Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    पाकिस्तान से खरीदे गए थे 2 मोबाइल फोन, 4 साल तक रहे बंद... पहलगाम आतंकी हमले में चौंकाने वाला खुलासा

    1 week ago

    1

    0

    पहलगाम में बीते साल हुए आतंकी हमले की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. मामले की जांच में जुटी राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और जम्मू कश्मीर पुलिस के हाथ ऐसा सबूत लगा है, जिससे पाकिस्तान का नापाक चेहरा फिर बेनकाब हुआ है. आतंकी हमले में हमलावरों के इस्तेमाल किए गए फोन का पड़ोसी मुल्क से कनेक्शन मिला है. पाक से जुड़े तार इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पहलगाम हमले की जांच में आतंकवादियों के इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल फोन का कनेक्शन पाकिस्तान से जुड़ा मिला है. इन दोनों मोबाइल को 2021 और 2023 में खरीदा गया था, लेकिन यह कई साल तक बंद पड़े रहे और इनको पहलगाम हमले के दौरान पहली बार एक्टिव किया गया. इन मोबाइल को एनकाउंटर में मारे गए आतंकियों के पास से बरामद किया गया था. पहलगाम हमले में शामिल तीन आतंकियों फैसल उर्फ सलेमान शाह, हबीब ताहिर ऊर्फ जिब्रान और हमजा अफगानी को बीते साल 28 जुलाई 2025 को मलनार महादेव मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया था. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक इनके पास से शाओमी रेडमी सीरीज के दो मोबाइल मिले थे, जिसमें एक रेडमी 9T और दूसरा रेडमी नोट 12 था. हमले के समय एक्टिव किए गए दोनों फोन जांच में यह भी सामने आया है कि साल 2021 में पाकिस्तान के कराची की टेक सिरत कंपनी ने रेडमी 9T मोबाइल की पूरी खेप मंगवाई थी, इसके शिपमेंट की पेमेंट पाकिस्तान की फैसल बैंक ने की थी. शिपमेंट के डॉक्यूमेंट्स में लॉजिस्टिक कंपनी और डिलीवरी का एड्रेस फैसल बैंक की मेन ब्रांच शाहरा-ए फैसल कराची दर्ज था. दूसरा फोन 2023 में लाहौर की एयर लिंक कम्युनिकेशन कंपनी ने खरीदा था. दोनों मोबाइल कोपहलगाम आतंकी हमले के समय एक्टिव किया गया था. 22 अप्रैल 2025 को हुआ था पहलगाम अटैक यह हमला 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुआ था, जिसमें 26 लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. इस हमले को द रेजिस्टेंस फ्रंट ने अंजाम दिया था, जो पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का ही एक हिस्सा माना जाता है. आतंकियों ने लोगों से उनका धर्म पूछकर और ‘कलमा’ पढ़वाकर गैर-मुस्लिमों की पहचान की और उन्हें निशाना बनाया. ट्रंप के बाद पीट हेगसेथ ने की पाकिस्तान की तारीफ तो भड़की कांग्रेस, कहा- 'वो आसिम मुनीर जिसने...' मारे गए लोगों में 25 पर्यटक और एक स्थानीय पोनी (घोड़ा) चलाने वाला व्यक्ति शामिल था, जिसने पर्यटकों को बचाने की कोशिश की थी।कई पीड़ित हाल ही में शादीशुदा थे और कुछ को उनके परिवार वालों के सामने ही बेहद करीब से गोली मार दी गई. इस हमले के जवाब में भारतीय सेना ने 6 और 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया, जिसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में मौजूद आतंक के बड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया. पाकिस्तान से विस्थापित होकर आए हिंदू परिवारों को मिलेगा जमीन का मालिकाना हक, CM योगी देंगे भूमिधरी अधिकार पत्र
    Click here to Read more
    Prev Article
    मिडिल ईस्ट में फिर होगी जंग? अमेरिका ने ईरान के दो द्वीपों पर बरसाए बम, भड़के ईरान ने की जवाबी कार्रवाई
    Next Article
    पाकिस्तान नहीं ये देश करा रहा अमेरिका और ईरान के बीच डील, राष्ट्रपति ने कर दिया दावा, शहबाज-मुनीर की खुली पोल!

    Related World Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment