महराजगंज में आज भी सदियों पुराने कुंओं से निकलता है पानी, कहा जाता है पाताल तोड़ कुंआ, जानिए रहस्य
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पाताल तोड़ का मतलब यह होता है कि बोर करने के दौरान एक ऐसा चट्टान मिलता है, जो बहुत ही कठोर होता है. जब हम इस चट्टान को बोरिंग के दौरान तोड़कर पार कर करने के बाद जल निकालते हैं तब वह जल स्वाद में बहुत मीठा होता है और स्वच्छ भी होता है. इसके पीछे की वजह यह होती है कि प्राकृतिक फिल्ट्रेशन की वजह से यह जल बहुत ही स्वच्छ होता है और इसमें प्रदूषण की कोई संभावना नहीं होती और उनमें केमिकल की मात्रा भी बहुत कम होती है.
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