इमरान हाशमी की फिल्म की शूटिंग पर हरिद्वार में बवाल:सेट पर लगाया 'बार' का बोर्ड; हिंदूवादी संगठनों ने काटा हंगामा, हटाना पड़ा नाम
2 hours ago
हरिद्वार में बॉलीवुड एक्टर इमरान हाशमी की फिल्म की शूटिंग के दौरान बार एंड रेस्टोरेंट के सीन को लेकर विवाद हो गया। जैसे ही हरिद्वार में कुछ हिंदूवादी संगठनों और तीर्थ पुरोहितों को बार एंड रेस्टोरेंट के सेट के बारे में पता चला, तो वे मौके पर पहुंच गए। इसके बाद वहां जोरदार विरोध शुरू हो गया। बढ़ते विरोध को देखते हुए फिल्म यूनिट और भवन संचालकों को बोर्ड से “बार” शब्द हटाना पड़ा, जिसके बाद मामला शांत हो सका। शूटिंग कर रहे लोगों की तरफ ये नहीं बताया गया कि किस फिल्म की शूटिंग चल रही थी। मामले को लेकर भी एक्टर की तरफ से अब तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। तस्वीरें देखिए- कैसे शुरू हुआ विवाद हरिद्वार के श्रवणनाथ नगर स्थित भटिया भवन का है, जहां पिछले कुछ दिनों से बॉलीवुड एक्टर इमरान हाशमी की फिल्म की शूटिंग चल रही थी। बुधवार देर रात फिल्म के एक दृश्य की शूटिंग के लिए मकान के बाहर "बार एंड रेस्टोरेंट" का बोर्ड लगाया गया। इसकी जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए और विरोध शुरू कर दिया। विरोध कर रहे लोगों का कहना था कि हरिद्वार विश्व प्रसिद्ध तीर्थनगरी है, जहां करोड़ों श्रद्धालु अपनी आस्था लेकर आते हैं। ऐसे में शहर के अंदर बार का बोर्ड लगाना धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला कदम है। लोगों ने आरोप लगाया कि फिल्मों की शूटिंग के नाम पर हरिद्वार की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। देर रात तक चली बहस विरोध बढ़ने पर व्यापारियों, समाजसेवियों, भवन संचालकों और फिल्म यूनिट के सदस्यों के बीच देर रात तक बहस होती रही। लोगों ने स्पष्ट कहा कि धर्मनगरी की गरिमा और मर्यादा के साथ किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। आखिरकार विरोध के दबाव में बोर्ड से "बार" शब्द हटा दिया गया, जिसके बाद मामला शांत हुआ। मां गंगा व्यापार मंडल के अध्यक्ष कशिश भाटिया ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली थी कि भवन के बाहर "बार एंड रेस्टोरेंट" का बोर्ड लगाया गया है। उन्होंने कहा कि हरिद्वार एक पवित्र तीर्थस्थल है, जहां मांस और मदिरा प्रतिबंधित हैं। ऐसे में शूटिंग के लिए भी इस तरह का बोर्ड लगाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि जनभावनाओं का सम्मान करते हुए बोर्ड से "बार" शब्द हटा दिया गया। समाजसेवी करण पंडित ने कहा कि जिस स्थान पर बोर्ड लगाया गया था, वहां से कुछ ही दूरी पर मां गंगा का पावन तट स्थित है। उन्होंने कहा कि हरिद्वार की धार्मिक पहचान और आस्था के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चाहे कोई फिल्म निर्माता हो या किसी बड़े उद्योग से जुड़ा व्यक्ति, धर्मनगरी की मर्यादा सर्वोपरि है। तीर्थ पुरोहितों ने भी उठाए सवाल तीर्थ पुरोहित उज्जवल पंडित ने कहा कि हरिद्वार की पवित्रता बनाए रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि लोगों के विरोध के कारण ही बोर्ड हटाया गया और यह शहरवासियों की जागरूकता का परिणाम है। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में भी यदि कोई हरिद्वार की धार्मिक पहचान को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करेगा तो उसका विरोध किया जाएगा। पूरे विवाद के दौरान यह स्पष्ट नहीं हो सका कि किस फिल्म की शूटिंग चल रही थी। फिल्म यूनिट से जुड़े लोगों ने केवल इतना कहा कि उनके पास शूटिंग की अनुमति है, लेकिन फिल्म का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया। बताया जा रहा है कि शूटिंग के लिए मुंबई से कलाकार और तकनीकी टीम हरिद्वार पहुंची हुई है। इस घटना के बाद एक बार फिर यह बहस शुरू हो गई है कि धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में फिल्मांकन के दौरान स्थानीय परंपराओं, आस्थाओं और जनभावनाओं का कितना ध्यान रखा जाना चाहिए। हम इस खबर को अपडेट कर रहे हैं…
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