Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    क्यों किम जोंन उन अपने पिता की नाजायज औलाद माने जाते हैं? पढ़ें पूरी कहानी

    8 hours ago

    1

    0

    उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग-उन ने सत्ता संभालने के 15 साल बाद भी अपनी मां का नाम कभी सार्वजनिक रूप से नहीं लिया. इस चुप्पी के पीछे एक गहरा राज छिपा है. वे अपने पिता किम जोंग इल की नाजायज संतान माने जाते हैं. उनकी मां को योंग-हुई (Ko Yong-hui) किम जोंग इल की आधिकारिक पत्नी नहीं, बल्कि रखैल थीं. उत्तर कोरिया में सत्ता सिर्फ एक ही परिवार के पास रहती है और वहां समाज में भेदभाव बहुत ज्यादा है. इस माहौल में यह पारिवारिक इतिहास इतनी बड़ी और संवेदनशील बात है कि इसे छिपाने के लिए पूरी सरकारी मशीनरी दिन-रात प्रचार में जुटी है. कौन थीं किम जोंन उन की मां? को योंग-हुई का जन्म 1952 में जापान के ओसाका शहर में हुआ था. उनके माता-पिता दक्षिण कोरिया के जेजू द्वीप से थे. जापानी औपनिवेशिक काल (Colonial Period) में गए 'ज़ैनीची कोरियन्स' परिवार से होने के कारण उन्हें उत्तर कोरिया में संदेह की नजर से देखा जाता था. 1960 के दशक (यानी 1960 से 1970 के बीच) में उनका परिवार 'धरती पर स्वर्ग' नाम के एक सरकारी अभियान के झांसे में आकर उत्तर कोरिया आ गया था. वहां जापान से लौटे इन कोरियाई लोगों (जैनीची कोरियन्स) को शक की निगाह से देखा जाता है और उन्हें अस्थिर वर्ग (यानी जिन पर पूरा भरोसा न किया जा सके) में रखा जाता है. उत्तर कोरिया की 'सोंगबुन' (जाति या सामाजिक दर्जे की) व्यवस्था में उनका स्थान बहुत नीचे और कमजोर माना जाता था. फिर भी को योंग हुई ने अपनी सुंदरता और नृत्य कला के बल पर किम जोंग इल का ध्यान खींच लिया. वे मंसूदा आर्ट ट्रूप की सदस्य थीं. किम जोंग इल पहले से शादीशुदा थे और उनकी पत्नी किम योंग सोक उच्च सैन्य अधिकारी की बेटी थीं, लेकिन को योंग-हुई के साथ उनका गहरा रिश्ता बन गया. तीन बच्चों की मां बनी को योंग-हुई को कभी औपचारिक रूप से पत्नी का दर्जा नहीं मिला. को योंग हुई को नहीं मिला बड़ा सम्मान किम जोंग उन, 'को योंग हुई' के सबसे छोटे बेटे हैं. उत्तर कोरिया में यह माना जाता है कि देश पर राज करने का हक सिर्फ उसी को है जिसका खून 'माउंट पैक्टो' (वहां का एक पवित्र पर्वत) के शाही परिवार से जुड़ा हो. इसी वजह से देश की शुरुआत करने वाले किम इल संग और उनकी मां (कांग पान सोक) को देश में 'कोरिया की माताएं' जैसा बड़ा और सम्मानजनक दर्जा दिया गया. लेकिन किम जोंग उन की मां 'को योंग हुई' को कभी यह सम्मान नहीं मिला. इसकी वजह यह थी कि वे जापान से लौटीं (जैनीची) थीं और किम परिवार के साथ उनका रिश्ता भी नाजायज माना जाता था. जानकारों के मुताबिक, उत्तर कोरिया के पूर्व तानाशाह किम जोंग इल ने अपनी प्रेमिका 'को योंग हुई' और उनके बच्चों को राजधानी प्योंगयांग से दूर 