Gold Price: भारत में बढ़ते दामों के बीच जानें किन देशों में मिलता है सबसे सस्ता सोना, क्यों है ये अंतर
7 hours ago
Cheap Gold in The World: यूएस- ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण तेल के साथ ही साथ सोने- चांदी की कीमतों में भी लगातार इजाफा हो रहा है. 8 जून 2026 को 24 कैरेट सोने का भाव करीब 1.53 लाख से 1.56 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच रहा, जबकि 22 कैरेट सोना लगभग 1.40 लाख से 1.45 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार करता दिखा. सोने की बढ़ती कीमतों के बीच अक्सर ये सवाल उठता है कि दुनिया में सबसे सस्ता सोना कहां मिलता है? वैसे तो सोने की अंतरराष्ट्रीय कीमत लगभग एक जैसी होती है, लेकिन टैक्स, आयात शुल्क, वैट (VAT), स्थानीय कर और मेकिंग चार्ज के कारण अलग-अलग देशों में इसकी अंतिम कीमत बदल जाती है. चलिए बताते हैं वो 5 देश जहां भारत की अपेक्षा सबसे सस्ता सोना मिलता है. ये भी पढ़ें: Dividend News: अडानी-टाटा ग्रुप्स बांट रहे बंपर डिविडेंड, जानिए किस कंपनी के शेयर खरीदने से होगा फायदा दुबई (UAE)दुबई को दुनिया के सबसे लोकप्रिय गोल्ड मार्केट्स में गिना जाता है. यहां टैक्स कम होने और बाजार में कॉम्पिटीशन ज्यादा होने के कारण सोना अक्सर भारत से सस्ता मिलता है. हांगकांगहांगकांग में सोने पर बेहद कम टैक्स लगता है, जिससे इसकी कीमतें कई देशों की तुलना में कम रहती हैं. सिंगापुरसिंगापुर निवेश-ग्रेड गोल्ड पर टैक्स छूट देता है, इसलिए यहां भी सोना अपेक्षाकृत सस्ता माना जाता है. स्विट्जरलैंडस्विट्जरलैंड दुनिया का बड़ा गोल्ड रिफाइनिंग हब है. यहां शुद्धता और कम कर व्यवस्था के कारण निवेशकों को बेहतर कीमत मिलती है. सऊदी अरबसऊदी अरब में भी मेकिंग चार्ज और टैक्स अपेक्षाकृत कम हैं, इसलिए यहां सोना भारत की तुलना में सस्ता मिलता है. ये भी पढ़ें: US में 4% के पार हुई इन्फ्लेशन, इस महंगाई से भारतीय शेयर बाजार और RBI पर क्या होगा असर? भारत में क्यों है सोना महंगा?भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर सोना आयात करता है. आयात शुल्क, जीएसटी, परिवहन लागत और ज्वेलरी पर लगने वाले मेकिंग चार्ज सोने की कीमत बढ़ा देते हैं. इसके अलावा भारत में शादी-ब्याह और त्योहारों के दौरान भारी मांग भी कीमतों को ऊंचा बनाए रखती है. आपको बता दें कि, विदेश में सस्ता सोना मिलने का मतलब ये कतई नहीं है कि भारतीय खरीदारों को उतनी ही बचत होगी. विदेश से सोना लाने पर भारतीय कस्टम नियम, ड्यूटी और अन्य शुल्क लागू होते हैं. इसलिए खरीदारी से पहले कुल लागत का आकलन करना जरूरी है.
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