ममता बनर्जी के खिलाफ कोलकाता में FIR:चुनाव प्रचार के दौरान भड़काऊ भाषण देने का आरोप; भतीजे अभिषेक के घर CID पहुंची
4 hours ago
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ कोलकाता के हेयर स्ट्रीट थाने में FIR दर्ज की गई है। ममता पर आरोप है कि उन्होंने 9 मार्च को चुनाव प्रचार के दौरान भड़काऊ भाषण दिया था। यह शिकायत तुषार कांती दास ने की है। उनका कहना है कि ममता के बयान से सांप्रदायिक सौहार्द और राज्य की लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुंच सकता था। इधर, फर्जी हस्ताक्षर मामले में शुक्रवार को CID की टीम TMC सांसद और पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी के घर पहुंची। इस दौरान अभिषेक के वकील भी वहां पहुंचे। एडवोकेट देबाशीष राय ने कहा कि CID ने हमें कोई सूचना नहीं दी है। फिलहाल हमें नहीं पता कि CID टीम यहां क्यों आई है। ममता के इस बयान पर FIR… किरेन रिजिजू ने कहा था- परेशान करने वाला बयान संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने 27 मई को ममता बनर्जी का भाषण X पर शेयर किया था। उन्होंने लिखा था- ममता जी का ये अब तक का सबसे परेशान करने वाला और अपमानजनक बयान है। लोगों की सुरक्षा किसी के सहारे नहीं, कानून और व्यवस्था के भरोसे होनी चाहिए। FIR को लेकर 3 मुख्य पाइंट्स… 16 दिन पहले सिलीगुड़ी में भी FIR हुई थी पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ 26 मई को सिलीगुड़ी साइबर थाने में FIR दर्ज की गई थी। उन्होंने 2025 में कोलकाता में आयोजित ईद कार्यक्रम के दौरान सनातन और हिंदू धर्म को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। विवाद उस बयान को लेकर है, जिसमें ‘गंदा धर्म’ जैसे शब्द इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया है। यह शिकायत वकील रिंकी चटर्जी सिंह ने की थी। पूरी खबर पढ़ें… अभिषेक बनर्जी को 14 जून को फिर बुलाया पश्चिम बंगाल CID ने TMC सांसद और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को 14 जून को फिर पूछताछ के लिए तलब किया है। जांच एजेंसी का कहना है कि गुरुवार को कोलकाता मुख्यालय में करीब साढ़े पांच घंटे चली पूछताछ के दौरान कई सवालों के स्पष्ट जवाब नहीं मिले। कुछ जरूरी दस्तावेज भी अब तक जमा नहीं किए गए हैं। अभिषेक गुरुवार को कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देश पर CID के सामने पेश हुए थे। इससे पहले वह तीन समन पर पेश नहीं हुए थे। अधिकारियों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान उन्होंने कई सवालों पर "मुझे नहीं पता" जवाब दिया। फर्जी साइन मामला? ये केस पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता विपक्ष, उपनेता विपक्ष और चीफ व्हिप की नियुक्ति से जुड़े प्रस्ताव में फर्जी हस्ताक्षरों के आरोप से जुड़ा है। अभिषेक बनर्जी ने विधानसभा अध्यक्ष को बताया था कि इन नियुक्तियों का फैसला 6 मई को हुई TMC विधायक दल की बैठक में लिया गया था। इसके बाद विधानसभा सचिवालय ने बैठक की कार्यवाही और मौजूद विधायकों के हस्ताक्षर मांगे थे। 20 मई को अभिषेक ने 70 विधायकों के हस्ताक्षर वाला दस्तावेज जमा किया। बाद में TMC के दो विधायकों ने शिकायत की कि 6 मई की बैठक में ऐसा कोई प्रस्ताव पारित नहीं हुआ था और उनसे 19 मई को हस्ताक्षर कराए गए थे। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि 6 मई की तारीख वाला प्रस्ताव बाद में तैयार किया गया और उसमें कई हस्ताक्षर ब्लॉक लेटर में किए गए थे। विधानसभा सचिव की शिकायत पर 27 मई को हेयर स्ट्रीट थाने में धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। CID ने 28 मई को जांच अपने हाथ में ले ली। फर्जी साइन की शिकायत करने पर निकाले गए थे दोनों विधायक ममता बनर्जी ने TMC से 2 विधायक संदीपन साहा और ऋतब्रत बनर्जी को पार्टी से निकाल दिया था। दोनों ने स्पीकर से शिकायत की थी कि पार्टी ने शोभनदेव को नेता विपक्ष बनाने वाले प्रस्ताव में उनके उनके फर्जी साइन किए थे। साहा और बनर्जी का आरोप है कि यह शिकायत करने पर ही दोनों TMC से निकाले गए। इसके बाद 3 मई को पार्टी के 80 में से 58 विधायकों ने बागी नेता ऋतब्रत बनर्जी का समर्थन कर दिया। उन्हें विपक्ष का नेता चुना गया, जिसे विधानसभा अध्यक्ष से मान्यता भी मिल गई। --------------- ये खबर भी पढ़ें…. अभिषेक बनर्जी को कलकत्ता हाईकोर्ट से फर्जी-साइन केस में राहत:TMC बोली- नेता प्रतिपक्ष को सिर्फ पॉलिटिकल पार्टी चुन सकती है, विधायक दल नहीं कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को फेक सिग्नेचर मामले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी को तीन सप्ताह तक किसी भी कार्रवाई से राहत दी है। हालांकि कोर्ट ने उन्हें जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया। पूरी खबर पढ़ें…
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