अमल आंदोलन की जड़ें 1970 के दशक में मिलती हैं. उस समय लेबनान का शिया समाज खुद को उपेक्षित महसूस करता था. दरअसल, लेबनान की शिया राजनीति में अमल और हिजबुल्लाह दो बड़े नाम हैं. दोनों शिया समुदाय से जुड़े हैं. दोनों का प्रभाव दक्षिण लेबनान में है, लेकिन दोनों एक जैसे नहीं हैं.
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