Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    अहमदाबाद AI-171 हादसाः टेकऑफ के बाद के वो 6 सेकंड, जिसके डेटा में छिपा है 260 मौतों का पूरा सच

    6 hours ago

    1

    0

    गुजरात के अहमदाबाद में पिछले साल एअर इंडिया के विमान AI-171 के हादसे की पूरी उड़ान सिर्फ 32 सेकंड की थी, लेकिन एक्सपर्ट्स मानते हैं कि असली पहेली उससे भी छोटी है. दरअसल, ये पूरी घटना विमान के हवा में उठने से लेकर दोनों इंजनों का फ्यूल कटने तक का वक्त का है. ब्लैक बॉक्स में दर्ज इन्हीं 6 सेकंड के डेटा में वह जवाब छिपा है, जिसका पूरी दुनिया एक साल से इंतजार कर रही है कि स्विच बंद किसने किए- इंसान ने, मशीन ने या सॉफ्टवेयर ने? सेकंड-दर-सेकंड क्या हुआ था? एविएशन एक्सपर्ट कैप्टन प्रशांत ढल्ला ने इस संबंध में बताया कि ब्लैक बॉक्स के डेटा से हादसे की पूरी टाइमलाइन सामने है और हर जवाब पाने के लिए उसमें सिर्फ वो 6 सेकंड समझना ही सबसे जरूरी है. इसको ऐसे समझें कि उस दिन दोपहर 1 बजकर 38 मिनट 39 सेकंड पर विमान के एयर-ग्राउंड सेंसर एयर मोड में गए यानी विमान ने जमीन छोड़ी. 1:38:42 बजे विमान ने अपनी अधिकतम रफ्तार 180 नॉट्स छुई और ठीक उसके तुरंत बाद इंजन 1 और इंजन 2 के फ्यूल कटऑफ स्विच एक-एक करके सिर्फ एक सेकंड के अंतर पर RUN से CUTOFF पोजिशन में चले गए. दोनों इंजनों की ताकत गिरने लगी यानी 1:38:39 से 1:38:44 के बीच इन्हीं करीब 6 सेकंड में सब कुछ हो गया और उड़ता हुआ भरा-पूरा विमान बिना ताकत के ग्लाइडर बन गया. इसी दौरान कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डिंग में एक पायलट दूसरे से पूछता है कि तुमने फ्यूल क्यों काटा - दूसरा जवाब देता है कि मैंने नहीं काटा. फिर बचाने की कोशिश के 27 सेकंड इसके बाद जो हुआ वह वापसी की नाकाम कोशिश थी. 1:38:47 बजे इमरजेंसी सिस्टम रैम एयर टर्बाइन यानी RAT का हाइड्रोलिक पंप काम करने लगा. 1:38:52 बजे इंजन 1 का स्विच वापस RUN पर लाया गया. 1:38:56 बजे इंजन 2 का स्विच भी RUN पर आया. रिपोर्ट के मुताबिक, हवा में स्विच वापस RUN पर लाने पर इंजन का FADEC सिस्टम अपने आप इंजन को दोबारा चालू करने की प्रक्रिया शुरू कर देता है. दोनों इंजनों का तापमान बढ़ने लगा यानी रीलाइट शुरू हुई. इंजन 1 संभलने लगा था, लेकिन इंजन 2 दोबारा चालू होकर भी अपनी गिरती रफ्तार नहीं रोक पाया. इसके बाद, दोपहर 1 बजकर 39 मिनट 5 सेकंड पर मेडे कॉल हुई और 1:39:11 बजे रिकॉर्डिंग बंद हो गई. विमान मेडिकल कॉलेज की इमारतों से टकरा चुका था यानी कहानी साफ है. बचाने की कोशिश हुई, इंजन जवाब भी देने लगे थे, लेकिन इतनी कम ऊंचाई पर वक्त ही नहीं बचा था. असली सवाल पीछे के उन 6 सेकंड का है, जब स्विच बंद हुए. क्या-क्या बता सकता है उन 6 सेकंड का डेटा? यहीं पर फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर की बारीकी