'वानसान' नाम की जगह पर रखा था. वहां रहते हुए को योंग हुई को अपनी पसंद के जापानी सामान और जापानी रहन-सहन का इस्तेमाल करने की छूट थी. इसी वजह से मौजूदा तानाशाह किम जोंग उन के बचपन पर जापानी भाषा और वहां के कल्चर का गहरा असर पड़ा. किम जोंग उन के दो भाई थे सत्ता की रेस में किम जोंग उन के दो बड़े भाई भी थे, लेकिन अलग-अलग वजहों से उन्हें देश की सत्ता संभालने के लायक नहीं समझा गया. बड़े भाई 'किम जोंग नाम' बदलाव और सुधार लाने वाली सोच रखते थे, इसलिए उन्हें हटा दिया गया. जबकि दूसरे भाई 'किम जोंग चुल' को नशे की लत के कारण राजा (उत्तराधिकारी) बनने की रेस से बाहर कर दिया गया. आखिरकार सबसे छोटे बेटे किम जोंग उन को ही देश का अगला तानाशाह चुना गया. किम जोंग उन को उत्तर कोरिया का अगला राजा (तानाशाह) बनाने में उनकी मां 'को योंग हुई' का बहुत बड़ा हाथ था. उन्होंने अपने बेटे के अंदर एक लीडर बनने के गुण सिखाए और उसे हमेशा आगे बढ़ने की प्रेरणा दी. साल 2011 में जब किम जोंग उन के पिता (किम जोंग इल) की मौत हुई, तब किम जोंग उन देश की सत्ता पर बैठे, लेकिन अजीब बात ये है कि उनकी मां की मौत की खबर को वहां के सरकारी मीडिया ने कभी नहीं दिखाया, यानी उसे पूरी तरह छिपाकर रखा गया. उत्तर कोरिया में किम जोंग उन के दादा और पिता के जन्मदिन को पूरे देश में राष्ट्रीय त्योहार की तरह मनाया जाता है, लेकिन उनकी मां के जन्मदिन पर ऐसी कोई छुट्टी नहीं दी जाती. बेटी को उत्तराधिकारी बनाने की तैयारी में किम जोंग उन उत्तर कोरिया के सख्त और कड़े समाज में नाजायज संतान होना एक बहुत बड़ा कलंक माना जाता है. इसी कलंक से बचने के लिए तानाशाह किम जोंग उन ने अपनी पत्नी 'री सोल जु' को सबके सामने पेश किया, क्योंकि वे एक बहुत अच्छे और ऊंचे सामाजिक दर्जे (सोंगबुन) वाले परिवार से आती हैं. अब किम जोंग उन अपनी बेटी 'जो ए' को देश की अगली तानाशाह (उत्तराधिकारी) बनाने की तैयारी कर रहे हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि किम जोंग उन अपने परिवार के इतिहास को इसलिए छिपाकर रखते हैं, क्योंकि अगर उनकी मां की सच्चाई जनता के सामने आ गई तो लोगों के मन में शक पैदा हो जाएगा. इससे उनका यह दावा झूठा साबित हो जाएगा कि उनका परिवार 'माउंट पैक्टो' की पवित्र और शाही नस्ल का है. यही वजह है कि सत्ता में आने के 15 साल बाद भी किम जोंग उन अपनी मां का नाम लेने से बचते हैं. ये भी पढ़ें : चुनाव जीतने के लिए जंग लड़ रहे नेतन्याहू! ट्रंप की फटकार के बाद भी इजरायली PM क्यों किया बेरूत पर अटैक?
    Click here to Read more
    Prev Article
    ईरान ने मार गिराया था अपाचे हेलीकॉप्टर, अमेरिका ने लिया बदला, होर्मुज से बंदर अब्बास तक एक साथ अटैक
    Next Article
    Joe Swash gets emotional learning about his ancestry

    Related दुनिया Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment