डॉक्टरी नहीं आई रास, तो बन गए शायर, 1 मुशायरे ने पहुंचा दिया बॉलीवुड, लिखे थे ये 4 कालजयी गाने
3 weeks ago
मशहूर गीतकार मजरूह सुल्तानपुरी का जन्म 1 अक्टूबर 1919 को हुआ था. पेशे से हकीम रहे मजरूह साहब की जिंदगी तब बदली, जब 1945 के एक मुशायरे में उनकी शायरी से फिल्ममेकर एआर कारदार बेहद प्रभावित हुए. एआर कारदार ने उन्हें संगीतकार नौशाद से मिलवाया, जिसके बाद उन्हें फिल्म 'शाहजहां' (1946) से बड़ा ब्रेक मिला. उन्होंने नौशाद से लेकर एआर रहमान तक कई पीढ़ियों के संगीतकारों के साथ काम किया. उन्होंने 'चाहूंगा मैं तुझे सांझ सवेरे' जैसे अनगिनत सदाबहार गीत दिए. वह दादासाहेब फाल्के पुरस्कार पाने वाले पहले गीतकार थे. 24 मई 2000 को उनका निधन हो गया.
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