Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Ceramic Shield या Gorilla Glass? फोन को किस-से मिलेगी ज्यादा प्रोटेक्शन?

    1 hour from now

    1

    0

    Ceramic Shield Vs. Gorilla Glass: अब फोन इतने मजबूत होते जा रहे हैं कि स्क्रीन गार्ड की जरूरत खत्म होने लगी है. ऐप्पल और सैमसंग जैसी कंपनियां स्क्रीन की प्रोटेक्शन के लिए Ceramic Shield और Gorilla Glass जैसे प्रोटेक्टिव ऑप्शन यूज कर रही हैं. दोनों ही ग्लास शानदार ड्यूरैबिलिटी देते हैं और इन दोनों को एक ही कंपनी बनाती है, जिसका नाम कॉर्निंग है. ऐसे में दोनों के बीच के अंतर को जानना इंट्रेस्टिंग हो जाता है. कंपनी ने इनका कंपेरिजन नहीं किया है, लेकिन दोनों में काफी अंतर है. कैसे बनता है Ceramic Shield? iPhone 12 के बाद लॉन्च हुए आईफोन में ऐप्पल सेरेमिक शील्ड को यूज कर रही है. ऐप्पल और कॉर्निंग दोनों का ही दावा है कि यह दूसरे प्रोटेक्टिव ग्लास की तुलना में यह दोगुना मजबूत है. इसे ग्लास में सेरेमिक नैनोक्रिस्टल एम्बेड कर तैयार किया जाता है. ये क्रिस्टल आपस में जुड़कर क्रैक आने से रोकते हैं और आयनाइज्ड ग्लास के कारण इसे मजबूती मिलती है. इस कारण इस पर स्क्रैचेज नहीं आते और गिरने पर भी इसके टूटने का खतरा कम रहता है. Ceramic Shield कितना मजबूत है? रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक टेस्ट में आईफोन 17 प्रो में लगे Ceramic Shield 2 को मजबूती के मामले में गोरिल्ला ग्लास विक्टस से कंपेयर किया जा सकता है. Ceramic Shield 2 में Mohs hardness स्केल पर लेवल 6 पर स्क्रैचेज आने शुरू हुए थे, जबकि लेवल 7 पर खरोंच आने लगी. हालांकि, स्क्रीन पर निशान होने के बावजूद इनकी विजिबिलिटी काफी कम थी. यूजर्स भी इस बात को मान रहे हैं कि आईफोन के लेटेस्ट मॉडल काफी ड्यूरैबल हैं, लेकिन स्क्रैचेज को फिर भी नहीं रोका जा सकता. इसलिए स्क्रीन गार्ड की जरूरत पड़ रही है. Gorilla Glass कितना स्ट्रॉन्ग है? Gorilla Glass काफी सालों से चलन में है और इसमें काफी सुधार भी हुआ है. गोरिल्ला ग्लास को आयन एक्सचेंज के जरिए तैयार किया जाता है. इसे बनाने के लिए मॉल्टन सॉल्ट को हाई टेंपरेचर पर ले जाया जाता है, जहां पानी में से सोडियम आयन भाप बनकर उड़ जाते हैं. इसके बाद सॉल्ट में से पोटैशियम के बड़े आयन छोटे आयन की जगह ले लेते हैं, जिससे मजबूत एक्सटीरियर लेयर तैयार होती है. Victus 2 इतना मजबूत है कि कंक्रीट पर एक मीटर ऊपर से गिराने पर भी यह डैमेज नहीं होता. स्क्रैच रजिस्टेंस के मामले में भी यह सेरेमिक शील्ड के बराबर है. अब नए Gorilla Armor में सेरेमिक मेटैरियल का यूज हुआ है, जिससे यह और भी मजबूत हो गया है. ये भी पढ़ें- मैग्नेट से खराब हो सकता है आपका iPhone कैमरा? सच जानकर चौंक जाएंगे!
    Click here to Read more
    Prev Article
    4K Vs 8K Smart TV: जानिए दोनों में क्या है फर्क और किसे खरीदने में है आपका फायदा
    Next Article
    क्या आपका बच्चा AI खिलौनों से कर रहा है बातें? जानिए इसके छिपे हुए जोखिम

    Related तकनीक Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment