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    ट्विशा केस में सुप्रीम कोर्ट बोला-दोनों पक्ष बयानबाजी से बचें:ज्यूडिशियरी पर लगे आरोप से दुखी; राज्य सरकार ने कहा- सास जांच में बाधा डाल रहीं

    2 weeks ago

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    एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की मौत के मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि न्यायपालिका द्वारा आरोपियों को बचाए जाने के नैरेटिव से हमें दुख हुआ है। CJI सूर्यकांत ने कहा कि हम अपने मीडिया के दोस्तों से गुजारिश करेंगे कि वे पीड़ित परिवार या दूसरे परिवार के बयानों के पीछे न भागें। चीजों को कानून के हिसाब से ही आगे बढ़ने दें। इस दौरान मध्य प्रदेश सरकार के वकील सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने आरोप लगाया कि ट्विशा की सास और पूर्व जज गिरिबाला सिंह जांच में बाधा डाल रही हैं। उधर, जबलपुर हाईकोर्ट में ट्विशा की सास रिटायर्ड जिला जज गिरिबाला सिंह को भोपाल जिला अदालत से मिली अग्रिम जमानत रद्द करने की मांग पर सुनवाई होनी है। ट्विशा की 13 दिन पहले मौत हुई थी, कल अंतिम संस्कार हुआ 33 साल की ट्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में फंदे से लटकी मिली थीं। उनके परिवार ने ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है। वहीं, ससुराल पक्ष का दावा है कि वह ड्रग एडिक्ट थी। ट्विशा का अंतिम संस्कार 24 मई को हुआ। सुप्रीम कोर्ट ने ज्यूडिशियरी पर लगे आरोप को नोटिस में लिया सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने कहा कि मीडिया में छपी एक खबर में ज्यूडिशियरी की निष्पक्षता पर सवाल उठाए गए। यह बताया गया कि ट्विशा का पति एक वकील है और मां पूर्व जिला जज हैं। सवाल यह था कि क्या जांच में अनुचित प्रभाव डाला जा सकता है। यह भी कहा गया कि कोर्ट की संलिप्तता के कारण निष्पक्ष जांच नहीं हो पाई। इसलिए हमने खुद एक्शन लेते हुए कार्यवाही शुरू की। कोर्ट रूम LIVE हाईकोर्ट में सुनवाई टल सकती है वहीं, हाईकोर्ट में ट्विशा की सास रिटायर्ड जिला जज गिरिबाला सिंह को भोपाल जिला अदालत से मिली अग्रिम जमानत रद्द करने की मांग पर सुनवाई होनी है। संबंधित याचिकाएं मध्य प्रदेश शासन और ट्विशा के पिता की ओर से दायर की गई हैं। जस्टिस देवनारायण मिश्रा की कोर्ट में 149 नंबर पर शेड्यूल्ड है। लंच के बाद सुनवाई हो सकती है। उधर, भोपाल जिला अदालत में ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह की 12 मई से 20 मई तक की कॉल डिटेल और भोपाल एम्स के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने संबंधी आवेदन पर सुनवाई होगी। एडवोकेट पंकज दुबे का कहना है कि हाईकोर्ट में गिरिबाला की जमानत पर सुनवाई टल सकती है। हाईकोर्ट अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश का इंतजार कर सकता है। ट्विशा की मौत को ससुराल पक्ष आत्महत्या बता रहा है, जबकि मायके पक्ष ने पति और ससुरालवालों पर हत्या का आरोप लगाया है। आज भोपाल लौटेगी दिल्ली एम्स की टीम, पीएम रिपोर्ट आने में समय दिल्ली एम्स की टीम ने रविवार को ट्विशा की डेडबॉडी का दोबारा पोस्टमॉर्टम किया था। भोपाल एम्स में करीब 3 घंटे चली प्रक्रिया के बाद टीम भोपाल से रवाना हो गई थी। फोटो-वीडियो और लिखित निष्कर्षों के साथ आज लौटेगी। दिल्ली एम्स के फॉरेंसिक मेडिसिन एवं टॉक्सिकोलॉजी विभाग के प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष डॉ. सुधीर कुमार गुप्ता ने बताया कि ट्विशा की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने में अभी कुछ समय लगेगा। हिस्टोपैथोलॉजी और विसरा का एनालिसिस किया जाना बाकी है। जानिए, जांच से जुड़े सवालों के जवाब 1. डबल लिगेचर मार्क पर सवाल पहली पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में ट्विशा के गले पर दो समानांतर लिगेचर मार्क दर्ज हैं। रिपोर्ट के अनुसार, फंदा गर्दन पर दो बार लिपटा प्रतीत होता है। इसके बावजूद मौत का कारण सुसाइड बाय हैंगिंग दर्ज किया गया। मायकेवालों का दावा है कि फांसी के सामान्य मामलों में ऐसे निशान कम मिलते हैं। 2. फंदे की बरामदगी में देरी पर सवाल पहले पोस्टमॉर्टम के समय कथित फंदा न तो डॉक्टरों को सौंपा गया था और न पुलिस ने जब्त किया था। परिजन के सवाल उठाने के बाद 15 मई को फंदा बरामद किया गया। विशेषज्ञों के मुताबिक, ऐसे मामलों में फंदा आमतौर पर शव के साथ जांच के लिए भेजा जाता है। इस देरी से पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे हैं। 3. शरीर पर मिले चोट के निशानों की जांच मायकेवालों के मुताबिक, ट्विशा के शरीर पर चोटों के कई निशान दर्ज हैं। बाएं हाथ की कोहनी और कलाई के बीच कई घाव भी मिले हैं। पहली पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कहा गया है कि ये चोटें किसी ठोस वस्तु के प्रभाव से हो सकती हैं। रिपोर्ट में चोटों की गहराई पर सीमित जानकारी दी गई है। 4. हायॉइड बोन सुरक्षित मिलने पर सवाल विशेषज्ञों के अनुसार, फांसी के कई मामलों में हायॉइड बोन या थायरॉयड कार्टिलेज प्रभावित होती है। पहले पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट में यह हिस्सा सुरक्षित बताया गया है। रिपोर्ट में टिशू में रक्त के निशान दर्ज हैं, लेकिन हड्डी सुरक्षित रहने पर विस्तृत टिप्पणी नहीं है। दूसरी पोस्टमॉर्टम जांच में इस पहलू की भी समीक्षा होगी। 5. लंबाई के अंतर और मेडिकल पैनल पर सवाल पहले पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट में ट्विशा की लंबाई को लेकर भी सवाल उठे हैं। एम्स भोपाल की रिपोर्ट में लंबाई 166 सेंटीमीटर दर्ज है, जबकि परिजन 172 सेंटीमीटर बता रहे हैं। वकील अंकुर पांडेय ने रिपोर्ट की सटीकता पर सवाल उठाए हैं। मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… एक्ट्रेस ट्विशा का मौत के 12 दिन बाद अंतिम संस्कार भोपाल में रिटायर्ड जज की बहू और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा का मौत के 12 दिन बाद रविवार को अंतिम संस्कार किया गया। भदभदा श्मशान घाट में एक्ट्रेस के भाई मेजर हर्षित ने ट्विशा को मुखाग्नि दी। इस दौरान ट्विशा की मां और परिवार रोते रहे। पढ़ें पूरी खबर…
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