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    Fuel: पेट्रोल भरवाते वक्त रहें सावधान, नहीं तो आपका होगा बड़ा नुकसान !

    6 hours ago

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    Auto Cut: अगर आप गाड़ी चलाते है तो, आपके मन भी एक सवाल जरूर आता होगा कि, क्या ऑटो-कट के बाद भी पेट्रोल भरवाना चाहिए या नहीं? अक्सर जब भी आप अपनी कार या बाइक में पेट्रोल भरवाते हैं, तो टैंक फुल होने के करीब पेट्रोल पंप की नोजल से अचानक 'कट्ट' की आवाज आती है और फ्यूल का फ्लो रुक जाता है. कई लोग इसी पॉइंट पर पेट्रोल भरवाना बंद कर देते हैं, तो कुछ इसके बाद भी गाड़ी में पेट्रोल भरवाते हैं. आइए समझते हैं कि ऑटो-कट कैसे काम करता है और इसके बाद अतिरिक्त पेट्रोल भरवाना चाहिए या नहीं. क्या होता है ऑटो-कट? फ्यूल के नोजल से ‘कट्ट’ की आवाज आ गई है, मतलब Auto Cut हो चुका है. मतलब टंकी फुल हो चुकी है. पेट्रोल पंप की नोजल में एक ऑटोमैटिक सेंसर लगा होता है. जब गाड़ी का टैंक लगभग भर जाता है, तो यह सेंसर उसे पहचान लेता है और फ्यूल की सप्लाई अपने आप बंद कर देता है. इसी प्रक्रिया को ऑटो-कट कहा जाता है. Petrol-Diesel Price Today: 1 जून को जारी हुए पेट्रोल-डीजल के नए रेट, टैंक फुल कराने से पहले चेक करें अपने शहर का भाव ऑटो-कट का मकसद दरअसल, ऑटो-कट का मकसद टैंक को जरूरत से ज्यादा भरने से रोकना और पेट्रोल के बाहर निकलने से बचाना होता है. यानी आपको ऑटो-कट लगने के बाद और पेट्रोल भरवाने की जरूरत नहीं होती है.बाइक हो या कार, अक्सर हम उसे हिलाकर एक्स्ट्रा तेल भरवाते हैं. ऐसा करने से थोड़ा तेल तो गाड़ी में जरूर आ जाता है मगर यही थोड़ा तेल आपकी गाड़ी को ज्यादा नुकसान पहुंचा सकता है. SIP: मात्र 1000 की मंथली एसआईपी से बनाना है 5 लाख का फंड? जानें कितने साल लगेंगे ऑटो-कट के बाद फ्यूल भरवाने का नुकसान ? गाड़ी का EVAP सिस्टम खराब हो सकता है अमेरिकी पर्यावरण संरक्षण एजेंसी (EPA) के मुताबिक, ऑटो-कट के बाद बार-बार फ्यूल भरवाने से गाड़ी के फ्यूल सिस्टम को नुकसान पहुंच सकता है. मिसाल के तौर पर Evaporative Emission Control (EVAP) फ्यूल में से निकलने वाले खतरनाक तत्वों को वातावरण में जाने से रोकता है. यह सिस्टम ऐसे तत्वों को एक कार्बन चेंबर के जरिए वापस से इंजन की तरफ धकेलता है जिससे वो जलकर खत्म हो जाते हैं. फ्यूल सिस्टम फ्यूज़ होगा गाड़ी की टंकी को इस तरीके से डिजाइन किया जाता है जिससे उसके अंदर थोड़ी खाली जगह बची रहे. ऐसा इसलिए क्योंकि तापमान बढ़ने से फ्यूल भाप बनकर उड़ता है, स्पेशली गर्मियों के दिनों में. ऐसा होने से टैंक पर प्रेशर पड़ता है. टंकी में बची हुई खाली जगह इस प्रेशर को एडजस्ट करने का काम करती है. मगर जो आपने ये जगह छोड़ी ही नहीं तो फिर प्रेशर के चलते फ्यूल पंप के फटने का डर होता है.
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