट जमा करके रखा था. इसका इस्तेमाल खनना और चट्टानों को तोड़ने के लिए किया जाता है. अगर लंबे समय तक यह प्रदार्थ रखा जाए तो ये विस्फोटक हो सकता है. यह भी पढ़ेंः 'यूरेनियम और होर्मुजियन पंजे, ये दोनों ही...', US-ईरान डील में कहां अड़चन, एक्सपर्ट ने खोले राज
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