तमिलनाडु में कांग्रेस विधायक ने शपथ में राहुल जिंदाबाद कहा:गवर्नर ने टोका, बोले- ये शपथ का हिस्सा नहीं; विजय कैबिनेट में 23 मंत्री शामिल
3 weeks ago
तमिलनाडु में गुरुवार को विजय कैबिनेट का विस्तार के शपथ समारोह में कांग्रेसी विधायक ने शपथ लेने के दौरान मंच से ही राहुल गांधी जिंदाबाद के नारे लगाने शुरु कर दिए, जिस पर राज्यपाल ने उन्हें टोक दिया। वहीं, दूसरा विवाद तमिल गान बजाने के लेकर भी हुआ। समारोह में तमिलनाडु का राज्य गीत ‘तमिल थाई वाझ्थु’ सबसे आखिर में बजाया गया। पिछली सरकारों में ये हमेशा पहले बजाया जाता था। तमिलनाडु में CM विजय की कैबिनेट का विस्तार हुआ, जिसमें 23 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। इनमें दो कांग्रेस के भी विधायक शामिल हैं। शपथ समारोह के दौरान हुए दोनों विवाद… पहला विवाद: कांग्रेसी विधायक राजेश कुमार ने लगाए नारे किलियूर विधानसभा सीट से विधायक और कांग्रेस विधायक दल के नेता एस राजेश कुमार ने शपथ लेने के बाद मंच से कांग्रेस नेताओं के समर्थन में नारे लगाए, जिस पर राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने उन्हें तुरंत टोका। वीडियो में दिखा कि आधिकारिक शपथ पत्र पढ़ने के बाद एस राजेश कुमार ने ‘कामराज अमर रहें’, ‘भारत रत्न राजीव गांधी अमर रहें’ और ‘जननायक राहुल गांधी जिंदाबाद’ के नारे लगाए। इस पर राज्यपाल ने मुस्कुराते हुए कहा- यह आपकी शपथ का हिस्सा नहीं है। राजेश कुमार भी मुस्कुराए और इसके बाद शपथ दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने चले गए। दूसरा विवाद: सबसे आखिर में बजाया गया ‘तमिल थाई वाझ्थु’ आज के शपथ समारोह में भी तमिलनाडु का राज्य गीत ‘तमिल थाई वाझ्थु’ सबसे आखिर में बजाया गया। इससे पहले राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ और फिर राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ बजाया गया। पिछले सप्ताह विजय के मुख्यमंत्री पद की शपथ के दौरान भी यही क्रम अपनाया गया था, जिसके बाद विपक्ष और सहयोगी दलों ने नाराजगी जताई थी। विवाद बढ़ने के बाद विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कड़गम (TVK) ने आश्वासन दिया था कि भविष्य में सभी सरकारी कार्यक्रमों में तमिल गान सबसे पहले बजाया जाएगा। पार्टी ने उस समय कहा था कि केंद्र सरकार के एक सर्कुलर के कारण यह क्रम बदला गया। 10 मई को शपथ लेने के दौरान विजय को भी गवर्नर ने टोका था एक्टर विजय ने 10 मई को तमिल में शपथ ली थी। विजय शपथ पत्र की निर्धारित लाइनों के अलावा और बातें बोलने लगे थे। इस पर राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने उन्हें टोकते हुए केवल निर्धारित शपथ के शब्दों तक सीमित रहने के लिए कहा था। इसके बाद इन्होंने लिखित शपथ पत्र पढ़ा था। विजय को इस स्पीच के कारण टोका था- मैं सी. जोसेफ विजय भारत की संविधान के प्रति सच्ची आस्था और निष्ठा रखूंगा। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में भारत की एकता, अखंडता को बनाए रखूंगा और अपने विवेक के अनुसार कर्तव्यों और कानून का पालन करूंगा। किसी से डरूंगा नहीं और ना ही एकतरफा आदेश मानूंगा। मैं न्याय करूंगा, सभी लोगों के साथ न्याय करूंगा। कांग्रेस 59 साल बाद सरकार का हिस्सा बनी दरअसल, 1952 से 1967 तक तमिलनाडु (तब मद्रास राज्य) में कांग्रेस की सरकार रही थी। सी. राजगोपालाचारी, के. कामराज और एम. भक्तवत्सलम इस दौरान मुख्यमंत्री रहे। 1967 में DMK के सत्ता में आने के बाद कांग्रेस ने DMK और AIADMK दोनों के साथ गठबंधन किया, लेकिन सरकार का हिस्सा नहीं बनी। DMK से अलग होने के बाद सत्ता में हिस्सेदारी मिली कांग्रेस लंबे समय से तमिलनाडु में सत्ता में हिस्सेदारी की मांग कर रही थी। पार्टी के कुछ नेताओं ने विधानसभा चुनाव से पहले गठबंधन सरकार की वकालत भी की थी। कांग्रेस का पहले DMK के साथ गठबंधन था। हालांकि, DMK प्रमुख एम.के. स्टालिन ने चुनाव से पहले साफ कहा था कि तमिलनाडु में सत्ता साझेदारी का फॉर्मूला काम नहीं करेगा। विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद 4 मई को कांग्रेस ने DMK गठबंधन छोड़कर विजय की अगुआई वाली सरकार को समर्थन देने का फैसला किया। कांग्रेस के पास फिलहाल 5 विधायक हैं। तमिमनाडु चुनाव में विजय की पार्टी को 108 सीटें मिली थी -------------------------- ये खबर भी पढ़ें… विजय के ड्राइवर के बेटे ने विधायक की शपथ ली:CM की तरफ इशारा करके पूछा- साइन कर दूं; महिला विधायक जीत का सर्टिफिकेट लाना भूलीं; VIDEO तमिलनाडु विधानसभा में सोमवार को पहले दिन नए विधायकों को शपथ दिलाई गई। इस दौरान दो वाक्ये देखने को मिले। पहला- सीएम विजय के ड्राइवर के बेटे ने विधायक की शपथ ली, तो इस दौरान उन्होंने पेपर पर साइन करने से पहले विजय से पूछा। पूरी खबर पढ़ें…
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