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    अब ये वाला टैक्स खत्म करने की तैयारी में सरकार! किसे और कैसे मिलेगा फायदा? जल्द लग सकती है मुहर

    4 weeks ago

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    Withholding Tax: भारत में बढ़ती हुई महगाई के बीच सरकार और RBI देश में विदेशी निवेश को बढ़ावा देने की प्लानिंग कर रही है. इसके लिए सरकार टैक्स सिस्टम को आसान बनाते हुए विदहोल्डिंग टैक्स (Withholding Tax) में बदलाव करने की तैयारी कर रही है. खबरों की मानें तो सरकार की तरफ से इसे खत्म करने की प्लानिंग चल रही है. अगर ऐसा होता है, तो इसका सीधा फायदा निवेशकों, कंपनियों और विदेश से पैसा कमाने वालों को मिल सकता है. विदहोल्डिंग टैक्स को लेकर सरकार की चिंताद इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले कुछ हफ्तों से विदहोल्डिंग टैक्स को खत्म करने की चर्चा चल रही है. नीति निर्माता विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने और मिडिल में जारी तनाव के बीच विदेशी खाते को सुरक्षित रखने के लिए ये कदम उठाना चाहते हैं. सरकार और RBI इस वजह से चिंता में है क्योंकि विदेशी मुद्रा भंडार में तेजी से गिरावट आ रही है, साथ ही विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी है. पिछले दो महीनों में भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में करीब 38 अरब डॉलर की कमी आई है. साल 2026 में अब तक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक भारतीय बाजारों से लगभग 22.5 अरब डॉलर निकाल चुके हैं. रुपये में भी भारी कमजोरी देखने को मिली है. युद्ध शुरू होने के बाद से रुपया डॉलर के मुकाबले करीब 5% टूट चुका है. ऐसे में सरकार का चिंता करना भी जायज है. ये भी पढ़ें: Sugar Export: चीनी पर सरकार टेंशन में क्यों? स्टॉक भरपूर फिर क्यों अपनाया प्रोटेक्शन मोड? जानें निर्यात बैन की वजह क्या होता है विदहोल्डिंग टैक्स?विदहोल्डिंग टैक्स वो टैक्स होता है जो किसी भुगतान से पहले ही काट लिया जाता है. जैसे बैंक ब्याज पर TDS, विदेश से मिलने वाली कमाई पर टैक्स कटौती और डिविडेंड या रॉयल्टी पेमेंट पर टैक्स. इसे ही विदहोल्डिंग टैक्स कहा जाता है. जिसका आसान भाषा में मतलब है कि पैसा मिलने से पहले सरकार अपना हिस्सा काट लेती है. सरकार इसे खत्म इसलिए करना चाहती है ताकि टैक्स सिस्टम को आसान बनाया जा सके, विदेशी निवेश को बढ़ाया जा सके, कारोबार की लागत कम हो और कंपनियों- निवेशकों को ज्यादा नकदी मिल सके. किसे फायदा मिलेगा? सरकार के इस कदम से विदेशी निवेशकों को फायदा मिलेगा. अगर टैक्स कटौती कम या खत्म होती है, तो भारत में निवेश करना ज्यादा आकर्षक होगा. कंपनियों के पास तुरंत ज्यादा पैसा बचेगा, जिससे वो निवेश और विस्तार कर सकेंगी. TDS कम होने से हाथ में मिलने वाली रकम बढ़ सकती है और रिफंड का झंझट कम होगा. ऐसे स्टार्टअप और IT सेक्टर जो विदेश से पेमेंट लेते हैं, उन्हें टैक्स कटौती से राहत मिल सकती है. इतना ही नहीं बल्कि आम लोगों को भी टैक्स रिफंड का इंतजार कम करना होगा. निवेश पर मिलने वाली रकम बढ़ सकती है. बैंक ब्याज या डिविडेंड पर तुरंत कटने वाला टैक्स कम हो सकता है. ये भी पढ़ें: इस राज्य ने फ्यूल पर घटा दिया VAT, 18% से सीधे 7% किया, महंगाई के बीच जनता को मिली राहत बता दें कि फिलहाल इस पर सरकार ने कोई फैसला नहीं किया है बल्कि फिलहाल सरकार और RBI दोनों ही इस पर विचार कर रहे हैं. आखिरी फैसला आने के बाद ही साफ होगा कि किन सेक्टरों और लोगों को पूरी राहत मिलेगी.
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