मीनाक्षी का नामांकन रद्द करने का फैसला टिक पाएगा?:एक्सपर्ट बोले- रिटर्निंग ऑफिसर का निर्णय सही नहीं; जानिए आदेश के कानूनी पेंच
19 hours ago
मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र (पर्चा) खारिज कर दिया गया है। इस फैसले के बाद जहां कांग्रेस ने इसे 'लोकतंत्र की हत्या' करार दिया है, वहीं बीजेपी इसे पूरी तरह न्यायसंगत बता रही है। बता दें, राज्यसभा की तीन सीटों पर चुनाव होना है। दो सीटें बीजेपी के खाते में जाना तय है। तीसरी सीट पर बीजेपी ने महेश केवट को अपना उम्मीदवार घोषित किया था। केवट और मीनाक्षी के बीच मुकाबला था। अब नामांकन रद्द होने के बाद केवट का राज्यसभा में जाने का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है। आखिर रिटर्निंग ऑफिसर के बंद कमरे में क्या हुआ? किस नियम के तहत मीनाक्षी नटराजन का पर्चा खारिज किया गया? और इस फैसले में क्या कानूनी पेंच हैं? पढ़िए इस पूरे घटनाक्रम की इनसाइड स्टोरी और एक्सपर्ट एनालिसिस... दोपहर 2 बजे से शाम 6:30 बजे तक: रिटर्निंग ऑफिसर के कमरे का घटनाक्रम तय कार्यक्रम के मुताबिक 9 जून को राज्यसभा चुनाव के नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) हुई। दोपहर 2 बजे विधानसभा में रिटर्निंग ऑफिसर (RO) के कमरे में गहमागहमी शुरू हुई। मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पर RO का फैसला रिटर्निंग ऑफिसर के अनुसार, मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ तेलंगाना की कोर्ट में एक निजी शिकायत (परिवाद) दर्ज थी। कोर्ट ने 17 सितंबर 2025 को समन जारी कर उन्हें पेश होने का आदेश दिया था। रिटर्निंग ऑफिसर ने इस पर तीन बातें कही थीं… आखिरी फैसला: आदेश में कहा गया कि अधूरा एफिडेविट (फॉर्म 26) जमा किया गया और अहम जानकारी छिपाई गई। इसलिए हैंडबुक के अध्याय 6 के पॉइंट 10(xiii) के तहत नामांकन रद्द कर दिया गया। एक्सपर्ट व्यू: फैसले पर क्यों उठ रहे हैं सवाल? विधानसभा के पूर्व प्रमुख सचिव भगवानदेव इसराणी के अनुसार, नामांकन रद्द करने का फैसला नियमों के अनुसार पूरी तरह सही नहीं माना जा सकता। उन्होंने हैंडबुक के आधार पर तीन कानूनी पेंच बताए। अब कांग्रेस के पास क्या कानूनी विकल्प हैं? विकल्प 1: कांग्रेस चुनाव आयोग से समीक्षा की मांग कर सकती है। वह कह सकती है कि यह सिर्फ निजी शिकायत थी, एफआईआर नहीं। इसलिए शपथ पत्र में इसकी जानकारी देना जरूरी नहीं था। विकल्प 2: कांग्रेस हाईकोर्ट में याचिका दायर कर रिटर्निंग ऑफिसर (RO) के आदेश को चुनौती दे सकती है। इसे सबसे तेज और सबसे कारगर कानूनी तरीका माना जा रहा है। विकल्प 3: चुनाव और नतीजे के बाद कांग्रेस इलेक्शन पिटीशन के जरिए परिणाम को चुनौती दे सकती है। हालांकि, इसमें ज्यादा समय लगेगा। ---------------------------- ये खबरें भी पढ़ें… 1. एमपी-राज्यसभा उम्मीदवार नटराजन का नामांकन खारिज: कांग्रेस बोली-इसके खिलाफ कोर्ट जाएंगे, दिल्ली-भोपाल में चुनाव आयोग के बाहर धरना मध्य प्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन मंगलवार को खारिज कर दिया गया। बीजेपी की आपत्ति पर रिटर्निंग ऑफिसर अरविंद शर्मा ने ये फैसला लिया। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, अब तीनों सीटों पर भाजपा कैंडिडेट निर्विरोध हैं। पढ़ें पूरी खबर… 2. महेश केवट जीते तो पार्षद से सीधे पार्लियामेंट मेंबर बनेंगे:ओरछा के हरदौल बैठका की सेवा करता है परिवार, चढ़ावे से होता है गुजारा निवाड़ी जिले के ओरछा कस्बे के वार्ड नंबर 12 स्थित हरिशंकरी मुहल्ले में रहने वाले महेश केवट के राज्यसभा जाने का रास्ता लगभग साफ है। मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होने के बाद यदि कांग्रेस को कोर्ट से राहत नहीं मिलती है। पढ़ें पूरी खबर…
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