Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    मैगी के पैकेट में कीड़े मिलने पर नेस्ले को नोटिस:FSSAI ने बैच मार्केट से हटाने के आदेश दिए; KFC-फ्लिपकार्ट से भी जवाब मांगा

    5 hours ago

    1

    0

    भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने मैगी में कीड़े मिलने की शिकायत के बाद नेस्ले कंपनी को नोटिस भेजा है। सोशल मीडिया पर आई शिकायतों के आधार पर FSSAI ने कंपनी से जवाब मांगा है और तुरंत एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) देने को कहा है। FSSAI ने मैगी के जिस बैच को लेकर शिकायत मिली है, उसे बाजार से तुरंत हटाने के निर्देश भी दिए हैं। इसके अलावा, साफ-सफाई से जुड़ी शिकायतों को लेकर फास्ट-फूड चेन KFC को भी नोटिस जारी किया गया है। वहीं, खजूर के एक प्रोडक्ट में कीड़े मिलने की शिकायत पर फ्लिपकार्ट इंडिया और ओपन सीक्रेट से भी जवाब तलब किया गया है। FSSAI का कहना है कि उपभोक्ताओं की शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है और सभी कंपनियों से मामले में स्पष्टीकरण मांगा गया है। FSSAI ने नेस्ले से 3 खास बिंदुओं पर मांगा जवाब 2015 में मैगी में लेड मिलने का मामला आया था यह मामला नेस्ले के लिए इसलिए संवेदनशील माना जा रहा है, क्योंकि मैगी कंपनी के सबसे बड़े और सबसे ज्यादा बिकने वाले ब्रांड्स में से एक है। साल 2015 में भी मैगी बड़ा विवाद झेल चुकी है। तब FSSAI ने मैगी में तय सीमा से ज्यादा लेड (सीसा) और MSG लेबलिंग से जुड़े मुद्दों पर कार्रवाई करते हुए इसे बाजार से वापस मंगाने का आदेश दिया था। उस विवाद से नेस्ले की बिक्री और ग्राहकों का भरोसा दोनों प्रभावित हुए थे। कंपनी को अपनी छवि और बाजार में भरोसा दोबारा बनाने में कई साल लगे। ऐसे में अब मैगी के एक पैकेट में कीड़े मिलने की शिकायत पर FSSAI का नोटिस नेस्ले के लिए अहम माना जा रहा है। भले ही मामला अभी जांच के स्तर पर हो, लेकिन इससे कंपनी की साख और उपभोक्ताओं के भरोसे पर असर पड़ सकता है। सोशल मीडिया पर वायरल शिकायतों के बाद कार्रवाई नेस्ले, KFC, फ्लिपकार्ट इंडिया और ओपन सीक्रेट को एक साथ जारी हुए नोटिसों से फूड सेफ्टी रेगुलेशन का एक नया पैटर्न दिखाई दे रहा है। अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल होने वाली उपभोक्ताओं की शिकायतें सीधे आधिकारिक रेगुलेटरी नोटिस में बदल रही हैं। इससे किसी व्यक्तिगत शिकायत और कंपनी से मांगी जाने वाली आधिकारिक रिपोर्ट के बीच का समय बहुत कम हो गया है। भारत में काम कर रही खाद्य और क्विक सर्विस कंपनियों के लिए यह एक बड़ा ऑपरेशनल रिस्क (कामकाजी जोखिम) बन चुका है, जहां एक सिंगल वायरल पोस्ट कंपनी के लिए कानूनी और प्रतिष्ठा से जुड़ी मुश्किलें खड़ी कर सकती है। 1984 में भारत में मैगी की बिक्री शुरू हुई भारत में मैगी को 1984 में नेस्ले इंडिया लेकर आई थी। तब इसे खास तौर पर उन लोगों के लिए लॉन्च किया गया था, जिनके पास खाना बनाने के लिए कम समय होता था। बाद में बदलती लाइफस्टाइल और 1991 के आर्थिक उदारीकरण के बाद मैगी की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी। सिर्फ 2 मिनट में तैयार होने का दावा और लगातार विज्ञापनों की वजह से मैगी धीरे-धीरे देश के करोड़ों घरों की रसोई तक पहुंच गई। आज यह नेस्ले इंडिया के सबसे बड़े और सबसे लोकप्रिय ब्रांड्स में गिनी जाती है। यही वजह है कि मैगी से जुड़ा कोई भी गुणवत्ता या फूड सेफ्टी विवाद नेस्ले के लिए बेहद अहम माना जाता है, क्योंकि इसका असर सीधे कंपनी की साख और उपभोक्ताओं के भरोसे पर पड़ सकता है। --------------------- ये भी पढ़ें… एक ग्राहक को 200 लीटर से ज्यादा डीजल नहीं: कॉमर्शियल यूजर रिटेल पेट्रोल पंप से ईंधन नहीं खरीद पाएंगे, इनके लिए डीजल करीब ₹40 महंगा आम ग्राहक एक दिन में अधिकतम 200 लीटर ही डीजल खरीद पाएंगे। इस डीजल को दोबारा बेचने पर पूरी तरह रोक रहेगी। इसके अलावा अब फैक्ट्रियों और कॉमर्शियल यूजर्स को रिटेल आउटलेट से ईंधन नहीं मिलेगा। केंद्र सरकार ने 11 जून 2026 को इसे लेकर आदेश जारी किया है। अब इन बड़े उपभोक्ताओं को केवल बल्क सेल पॉइंट्स से ही ईंधन खरीदना होगा। सरकार ने यह कदम देश के कुछ हिस्सों में रिटेल पंपों पर अचानक बढ़ी असामान्य बिक्री को देखते हुए उठाया है। यह पाबंदी शुरुआती तौर पर 90 दिनों के लिए लागू की गई है। सरकार का कहना है कि इस फैसले से आम उपभोक्ताओं के लिए ईंधन की किल्लत नहीं होगी। पूरी खबर पढ़ें…
    Click here to Read more
    Prev Article
    MP Board Class 12 supplementary result 2026 released: Failed again? Here’s what students can do next
    Next Article
    EPF को कम मत आंकिए! दिख रहा है सिर्फ 8.25% ब्याज, लेकिन मिलता है 12% तक रिटर्न! जानें कैसे

    Related व्यापार Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment