Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Coaching Hubs: कोटा-पटना और मुखर्जीनगर... देश में कितने हैं कोचिंग हब, जानें कितने करोड़ की करते हैं कमाई?

    17 hours ago

    1

    0

    Coaching Hubs: 2 जून 2026 की रात को पटना के मुसल्लहपुर हाट इलाके में अफरा-तफरी मच गई. इस जगह को बिहार का सबसे बड़ा एजुकेशनल हब कहा जाता है. यहीं पर स्थित है मशहूर एजुकेटर फैजल खान यानी 'खान सर' का कोचिंग सेंटर 'खान ग्लोबल स्टडीज'. खान सर ने दावा किया कि उनके सेंटर के बाहर फायरिंग हुई, सुरक्षा गार्ड को बुरी तरह पीटा गया और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. उन्होंने यहां तक कहा कि 8-10 राउंड फायरिंग हुई. हालांकि, अगले दिन ही पुलिस ने इस दावे से इनकार कर दिया. पुलिस ने ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर समेत तीन लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया. इसी घटना के बाद अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर भारत का कोचिंग उद्योग कितना बड़ा है और देश में कौन-कौन से शहर कोचिंग हब के रूप में जाने जाते हैं. कोटा अब भी देश की कोचिंग राजधानी जब भी कोचिंग हब की बात होती है तो सबसे पहले राजस्थान के कोटा का नाम सामने आता है. इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए यह शहर पूरे देश में मशहूर है. हर साल लाखों छात्र यहां पढ़ने आते हैं. कोटा में कोचिंग के साथ-साथ हॉस्टल, पीजी, लाइब्रेरी, मेस और स्टेशनरी का भी बड़ा कारोबार चलता है. यही वजह है कि यहां की स्थानीय अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा छात्रों पर निर्भर करता है. पिछले कुछ वर्षों में ऑनलाइन पढ़ाई बढ़ने के बावजूद कोटा की लोकप्रियता बनी हुई है और यह आज भी देश का सबसे बड़ा कोचिंग केंद्र माना जाता है. यह भी पढ़ेंः 23 साल की चारु पांडे ने रचा इतिहास, SSC, IBPS, SBI समेत 19 एग्जाम क्रैक कर बनीं अफसर पटना तेजी से बना दूसरा सबसे बड़ा कोचिंग हब पिछले कुछ वर्षों में बिहार की राजधानी पटना ने कोचिंग सेक्टर में तेजी से पहचान बनाई है. रिपोर्ट्स और विभिन्न अनुमानों के अनुसार बिहार में करीब 6,383 कोचिंग संस्थान चल रहे हैं. इनमें लगभग 1,256 कोचिंग संस्थान अकेले पटना में मौजूद हैं. अनुमान है कि पटना का कोचिंग उद्योग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 15 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के आर्थिक कारोबार को प्रभावित करता है. हर साल करीब 2 लाख छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं, इंजीनियरिंग, मेडिकल, एसएससी, बैंकिंग, रेलवे, यूपीएससी और बीपीएससी जैसी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले संस्थानों की संख्या लगातार बढ़ रही है. खान सर, बीपीएससी, एसएससी, रेलवे और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले कई बड़े संस्थानों ने पटना को पूर्वी भारत का प्रमुख शिक्षा केंद्र बना दिया है. शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का अनुमान है कि पटना का कोचिंग उद्योग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 15 हजार करोड़ रुपये के आर्थिक कारोबार को प्रभावित करता है. इसमें कोचिंग फीस के साथ-साथ हॉस्टल, पीजी, मकान किराया, भोजन, परिवहन, पुस्तकें, स्टेशनरी और अन्य खर्च भी शामिल हैं. यही कारण है कि पटना अब केवल बिहार की राजधानी नहीं, बल्कि पूर्वी भारत के सबसे बड़े शिक्षा केंद्रों में शामिल हो चुका है. मुखर्जीनगर समेत कई शहरों में फैला है बड़ा नेटवर्क दिल्ली का मुखर्जीनगर भी देश के सबसे चर्चित कोचिंग हब में गिना जाता है. यहां खास तौर पर यूपीएससी, एसएससी और अन्य सरकारी नौकरी की परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र बड़ी संख्या में आते हैं. इसके अलावा प्रयागराज, जयपुर, हैदराबाद और पुणे जैसे शहर भी कोचिंग उद्योग के बड़े केंद्र बन चुके हैं. इन शहरों में सिर्फ कोचिंग संस्थान ही नहीं, बल्कि हॉस्टल, किराये के मकान, भोजनालय, पुस्तक दुकानें और लाइब्रेरी भी हजारों लोगों को रोजगार देती हैं. शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि भारत का कोचिंग उद्योग लगातार बढ़ रहा है और आने वाले वर्षों में इसका आकार और बड़ा हो सकता है. यह भी पढ़ेंः JEE, NEET और CUET कराने वाली NTA के बारे में कितना जानते हैं आप?
    Click here to Read more
    Prev Article
    MBA की पढ़ाई के लिए सरकार दे रही आर्थिक मदद, जानिए किन स्कॉलरशिप का उठा सकते हैं फायदा
    Next Article
    CA Abhishek Vaishya Success Story : सब्जियां बेचकर बना CA, अब मां बाप को गिफ्ट दिया एक करोड़ का घर

    Related शिक्षा Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment