PM मोदी के सामने CM सुक्खू ने उठाए कई मुद्दे:बीबीएमबी से ₹4 हजार करोड़ बकाया मांगा, ₹1500 करोड़ के राहत पैकेज का मुद्दा उठाया
12 hours ago
हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गुरुवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में राज्य के वित्तीय हितों से जुड़े मुद्दे उठाए। मुख्यमंत्री ने राजस्व घाटा अनुदान (RDG) बंद होने, प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान, जीएसटी से राजस्व हानि और पावर प्रोजेक्ट में मुफ्त बिजली के हिस्से में कमी से राज्य को हो रहे नुकसान से अवगत कराया। सीएम सुक्खू ने प्रधानमंत्री से हिमाचल की वित्तीय स्थिति का आकलन करने के लिए हाई पावर कमेटी गठित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान बंद होने से प्रदेश की अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है और केंद्र से मिले 25 हजार करोड़ रुपए पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने इस राशि को बढ़ाकर 50 हजार करोड़ रुपये करने की मांग की। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल देश को हर साल करीब 90 हजार करोड़ रुपए मूल्य की पारिस्थितिकीय सेवाएं प्रदान करता है, लेकिन इसके बदले हिमाचल को आर्थिक सहायता नहीं मिलती। उन्होंने मीटिंग में हिमाचल को ग्रीन बोनस देने का आग्रह किया। सीएम ने बीबीएमबी से राज्य के करीब 4 हजार करोड़ रुपए बकाया राशि के भुगतान की मांग उठाई। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के आदशों के बावजूद बीबीएमबी हिमाचल को बकाया एरियर नहीं दे रहा है। राज्य सरकार यह मामला कई बार केंद्र के समक्ष उठा चुकी है। आज फिर से यह मुद्दा उठाया गया। पीएम मोदी द्वारा घोषित राहत पैकेज आज तक नहीं मिला सीएम सुक्खू ने पीएम मोदी द्वारा बीते साल हिमाचल दौरे के दौरान घोषित 1500 करोड़ रुपए के स्पेशल आपदा पैकेज नहीं मिलने का मामला भी प्रधानमंत्री के समक्ष उठाया। पीएम मोदी बीते साल मानसून के बाद हिमाचल दौरे पर आए थे। तब उन्होंने इस पैकेज की घोषणा की थी। मगर राहत राशि आज तक नहीं मिल पाई। जीएसटी से राज्य को 25 हजार करोड़ का नुकसान हुआ: CM सीएम ने कहा कि जीएसटी व्यवस्था से पिछले आठ वर्षों में राज्य को लगभग 25 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है। उन्होंने जलविद्युत परियोजनाओं में राज्य के अधिकार, गग्गल एयरपोर्ट विस्तार, हरित ऊर्जा परियोजनाओं और चंद्रभागा-रावी-ब्यास लिंक परियोजना में हिमाचल के हितों की सुरक्षा की मांग भी रखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल शिक्षा, स्वास्थ्य और मानव विकास सूचकांकों में बेहतर प्रदर्शन कर रहा है और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
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