मीनाक्षी बोलीं- मेरे खिलाफ कोई लंबित मामला नहीं:दिल्ली में कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेस में सिंघार बोले-चुनाव आयोग ने लोकतंत्र का गला घोंटा
9 hours ago
दिल्ली में मध्य प्रदेश के कांग्रेस नेताओं की प्रेस कॉन्फ्रेंस चल रही है। इसमें मीनाक्षी नटराजन ने कहा- मामला सुप्रीम कोर्ट में है इसलिए कानूनी पक्ष पर मैं ज्यादा बात नहीं करूंगी। लेकिन एक चीज पहले से पब्लिक डोमेन में है और वह इलेक्शन कमीशन की साइट पर भी है। जिससे यह सारी बात शुरू हुई, वह यह है कि उम्मीदवार पर अगर कोई लंबित आपराधिक मामला है तो उसकी जानकारी देनी है। अगर दंडनीय अपराध में दोषी ठहराए गए हैं तो उसकी जानकारी देनी है। जाहिर है कि यह मुझ पर लागू नहीं है इसीलिए नामांकन रद्द करना गलत है। मेरे खिलाफ मात्र एक लीगल नोटिस है। उसकी पूरी जानकारी मैंने मेरे ईसीआई मेमोरेंडम में दी है। जिस पर आज तक अदालत ने संज्ञान नहीं लिया। इसको दर्ज करने के लिए कॉलम कहां था, यह क्लियरिटी होनी चाहिए। आज सुप्रीम कोर्ट में भी हम वह बात रखेंगे। फार्म 26 में ऐसा कोई कॉलम नहीं है, जिसमें लिखा जाए कि प्राइवेट कम्पलेंट के बारे में सूचना दीजिए। अगर कोई ऐसा कॉलम होता तो हम यह सूचना जरूर देते। इसके अलावा कुछ बोलना मेरे लिए ठीक नहीं होगा। वह सुप्रीम कोर्ट की गरिमा के अनुरूप नहीं होगा क्योंकि यह डॉक्यूमेंट-एफिडेविट पब्लिक डोमेन में सबके पास है। वहीं, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा- जब किसी ने रिटर्निंग अफसर से पूछा कि आपने ऐसा क्यों किया तो वे बोले कि मुझे नौकरी करना है। मुझे मालूम है कि मैंने गलती की है लेकिन मुझे नौकरी करनी है और इनके साथ ही रहना है। वो रिटर्निंग ऑफिसर भी मानता है कि उसने दबाव में गलती की है। चुनाव आयोग जिसको शक्तियां हासिल हैं, कल उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में कहा- हमें याचिका नहीं मिली। हमारे पास जानकारी नहीं है। चुनाव आयोग सुप्रीम कोर्ट को गुमराह कर रहा है। दो दिन पहले ही हमारा डेलिगेशन उनसे मिला था। इससे स्पष्ट है कि चुनाव आयोग लोकतंत्र का गला घोंटने का काम कर रहा है। राष्ट्रपति भवन तक मार्च निकालेंगे विधायक उधर, मध्य प्रदेश के कांग्रेस विधायक आज दिल्ली पहुंचे हैं। वे कुछ देर में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में राष्ट्रपति भवन तक मार्च निकालेंगे। उधर, नटराजन का नामांकन रद्द किए जाने के मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई भी होगी। कांग्रेस को उम्मीद है कि अदालत से उसे राहत मिल सकती है। दरअसल, नटराजन का नामांकन पत्र 9 जून को स्क्रूटनी के दौरान रिटर्निंग ऑफिसर अरविंद शर्मा ने खारिज कर दिया था। भाजपा उम्मीदवार महेश केवट और पार्टी नेताओं ने मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पर आपत्ति दर्ज कराई थी। भाजपा का आरोप है कि मीनाक्षी ने अपने चुनावी हलफनामे (फॉर्म 26) में तेलंगाना की एक अदालत में लंबित एक कानूनी मामले की जानकारी छिपाई है। सुप्रीम कोर्ट का रुख तय करेगा चुनाव प्रक्रिया पर असर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान कांग्रेस तर्क रख सकती है कि नामांकन रद्द करने की कार्रवाई प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के अनुसार नहीं है। वहीं, भाजपा और निर्वाचन पक्ष रिटर्निंग अधिकारी के निर्णय को नियमों के अनुरूप बताएंगे। अदालत का रुख तय करेगा कि चुनाव प्रक्रिया पर इसका कोई असर पड़ेगा या नहीं। मामले के मिनट टु मिनट के अपडेट्स के लिए नीचे दिए ब्लॉग से जरूर गुजर जाइए…
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