खुद की गाढ़ी कमाई बचाने के लिए भी चाहिए पैसा! लॉकर सर्विस में घुसे प्राइवेट खिलाड़ी, बदल रही पूरी तस्वीर
3 hours from now
भारत में बैंक लॉकर को हमेशा से गहने, जमीन के कागजात, वसीयत और दूसरी कीमती चीजों को सुरक्षित रखने का सबसे भरोसेमंद तरीका माना जाता रहा है. लेकिन अब तस्वीर तेजी से बदल रही है. सरकारी बैंकों में लॉकर की भारी कमी है, वेटिंग लिस्ट लंबी होती जा रही है और दूसरी तरफ प्राइवेट वॉल्ट कंपनियां मोटी फीस लेकर प्रीमियम सुरक्षा बेच रही हैं. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या अब अपनी ही मेहनत की कमाई और संपत्ति को सुरक्षित रखने का अधिकार भी धीरे धीरे एक लग्जरी सर्विस बनता जा रहा है. जहां अमीर लोग सालाना हजारों और लाखों रुपये खर्च कर बेहतर सुरक्षा खरीद सकते हैं, वहीं मध्यम वर्ग अब भी बैंकों की लंबी कतारों और सीमित सुविधाओं के भरोसे बैठा है. यह स्थिति सिर्फ सुविधा का नहीं बल्कि आर्थिक असमानता और वित्तीय सुरक्षा से जुड़ा बड़ा मुद्दा बनती जा रही है.
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