काम आती है. डेटा यह बता चुका है कि स्विच की पोजिशन बदली, लेकिन सबसे बड़ा फर्क इस बात से पड़ता है कि स्विच की पोजिशन बदलने का सिग्नल कहां से आया. अगर कॉकपिट में स्विच सच में हाथ से हिलाए गए तो डेटा में उसका पैटर्न अलग होगा. अगर स्विच अपनी जगह पर रहे और सिर्फ इलेक्ट्रिकल सिग्नल बदला तो वह किसी तकनीकी या सॉफ्टवेयर गड़बड़ी की ओर इशारा करेगा. इन्हीं 6 सेकंड के दौरान विमान के इलेक्ट्रिकल सिस्टम, फ्लाइट कंप्यूटर और इंजन कंट्रोल यूनिट में जो कुछ दर्ज हुआ वही तय करेगा कि जिम्मेदारी किसकी है. यही वजह है कि हर पक्ष इसी डेटा की ओर देख रहा है. कारवां पत्रिका की स्वतंत्र पड़ताल का दावा है कि फ्लाइट कंप्यूटर के रीबूट के बाद सॉफ्टवेयर की गड़बड़ी से फ्यूल कटऑफ हुआ. अमेरिका में पीड़ित परिवारों का मुकदमा कहता है कि स्विच की डिजाइन ऐसी थी कि वे गलती से कटऑफ में जा सकते थे और कुछ विदेशी मीडिया रिपोर्ट्स पायलट की ओर इशारा करती रही हैं और अब तीनों दावों का फैसला उन्हीं 6 सेकंड का डेटा करेगा. किन बातों को डेटा पहले ही कर चुका खारिज इन 6 सेकंड के डेटा ने कई शुरुआती थ्योरी पहले ही खत्म कर दी हैं. विमान के रास्ते में कोई बर्ड एक्टिविटी नहीं थी. फ्यूल के सैंपल जांच में सही पाए गए. विमान के पास वैध एयरवर्दिनेस सर्टिफिकेट थे और जो छोटी-मोटी रखरखाव की कमियां थीं, उनका फ्यूल कंट्रोल से कोई लेना-देना नहीं था. थ्रस्ट लीवर उड़ान के दौरान टेकऑफ पावर पर ही सेट थे जो पुष्टि करता है कि फ्यूल हवा में ही कटा यानी पक्षी, खराब फ्यूल और रखरखाव की लापरवाही तीनों थ्योरी डेटा से ही खारिज हो चुकी हैं. अब किस बात का इंतजार? बताया जा रहा है कि जवाब का आखिरी टुकड़ा अमेरिका में है. हादसे वाले विमान के दोनों इंजन जांच के लिए ओहायो में जीई एयरोस्पेस की फैसिलिटी भेजे गए हैं. इंजनों की अंदरूनी जांच यह पुख्ता करेगी कि उन 6 सेकंड में इंजनों के भीतर क्या हुआ और फ्यूल कटने की कड़ी कहां से शुरू हुई. जब तक यह जांच पूरी नहीं होती फाइनल रिपोर्ट नहीं आ सकती. एक साल बाद भी सच उन्हीं 6 सेकंड में बंद है. ब्लैक बॉक्स ने सब कुछ रिकॉर्ड कर लिया था. बस उसकी पूरी कहानी सुनाना अभी बाकी है. यह भी पढे़ंः Ahmedabad Plane Crash: अहमदाबाद हादसे की फाइनल रिपोर्ट क्यों अटकी हुई है ? क्या अमेरिका में हो रही इंजन जांच बनी वजह
    Click here to Read more
    Prev Article
    अगले एक हफ्ते में दक्षिण-पश्चिम मानसून दिखाएगा असर, दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत के राज्यों में बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट
    Next Article
    बस्तर में खेतों तक पानी, युवाओं को काम और... नीति आयोग की बैठक में CM विष्णुदेव साय ने रखा विकसित छत्तीसगढ़ का विजन

    Related भारत Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment