Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    राज्यसभा चुनाव- 26 में से 23 उम्मीदवार निर्विरोध जीते:इनमें मल्लिकार्जुन खड़गे और पवन खेड़ा शामिल; 3 सीटों पर 18 जून को वोटिंग

    6 hours ago

    1

    0

    राज्यसभा की 26 सीटों में 23 पर निर्विरोध उम्मीदवार चुने गए हैं। इनमें 12 भाजपा, 5 कांग्रेस, 3 TDP, 1 NCP, 1NPP और 1 जनसेना से है। चुनाव जीतने वालों में कर्नाटक से कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और मीडिया व प्रचार प्रमुख पवन खेड़ा का नाम शामिल है। इन 23 सीटों में से भाजपा को 2 सीटों का फायदा हुआ है। MP में 3 सीटें खाली हुई थीं, इनमें 2 भाजपा और 1 सीट कांग्रेस के पास थी। वहीं, गुजरात में 4 सीटें खाली हुईं थीं। इनमें 3 भाजपा और 1 कांग्रेस के पास थी। अब दोनों राज्यों की 7 सीटों पर भाजपा उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए हैं। बाकी 3 सीटों पर 18 जून को वोटिंग होगी। राहुल बोले- मीनाक्षी का नामांकन रद्द होना सीट चोरी चुनाव आयोग ने गुरुवार मध्यप्रदेश से भाजपा उम्मीदवार रजनीश अग्रवाल, तरुण चुग और महेश केवट को निर्वाचन सर्टिफिकेट दे दिए हैं। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के खिलाफ पार्टी की याचिका पर सुनवाई शुक्रवार तक के लिए टाल दी थी। मामले पर चुनाव आयोग ने भी कोई फैसला नहीं दिया है। दरअसल, MP की तीसरी सीट के लिए कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया था। कांग्रेस के पास पर्याप्त संख्या बल भी था, लेकिन 9 जून को उनका नामांकन फॉर्म निरस्त कर दिया गया। राहुल गांधी ने कहा- भाजपा और चुनाव आयोग की जुगलबंदी ने सीट चोरी की है। कांग्रेस उम्मीदवार का नामांकन मामूली आपत्ति पर खारिज कर दिया गया, जबकि भाजपा समर्थित उम्मीदवार को त्रुटियां सुधारने का मौका दिया गया। चुनाव आयोग ने दो उम्मीदवारों के साथ अलग-अलग व्यवहार किया और कांग्रेस की आपत्तियों का जवाब भी नहीं दिया। अब राज्यवार जानिए NDA और विपक्ष को कितना फायदा-नुकसान… 18 जून को राज्यसभा चुनाव खत्म होने के बाद भी संसद में स्थिति सामान्य रहने की उम्मीद है। पहले NDA को एक सीट को नुकसान होता दिख रहा था, पर MP में पार्टी की सभी 3 सीटों पर जीत के बाद स्थिति सामन्य रहेगी। महाराष्ट्र और तमिलनाडु में उपचुनाव, NDA की एक सीट कम हुई : महाराष्ट्र में NCP की सुनेत्रा पवार और तमिलनाडु में AIADMK के सीवी षणमुगम के इस्तीफे से खाली हुई सीटों पर उपचुनाव हुए। महाराष्ट्र की सीट एनडीए के खाते में गई। वहीं तमिलनाडु की AIADMK की सीट TVK के समर्थन से कांग्रेस ने जीती। आंध्र प्रदेश में 4 सीटें, चारों NDA को: आंध्र प्रदेश में तीन सीटें YSRCP के पास थीं, एक TDP के पास थी। अब NDA चारों सीटें जीत गई है। गुजरात में 4 सीटें, चारों NDA को: गुजरात में तीन BJP और एक कांग्रेस के पास है। चुनाव में भाजपा चारों सीटें जीती हैं। झारखंड में 2 सीटें, दोनों INDIA को: झारखंड में दो सीटें हैं। एक सीटें भाजपा के पास है। एक खाली है। दोनों सीटें JMM-कांग्रेस गठबंधन को मिल सकती हैं। लेकिन BJP के पास 21 विधायक हैं। चार विपक्षी सदस्यों की क्रॉस वोटिंग अगर हो गई तो वह एक सीट जीत सकती है। मध्य प्रदेश में 3 सीटें, तीनों BJP को: मध्यप्रदेश में तीन सीटें हैं। भाजपा सभी सीटें जीत गई