कश्मीर के गुलमर्ग रोपवे में खराबी, 300 पर्यटकों का रेस्क्यू:7 घंटे ऑपरेशन चला; 65 ट्रॉली हवा में फंसीं, कई 500 फीट ऊंचाई पर थीं
1 week ago
जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में एशिया के सबसे ऊंचे रोपवे गोंडोला (रोपवे) में सोमवार को तकनीकी खराबी आने से करीब 300 पर्यटक बीच हवा में फंस गए। करीब सात घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। रोपवे के 65 केबिन दोपहर करीब 2 बजे से बीच हवा में रुक गए थे। कुछ केबिन जमीन से करीब 500 फीट की ऊंचाई पर थे। एक केबिन में 6 लोग बैठ सकते हैं। भारी बारिश के बीच SDRF, NDRF, सेना और पुलिस ने जॉइंट ऑपरेशन चलाया। शाम 8.30 बजे रेस्क्यू खत्म हुआ। भारतीय सेना ने X पर बताया कि शुरुआती पांच घंटों में 179 पर्यटकों को निकाला गया था। ज्यादातर लोगों को रस्सियों और सीढ़ियों के सहारे नीचे उतारा गया। इनमें कई महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी थे। गुलमर्ग गोंडोला दो फेज में बंटा है। पहला फेज गुलमर्ग को कोंगडोरी से जोड़ता है। दूसरा फेज कोंगडोरी से अफरवात स्टेशन तक जाता है। दोनों रूट में कुल 108 केबिन कार हैं। श्रीनगर से गुलमर्ग गोंडोला की दूरी 51 किमी है। मैप से समझिए, कहां है गुलमर्ग गोंडोला गुलमर्ग गोंडोला में 24 घंटे में दूसरी बार तकनीकी खराबी सूत्रों के मुताबिक, गुलमर्ग गोंडोला में रविवार को भी तकनीकी गड़बड़ी आई थी, हालांकि मरम्मत के बाद सोमवार को सेवा दोबारा शुरू कर दी गई थी। 24 घंटे के भीतर दूसरी बार फिर से तकनीकी खराबी आ गई, जिससे सैकड़ों पर्यटक फंस गए। इससे पहले गुलमर्ग गोंडोला में 25 जून 2017 को हादसा हुआ था। तेज आंधी के दौरान एक पेड़ गोंडोला की केबल लाइन पर गिर गया। इससे एक केबिन जोर से झूलने लगा और उसके शीशे टूट गए। केबिन में सवार लोग करीब 100 फीट नीचे गिर गए, जिससे सात लोगों की मौत हो गई थी। रेस्क्यू की 6 तस्वीरें… गुलमर्ग रोपवे दुनिया का तीसरा सबसे ऊंचा केबल रोपवे भारत के प्रमुख रोपवे हादसे 1. देवघर रोपवे हादसा (10 अप्रैल 2022) झारखंड के देवघर स्थित त्रिकूट पर्वत पर रोपवे ट्रॉलियां बीच हवा में फंस गई थीं। 3 दिनों के दौरान करीब 48 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चला। भारतीय वायुसेना ने हेलिकॉप्टर से कई लोगों को निकाला। कुल 47 लोगों का बचाया गया। 3 लोगों की मौत हो गई थी। 2. गुलमर्ग गोंडोला हादसा (23 अप्रैल 2017) जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग गोंडोला में तेज हवाओं के कारण एक पेड़ गिरकर केबल से टकरा गया, जिससे कई केबिन प्रभावित हुए। एक केबिन में सवार सात लोग करीब 100 फीट नीचे गिर गए। हादसे में सबकी मौत हो गई थी। 3. दार्जिलिंग रोपवे हादसा (19 अक्टूबर 2003) पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में रंगीत रोपवे की तीन केबल कारें केबल से अलग होकर लगभग 50-60 फीट नीचे घाटी में गिर गईं। इस हादसे में तीन महिलाओं और एक बच्चे सहित कुल 4 पर्यटकों की मौत हो गई थी, जबकि 11 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे। ------------------------------------- ये खबरें भी पढ़ें… चेन्नई में यात्री चलती फ्लाइट का इमरजेंसी गेट खोलकर कूदा: विमान रनवे से टर्मिनल की तरफ जा रहा था चेन्नई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान एयर अरेबिया की चलती फ्लाइट में एक यात्री इमरजेंसी गेट खोलकर नीचे कूद गया। यह फ्लाइट शारजाह से चेन्नई पहुंची थी और इसमें 231 यात्री सवार थे। एयरबस A320 मॉडल की फ्लाइट G9 471 रनवे से टर्मिनल की ओर बढ़ रही थी। घटना के बाद पायलट ने तुरंत विमान को रोक दिया और एयरपोर्ट अधिकारियों को सूचना दी। पूरी खबर पढ़ें… हैदराबाद-हुबली फ्लाइट 2 घंटे हवा में चक्कर काटती रही:खराब मौसम के चलते हिलने लगा प्लेन; पैसेंजर रोते नजर आए हैदराबाद से हुबली जा रही Fly-91 एयरलाइन की एक फ्लाइट खराब मौसम के चलते 2 घंटे हवा में ही चक्कर काटती रही। खराब मौसम की वजह से प्लेन में सवार पैसेंजर्स को तेज झटके महसूस हुए, जिससे वे घबरा गए। सोशल मीडिया में वायरल VIDEO में पैसेंजर रोते हुए और हाथ जोड़कर प्रार्थना करते दिख रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…
Click here to Read more
.png)

