Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    'CBSE में बैठे हैं जेबकतरे', कॉपी री-चेकिंग में फीस वसूली पर बोले राहुल गांधी, कहा- कमाई कर रही सरकार

    6 days ago

    1

    0

    कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैनिंग और पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर केंद्र सरकार तथा शिक्षा मंत्रालय पर तीखा हमला बोला है. राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि CBSE की गलतियों का खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है और अपनी ही उत्तर पुस्तिका की सही जांच कराने के लिए विद्यार्थियों से भारी शुल्क वसूला जा रहा है. 'CBSE की गलती, सजा बच्चे की और कमाई सरकार की'राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, "जेबकतरों से सावधान, आज वो CBSE के अंदर बैठे हैं." उन्होंने सवाल उठाया कि यदि CBSE की गलती से किसी छात्र के अंक गलत आ जाएं तो उसे सुधारने के लिए भी छात्रों को भुगतान करना पड़ता है. राहुल गांधी ने शुल्क का विवरण साझा करते हुए कहा कि डिजिटल स्कैन कॉपी प्राप्त करने के लिए 100 रुपये प्रति विषय, री-टोटलिंग के लिए 100 रुपये प्रति पेपर और री-इवैल्यूएशन के लिए 25 रुपये प्रति प्रश्न देना पड़ता है. उन्होंने कहा कि अपनी ही उत्तर पुस्तिका की सही जांच करवाने के लिए एक छात्र को करीब 2000 रुपये तक खर्च करने पड़ सकते हैं. '4 लाख आवेदन आए तो कितनी कमाई हुई होगी?'राहुल गांधी ने दावा किया कि जब लगभग 4 लाख छात्रों ने इस तरह के आवेदन किए हैं तो यह सोचना चाहिए कि CBSE इससे कितनी कमाई कर रहा होगा. उन्होंने आरोप लगाया कि जब उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैनिंग मोबाइल फोन से की गई हो तो गलत मार्किंग की संभावना बढ़ जाती है और फिर उस गलती को सुधारने की कीमत भी छात्रों से ही वसूली जाती है. जेबकतरों से सावधान - आज वो CBSE के अंदर बैठे हैं। CBSE की गलती से नंबर ग़लत आए तो आपको क्या मिलता है?एक bill:Digital scan copy: ₹100/विषयRe-totalling: ₹100/paperRe-evaluation: ₹25/सवालअपनी ही answer sheet की सही जाँच के लिए एक बच्चे को ₹2000 तक भरने पड़ सकते हैं।… pic.twitter.com/H0WS1xF6Zf — Rahul Gandhi (@RahulGandhi) June 1, 2026 'शिक्षा को सेवा नहीं, कारोबार बना दिया गया'कांग्रेस नेता ने कहा कि जब शिक्षा को सेवा की जगह कारोबार बना दिया जाता है तो गलतियों को सुधारा नहीं जाता, बल्कि उन्हें बढ़ाया जाता है. उन्होंने कहा कि इसकी सबसे बड़ी कीमत देश के बच्चे चुका रहे हैं. बच्चों का समय, आत्मविश्वास और भविष्य इस व्यवस्था की वजह से प्रभावित हो रहा है. यूजर की पोस्ट को री-पोस्ट कर उठाए सवालइससे पहले राहुल गांधी ने एक सोशल मीडिया यूजर की पोस्ट को री-पोस्ट करते हुए भी CBSE और केंद्र सरकार पर निशाना साधा था. यूजर ने 12वीं कक्षा की कई उत्तर पुस्तिकाओं की तस्वीरें साझा करते हुए सवाल उठाया था कि यदि इन कॉपियों को स्कैन करने के लिए स्कैनर का उपयोग किया गया था, तो फिर उनकी गुणवत्ता और स्थिति ऐसी क्यों दिखाई दे रही है. सार्थक सिद्धांत नाम के यूजर ने CBSE के आधिकारिक एक्स हैंडल को टैग करते हुए पूछा था कि अब जबकि ये कॉपियां सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं, क्या बोर्ड इस पूरे मामले पर स्पष्टीकरण देना चाहेगा? टेंडर की शर्तों को लेकर भी उठाए सवालराहुल गांधी ने अपने पोस्ट में दावा किया कि मई 2025 में जारी किए गए CBSE के टेंडर में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैनिंग ऑटोमैटिक रोबोटिक स्कैनर से की जाएगी. उन्होंने कहा कि टेंडर में यह भी शर्त थी कि उत्तर पुस्तिकाओं की बाइंडिंग सुरक्षित रखी जाएगी और कम से कम 300 DPI रेजोल्यूशन पर स्कैनिंग की जाएगी. 'दूसरे टेंडर में शर्तें चुपचाप हटा दी गईं'राहुल गांधी का आरोप है कि अगस्त में दोबारा जारी किए गए टेंडर से इन महत्वपूर्ण शर्तों को चुपचाप हटा दिया गया. उन्होंने कहा कि "स्कैनर" शब्द को सामान्य कर दिया गया और स्कैनिंग का न्यूनतम रेजोल्यूशन 300 DPI से घटाकर 200 DPI कर दिया गया. मोबाइल फोन से स्कैनिंग का दावाराहुल गांधी ने दावा किया कि अब यह सामने आ गया है कि वास्तव में इसका क्या मतलब था. उन्होंने कहा कि खुलासा हुआ है कि COEMPT नामक एजेंसी ने उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैनिंग मोबाइल फोन से की थी. राहुल गांधी ने पूरे मामले की पारदर्शी जांच की मांग करते हुए कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े ऐसे मामलों में जवाबदेही तय होनी चाहिए और शिक्षा व्यवस्था को मुनाफे का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए.
    Click here to Read more
    Prev Article
    अभिषेक बनर्जी पर हमले को लेकर भड़के कपिल सिब्बल, बोले- बेहद शर्मनाक है कि सत्ताधारी पार्टी...
    Next Article
    'खराब स्क्रिप्ट और घटिया एक्टिंग', अभिषेक बनर्जी पर हमले को लेकर बीजेपी ने कसा तंज, जानें और क्या कहा?

    Related भारत Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment