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    Hidden Cholesterol Marker: क्या कोलेस्ट्रॉल नॉर्मल होने पर भी आ सकता है हार्ट अटैक? एक्सपर्ट से जानें

    2 hours from now

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    Hidden Cholesterol Marker: बदलती लाइफस्टाइल के चलते हमें हार्ट से जुड़ी तमाम तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में हार्ट की सेहत की बात होती है तो आमतौर पर लोग एलडीएल, एचडीएल और ट्राइग्लिसराइड जैसे कोलेस्ट्रॉल के आंकड़ों पर ध्यान देते हैं. ज्यादातर लोग मानते हैं कि अगर उनकी कोलेस्ट्रॉल रिपोर्ट नॉर्मल है तो उनका दिल पूरी तरह सुरक्षित है. लेकिन हाल के वर्षों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां लोगों को कम उम्र में हार्ट अटैक आया, जबकि उनकी सामान्य कोलेस्ट्रॉल रिपोर्ट में कोई बड़ी गड़बड़ी नहीं थी. यही वजह है कि अब डॉक्टर केवल LDL, HDL और ट्राइग्लिसराइड्स पर ही ध्यान नहीं दे रहे हैं, बल्कि कुछ ऐसे छिपे हुए जोखिमों की भी जांच करने की सलाह दे रहे हैं जो सामान्य टेस्ट में नजर नहीं आते. एक्सपर्ट्स का कहना है कि कई बार शरीर के अंदर ऐसी समस्याएं मौजूद होती हैं जो रिपोर्ट में नहीं दिखतीं, लेकिन दिल की सेहत पर गंभीर असर डाल सकती हैं. क्या है Lp(a), जिसे बताया जा रहा है छिपा हुआ खतरा? डॉक्टरों के अनुसार Lipoprotein(a) या Lp(a) एक खास तरह का कोलेस्ट्रॉल कण होता है, जो दिखने में LDL यानी बैड कोलेस्ट्रॉल जैसा होता है, लेकिन इसमें एक अतिरिक्त प्रोटीन जुड़ा होता है. यही वजह है कि यह रक्त नलिकाओं में चर्बी जमा होने की प्रक्रिया को तेज कर सकता है. सबसे बड़ी बात यह है कि सामान्य लिपिड प्रोफाइल टेस्ट में Lp(a) की जांच नहीं की जाती. ऐसे में किसी व्यक्ति की कोलेस्ट्रॉल रिपोर्ट सामान्य आ सकती है, लेकिन फिर भी उसके दिल को खतरा बना रह सकता है. यह भी पढ़ेंः Best Drinks for Liver Health: फैटी लिवर में बड़े काम की हैं ये पांच ड्रिंक, पीते ही जिगर को मिलेगी जोरदार ठंडक बढ़ रहे हैं हार्ट अटैक के मामले भारत में डॉक्टरों को एक चिंताजनक ट्रेंड दिखाई दे रहा है. कई लोग जिनकी कोलेस्ट्रॉल रिपोर्ट सामान्य होती है, वे भी 30 से 40 की उम्र में हार्ट अटैक का शिकार हो रहे हैं. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ का मानना है कि इसके पीछे जेनेटिक कारणों से बढ़ा हुआ Lp(a) लेवल एक अहम वजह हो सकता है. यह फैक्टर ज्यादातर जेनेटिक्स से प्रभावित होता है, इसलिए डाइट या एक्सरसाइज का इस पर सीमित असर पड़ता है. भारत में तेजी से बढ़ रहे हैं मामले एक्सपर्ट के अनुसार भारत में समय से पहले दिल की बीमारी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. कई रिपोर्टों में बताया गया है कि देश में होने वाली कुल मौतों का बड़ा हिस्सा हार्ट रोगों से जुड़ा है. चिंता की बात यह है कि कई मरीजों में हार्ट अटैक पश्चिमी देशों की तुलना में 10 से 15 साल पहले हो रहा है. जेनेटिक प्रवृत्ति, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, अनएक्टिव लाइफस्टाइल और छिपे हुए लिपिड मार्कर जैसे Lp(a) इस जोखिम को बढ़ा सकते हैं. डॉक्टरों का कहना है कि जिन लोगों के परिवार में कम उम्र में हार्ट अटैक, स्ट्रोक या दिल की बीमारी के मामले रहे हों, उन्हें कम से कम एक बार Lp(a) टेस्ट जरूर करवाना चाहिए. इसके अलावा हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, मोटापा और खराब लाइफस्टाइल वाले लोगों को भी दिल की जांच को गंभीरता से लेना चाहिए. हालांकि Lp(a) को सीधे कम करना आसान नहीं माना जाता, लेकिन इसकी जानकारी होने पर दूसरे जोखिमों जैसे LDL कोलेस्ट्रॉल, ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर को बेहतर तरीके से कंट्रोल किया जा सकता है. यह भी पढ़ेंः Women's Health: पीरियड्स पेन और PMOS से पीड़ित हैं लाखों महिलाएं, एक्सपर्ट की चेतावनी- यह कोई सामान्य बात नहीं
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