मचान विधि से करें तुरई की खेती, एक बीघा में 100000 की कमाई, किसानो के लिए है फायदे का सौदा
3 hours from now
मचान विधि में खेत में बांस, लकड़ी या लोहे के पाइपों की सहायता से ऊंचा ढांचा तैयार किया जाता है. इसके ऊपर तार या रस्सियों का जाल बिछाया जाता है, जिस पर तुरई की बेलों को चढ़ाया जाता है. इससे बेलें जमीन पर फैलने के बजाय ऊपर की ओर बढ़ती हैं और फलों का विकास बेहतर तरीके से होता है. मचान पर चढ़ी हुई बेलों को पर्याप्त धूप और हवा मिलती है, जिससे रोगों और कीटों का प्रकोप कम होता है साथ ही फल सीधे और आकर्षक आकार के बनते हैं, जिन्हें बाजार में बेहतर कीमत मिलती है.
Click here to Read more
- Releted topics:
- India ,
- Top Stories ,
- भारत ,
- World ,
- વિશ્વ ,
- दुनिया ,
- Business ,
- વેપાર
.png)