है। राजस्थान में 3 सीटें, दो BJP, एक कांग्रेस को: राजस्थान में भी तीन सीटें हैं। जिसमें से दो भाजपा और एक कांग्रेस के पास है। यहां कोई बदलाव नहीं होगा। कर्नाटक में 4 सीटें, कांग्रेस को तीन, NDA को एक: कर्नाटक में अभी एनडीए के पास तीन, कांग्रेस के पास एक सीट हैं। चुनाव में कांग्रेस तीन सीटें जीत गई है। वहीं NDA एक सीट मिली है। मणिपुर-अरुणाचल में भाजपा के खाते में दो सीटें: मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश में एक-एक सीट खाली हुई थी। दोनों एनडीए को मिली हैं। मिजोरम में अभी मिजो नेशनल फ्रंट के पास एक सीट है, जो जोरम पीपल्स मूवमेंट जीत सकती है। मेघालय में नेशनल पीपुल्स पार्टी अपनी सीट बचाने में कामयाब हो गई है। 245 सदस्यों वाली राज्यसभा में NDA के पास अभी 147 सांसद 245 सदस्यों वाली राज्यसभा में NDA के पास अभी 147 सांसद हैं, जबकि विपक्ष के पास 67 और गैर-गठबंधन वाले क्षेत्रीय दलों के पास 28 सांसद हैं। ऐसे होता है राज्यसभा चुनाव राज्यसभा सांसदों के लिए चुनाव की प्रक्रिया दूसरे चुनावों से काफी अलग है। राज्यसभा के सदस्य अप्रत्यक्ष रूप से चुने जाते हैं यानी जनता नहीं बल्कि विधायक इन्हें चुनते हैं। चुनाव हर दो साल में होते हैं, क्योंकि राज्यसभा एक स्थायी सदन है और इसके एक-तिहाई सदस्य हर दो साल में रिटायर होते हैं। राज्यसभा सीटों की कुल संख्या 245 हैं। इनमें से 233 सीटों पर अप्रत्यक्ष रूप से चुनाव होते हैं और 12 सदस्यों को राष्ट्रपति मनोनीत करते हैं। राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए कितने वोटों की जरूरत होती है, ये पहले से ही तय होता है। वोटों की संख्या का कैलकुलेशन कुल विधायकों की संख्या और राज्यसभा सीटों की संख्या के आधार पर होता है। इसमें एक विधायक की वोट की वैल्यू 100 होती है। महाराष्ट्र की 7 सीटों के उदाहरण से फॉर्मूला समझते हैं राज्यसभा चुनाव में किसी भी उम्मीदवार को जीतने के लिए एक निश्चित संख्या में मतों की आवश्यकता होती है, जिसे जीतने का कोटा (Quota) कहा जाता है। महाराष्ट्र विधानसभा में कुल 288 विधायक हैं। खाली हो रही सीटें 7 हैं। कुल विधायकों की संख्या x 100/ (राज्यसभा की सीटें+1) = +1 288X100/(7+1)= +1 28800/8= +1 3600= +1 3601 चूंकि एक विधायक के वोट की वैल्यू 100 होती है। इसलिए महाराष्ट्र में अभी एक राज्यसभा सीट पर जीत के लिए कम से कम 36 विधायकों की जरूरत होगी। ------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… एमपी- भाजपा ने तीनों राज्यसभा सीट निर्विरोध जीतीं:कांग्रेस उम्मीदवार नटराजन का नामांकन रद्द होने पर चुनाव आयोग चुप, कल सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई मध्य प्रदेश में भाजपा ने तीनों राज्यसभा सीटों पर निर्विरोध जीत हासिल कर ली है। चुनाव आयोग ने गुरुवार को पार्टी उम्मीदवार रजनीश अग्रवाल, तरुण चुग और महेश केवट को निर्वाचन सर्टिफिकेट दे दिए हैं। पूरी खबर पढ़ें…
    Click here to Read more
    Prev Article
    EXCLUSIVE | Kalyan Banerjee Says Abhishek Has Become Arrogant, Backs Mamata Amid TMC Crisis
    Next Article
    क्या RBI के नाम पर आपके पास भी आया है मैसेज? हो जाएं सावधान, वरना खाली हो सकता है बैंक खाता

    Related भारत Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment