Tamil Nadu Power Outage: एक्टर विजय की TVK सरकार के सामने सबसे बड़ा संकट, मानसून के आते ही अघोषित बिजली कटौती से पूरा राज्य अंधेरे में, जनता सड़कों पर
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तमिलनाडु में मानसून की दस्तक के साथ ही बिजली संकट ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है. राज्य के कई हिस्सों में अघोषित बिजली कटौती से लोग परेशान हैं और जगह-जगह विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं. ऐसे समय में अभिनेता से नेता बने विजय की TVK सरकार के सामने यह सबसे बड़ी प्रशासनिक चुनौती बनकर उभरी है. बढ़ती बिजली मांग, कमजोर वितरण व्यवस्था और लगातार फॉल्ट की शिकायतों ने सरकार की कार्यक्षमता पर सवाल खड़े कर दिए हैं. जनता राहत की मांग कर रही है, जबकि सरकार हालात को नियंत्रित करने के लिए आपात कदम उठाने में जुटी है. तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती को लेकर जनता का गुस्सा बढ़ता जा रहा है. शहर और उपनगरों में कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन होने के बाद राज्य सरकार ने स्थिति संभालने के लिए बड़ा कदम उठाया है. बिजली मंत्री सीटीआर निर्मल कुमार ने खुद अब सड़कों पहर हैं और125 पेट्रोलिंग वाहनों और 125 विशेष बिजली मरम्मत टीमों को रवाना किया, जबकि पूरे अभियान की निगरानी के लिए 10 उच्चस्तरीय मॉनिटरिंग टीमें गठित की गई हैं. इन टीमों का नेतृत्व आईएएस अधिकारी करेंगे. मौसम अपडेट मिस किया तो भीग जाओगे! आज होगी ताबड़तोड़ बारिश, गिरेंगे ओले!" src="https://www.youtube.com/embed/LzJY8zhBntc" width="756" height="425" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"> राजधानी चेन्नई में रिकॉर्डतोड़ मांग दरअसल, 10 जून को चेन्नई ने 5008 मेगावाट की रिकॉर्ड बिजली मांग दर्ज की, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है. इसके बावजूद शहर के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित होने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं. लोगों का आरोप है कि रात के समय बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली काटी जा रही है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है. बिजली मंत्री निर्मल कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री ने हालात पर गंभीर चिंता जताई है और उसी के निर्देश पर आपदा प्रबंधन मॉडल की तर्ज पर विशेष टीमें बनाई गई हैं. प्रत्येक टीम को वाहन और जरूरी उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं ताकि बिजली फॉल्ट की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई की जा सके. ये भी पढ़ें: 'हमले से बिगड़ रहे हालात, फौरन बंद हो अटैक', जहाज पर अमेरिकी हमले से गुस्साए भारत की दो टूक बिजली पर राजनैतिक रार इस बीच, बिजली संकट को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है. डीएमके सांसद टीकेएस एलंगोवन ने विपक्षी आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि बिजली विभाग राज्य सरकार के अधीन है, न कि चेन्नई कॉरपोरेशन के. वहीं कुछ नेताओं ने दावा किया कि सरकार के प्रयासों के बावजूद व्यवस्था के भीतर मौजूद भ्रष्ट और असामाजिक तत्व कामकाज को प्रभावित कर रहे हैं. चेन्नई से लेकर ईरोड तक मरम्मत का काम उधर, बिजली बोर्ड ने 12 जून को रखरखाव कार्यों के चलते चेन्नई के पल्लावरम, मिनजूर और मंबलम समेत कई इलाकों में सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक बिजली आपूर्ति बंद रहने की घोषणा की है. अधिकारियों का कहना है कि मरम्मत कार्य पूरा होते ही बिजली बहाल कर दी जाएगी. लगातार बढ़ती बिजली मांग और बार-बार हो रही कटौती ने राज्य की बिजली व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. अब निगाहें इस बात पर हैं कि सरकार की नई रणनीति चेन्नईवासियों को राहत दिलाने में कितनी सफल साबित होती है. ये भी पढ़ें: '370 रुपये की बिरयानी' वाले विवाद में Zomato की सफाई, बोला- 'नोटिफिकेशन फर्जी'
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