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    US-Iran Deal: होर्मुज खोलना, प्रतिबंधों में ढील और बारूदी सुरंगों को हटाना... ईरान और अमेरिका के बीच डील में क्या-क्या होगा?

    6 hours ago

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    US Iran Deal: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव को खत्म करने और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को सामान्य करने की दिशा में बड़ी प्रगति होती दिखाई दे रही है. फॉक्स न्यूज की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को दोबारा खोलने के साथ ही ईरान पर लगे प्रतिबंधों को हटाने की योजना बना रहा है. वहीं इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग में बिछाई गई बारूदी सुरंगों (माइंस) को हटाने का काम अगले चरण में किया जाएगा. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज समझौते का अहम हिस्सा अमेरिकी प्रशासन और क्षेत्रीय नेताओं के हालिया बयानों से संकेत मिल रहे हैं कि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच एक रूपरेखा समझौते (Framework Agreement) पर सहमति बनने के करीब पहुंच गई है. इस समझौते का उद्देश्य कई महीनों से जारी संघर्ष को समाप्त करना और दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा परिवहन मार्गों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में समुद्री यातायात को बहाल करना है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने के बदले नरम होगा अमेरिकी रुख फॉक्स न्यूज की जानकारी के अनुसार, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलना प्रस्तावित समझौते का एक प्रमुख हिस्सा होगा. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि समझौते के तहत ईरान को जलडमरूमध्य खोलना होगा और इसके बदले अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकेबंदी को नरम करेगा. यह भी पढ़ेंः ईरान और अमेरिका के बीच डील में किन मुद्दों पर बनी सहमति? डोनाल्ड ट्रंप ने न्यूक्लियर हथियार को लेकर ये बताया अगले चरण में होगी डी-माइनिंग प्रक्रिया अमेरिकी अधिकारी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह प्रक्रिया एक साथ आगे बढ़ेगी. उन्होंने बताया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुलने और नाकेबंदी में ढील दिए जाने के बाद अगले चरण में समुद्री मार्ग से बारूदी सुरंगों को हटाने यानी डी-माइनिंग का काम किया जाएगा. वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है होर्मुज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में से एक माना जाता है. खाड़ी क्षेत्र से निकलने वाले तेल और गैस का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से वैश्विक बाजारों तक पहुंचता है. हालिया संघर्ष के दौरान यह जलमार्ग तनाव का प्रमुख केंद्र बना हुआ था. समुद्री सुरक्षा और आवाजाही बहाल करना लक्ष्य प्रस्तावित समझौते का उद्देश्य केवल जलमार्ग को खोलना ही नहीं है, बल्कि समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करना और जहाजों की निर्बाध आवाजाही को बहाल करना भी है. इसके तहत सुरक्षा जोखिमों और माइंस से जुड़े खतरों को भी दूर करने की योजना बनाई जा रही है. ट्रंप ने रविवार को समझौते की संभावना जताई अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ दोनों ने संकेत दिए हैं कि यह समझौता जल्द ही अंतिम रूप ले सकता है. एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार, ट्रंप ने शनिवार को कहा कि यह समझौता "रविवार को हस्ताक्षर के लिए निर्धारित है." शहबाज शरीफ बोले- 24 घंटे में हो सकता है समझौता पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी कहा कि मध्य पूर्व में जारी संघर्ष को समाप्त करने वाला यह समझौता अब पहले से कहीं ज्यादा करीब है और अगले 24 घंटों के भीतर इसे अंतिम रूप दिया जा सकता है. इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर की तैयारी शहबाज शरीफ ने बताया कि समझौते पर इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से हस्ताक्षर कराने की तैयारी चल रही है. इसके बाद अगले सप्ताह तकनीकी स्तर की बैठकें आयोजित की जाएंगी, जिनमें समझौते के क्रियान्वयन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी.
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