सर्प-बिच्छू बने मित्र, गोमुख से गंगासागर तक की 2 बार पदयात्रा, जानें जज की कुर्सी छोड़ संन्यासी बने खपड़िया बाबा की कहानी
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Ballia Khapariya Baba Ashram: खपड़िया बाबा के बारे में मान्यता है कि उन्होंने अपने तपोबल से जल और थल के विभिन्न जहरीले और गैर-जहरीले जीव-जंतुओं से मित्रता कर ली थी. आज उनका यह आश्रम न केवल बलिया जनपद का बड़ा आकर्षण केंद्र है, बल्कि एक प्रमुख दर्शनीय पर्यटन स्थल और सशक्त आध्यात्मिक केंद्र के रूप में भी स्थापित हो चुका है. प्रदेश के कोने-कोने से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं. आश्रम परिसर में संत के जीवन से जुड़े प्रसंगों का ऐसा जीवंत चित्रण है, जिसे देखकर आस्था से जुड़ी लाखों भावनाएं स्वतः जाग उठती है.
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