Video: रीढ़ की हड्डी टूटी तो थामी 'राम' नाम की पतवार! 55 लाख बार राम नाम लिख रची रामचरितमानस, हुआ चमत्कार
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बिस्तर पर पड़े एक शिक्षक की साधना से जन्मी अनोखी रामचरितमानस अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंचने वाली है. मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूल शिक्षक रहे रुद्र सिंह यादव ने डॉक्टरों द्वारा आजीवन बेड रेस्ट बताए जाने के बाद 1992 से 1997 के बीच 5 साल तक लगातार ‘राम’ नाम लिखते-लिखते पूरी रामचरितमानस रच डाली. इस ग्रंथ में 55 लाख बार ‘राम’ नाम लिखा गया है. एक पेज पर 3000 और एक लाइन में 200 बार ‘राम’ शब्द दर्ज है. राम नाम लिखते हुए उनकी रीढ़ की हड्डी में चमत्कारिक सुधार हुआ और उन्होंने आगे चलकर हनुमान चालीसा तथा राम, सीताराम, हनुमान, लक्ष्मण, शिव-पार्वती के चित्र भी सिर्फ ‘राम’ शब्द से बना डाले. 2023 में निधन से पहले रुद्र सिंह यह धरोहर अपने शिष्य संदीप कुमार सिया प्यारे शरण को सौंप गए, जो सीतामढ़ी जनकपुर (बिहार) से इसे दिल्ली के स्पिरिचुअल एक्सपो लेकर आए हैं. अब यही दुर्लभ ग्रंथ और चित्र प्रधानमंत्री मोदी को भेंट करने की तैयारी है.
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