Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    'राम को काल्पनिक' कहने पर राहुल के खिलाफ दोबारा सुनवाई:वाराणसी कोर्ट ने निचली अदालत का फैसला रद्द किया

    4 hours ago

    1

    0

    भगवान राम को कथित तौर पर काल्पनिक कहने पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ FIR की मांग वाली याचिका पर फिर से वाराणसी कोर्ट में सुनवाई होगी। MP-MLA की सीनियर कोर्ट ने बुधवार को लोअर कोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें कहा गया था कि याचिका सुनवाई योग्य नहीं है। एडिशनल डिस्ट्रिक जज (ADJ) यजुवेंद्र विक्रम सिंह ने केस को वापस लोअर कोर्ट भेजते हुए नए सिरे से सुनवाई करने के आदेश दिए हैं। राहुल गांधी पर अमेरिका के न्यूयॉर्क में ब्राउन यूनिवर्सिटी में भगवान राम को काल्पनिक कहने का आरोप है। पिछले साल 12 मई को एडवोकेट हरिशंकर पांडेय ने याचिका दायर की थी। दावा किया था कि राहुल गांधी ने अमेरिका के ब्राउन यूनिवर्सिटी में भगवान राम को ‘पौराणिक’ बताया था। 10 जून, 2026 को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (MP-MLA) कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी थी। इस आदेश के खिलाफ हरिशंकर पांडेय ने 26 सितंबर, 2025 को जिला जज की कोर्ट में पुनरीक्षण याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ता ने कहा- दोषी पाए गए तो 5 साल की सजा सीनियर एडवोकेट हरिशंकर पांडेय ने कहा- राहुल गांधी के खिलाफ सुनवाई का पूरा आधार है। इसी आधार पर हमारी याचिका स्वीकार की गई है। कोर्ट ने इस बात को माना है कि राहुल गांधी ने भगवान राम को काल्पनिक कहा था। उन्होंने कहा- राहुल गांधी के खिलाफ BNS की धारा- 163 और 4 में FIR दर्ज करने की मांग की गई है। इन धाराओं में गंभीर अपराध माना जाता है। अगर राहुल दोषी पाए जाते हैं, तो 5 साल की सजा हो सकती है। अगले महीने के पहले सप्ताह में कोर्ट में याचिका पर सुनवाई होगी। ‘राहुल अनाप-शनाप बयान देकर हिंदुओं को अपमानित कर रहे’ एडवोकेट हरिशंकर पांडेय ने याचिका में दावा किया था कि राहुल गांधी 21 अप्रैल, 2025 को अमेरिका के बोस्टन गए थे। यहां पर ब्राउन यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट्स के साथ उनका एक सेशन था। यहां राहुल ने भगवान श्रीराम को लेकर विवादित बयान दिए थे। उन्होंने भगवान राम को 'पौराणिक' बताया था। साथ ही उस युग पर बताई जाने वाली कहानियों को काल्पनिक कहा था। राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी लगातार सनातन धर्म के पूर्व अवतारों और महान प्रतीकों पर अनाप-शनाप बयान देकर हिंदुओं को अपमानित कर रही। राहुल ने कहा था- BJP का दृष्टिकोण नफरत फैलाने वाला राहुल गांधी से पूछा गया था कि हिंदू राष्ट्रवाद के दौर में धर्मनिरपेक्ष राजनीति कैसी होनी चाहिए? क्या महात्मा गांधी के विचारों को इसके खिलाफ इस्तेमाल किया जा सकता है? जवाब में राहुल गांधी ने कहा था- भारत के सभी महान सुधारक और विचारक, जैसे बुद्ध, गुरु नानक, गांधी और अंबेडकर बिना भेदभाव के रहे। ये लोग क्षमाशील, दयालु और सहिष्णु थे। लेकिन, भाजपा का दृष्टिकोण हिंदू धर्म का प्रतिनिधित्व नहीं, नफरत फैलाने वाला है। --------------------------- यह खबर भी पढ़ें- राहुल बोले- 18 साल का सार्थक CBI से तेज निकला, CBSE के OSM पोर्टल की गड़बड़ी उजागर की कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने रविवार को CBSE स्टूडेंट सार्थक सिद्धांत से मुलाकात का 8.15 मिनट का वीडियो अपने X अकाउंट पर शेयर किया। दोनों की मुलाकात 2 जून को दिल्ली में हुई थी। 18 साल के सार्थक सिद्धांत ने CBSE की 12वीं क्लास के लिए ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली और OSM का काम करने वाली कंपनी COEMPT से जुड़ी टेंडर प्रोसेस में गड़बड़ी का खुलासा किया है। पढ़ें पूरी खबर
    Click here to Read more
    Prev Article
    Rajasthan BSTC Pre D.El.Ed result 2026: Website down, here's how to check scorecards at predeledraj2026.com
    Next Article
    जिस घास को लोग समझते थे बेकार, वही बनी गांवों की आय का बड़ा जरिया! सरपता से तैयार हो रहे कई उपयोगी उत्पाद

    Related भारत Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment