पेट्रोलियम मंत्री बोले- भारत में 76 दिन का फ्यूल स्टॉक:मंत्रालय ने बताया- तेल कंपनियों को हर दिन ₹600 से ₹700 करोड़ का नुकसान
2 hours ago
पेट्रोल-डीजल पर सोमवार (8 जून) को पेट्रोलियम मंत्रालय और केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी की और से दो अलग-अलग बयान आए, जिससे पता चलता है कि देश में फ्यूल का स्टॉक तो है, लेकिन कीमतें बढ़ सकती हैं। एक ओर केंद्रीय मंत्री पुरी ने कहा कि भारत के पास वर्तमान में अपनी रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व, रिफाइनरी स्टॉक और कमर्शियल स्टॉक को मिलाकर 76 से 80 दिन की खपत के बराबर फ्यूल रिजर्व मौजूद है। उन्होंने बताया कि मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बावजूद देश की तेल सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित है और ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें बहुत लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर नहीं रहेंगी। वहीं, दूसरी ओर पेट्रोलियम मंत्रालय के एडिशनल सेक्रेटरी प्रवीण खनूजा ने एक प्रेस ब्रीफिंग में यह भी बताया कि LPG के अलावा तेल कंपनियां वर्तमान में डीजल पर 30 रुपए प्रति लीटर और पेट्रोल पर 6 रुपए प्रति लीटर की अंडर-रिकवरी (नुकसान) झेल रही हैं। इस कारण कंपनियों को हर दिन करीब 600 से 700 करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ रहा है। लंबी अवधि के युद्ध से बदल सकती हैं चुनौतियां हरदीप सिंह पुरी ने यह भी स्वीकार किया कि यदि मिडिल ईस्ट में चल रहा संघर्ष उम्मीद से कहीं ज्यादा लंबा खींचता है, तो चुनौतियां बदल सकती हैं। शॉर्ट-टर्म की रुकावटों को देश अपने स्टॉक और वैकल्पिक रास्तों से संभाल लेगा, लेकिन बहुत लंबे समय तक चलने वाला संकट वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर व्यापक असर डाल सकता है। हालांकि, सरकारी तेल कंपनियां लॉन्ग-टर्म सुरक्षा के लिए घरेलू स्तर पर ड्रिलिंग एक्टिविटीज को काफी बढ़ाने की योजना पर काम कर रही हैं ताकि बाहरी झटकों के प्रति निर्भरता कम हो सके।
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