Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    ममता की TMC टूटी, 58 विधायकों ने अलग गुट बनाया:ऋतब्रत बनर्जी को विधायक दल का नेता चुना, 2 दिन पहले पार्टी से निकाले गए थे

    1 week ago

    1

    0

    पश्चिम बंगाल में ममता की TMC में फूट पड़ गई है। सोमवार को पार्टी से निकाले गए विधायक ऋतब्रत बनर्जी को 58 बागी विधायकों ने विधायक दल का नेता घोषित किया। बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष रथींद्र बोस से मिलकर समर्थन पत्र भी सौंपा। बंगाल में हुए चुनाव में TMC ने 80 सीटें जीतीं थीं। 58 विधायकों की बगावत के बाद अब ममता के पास सिर्फ 22 विधायक बचे हैं। हालांकि बागी गुट ने अपने पत्र में ममता बनर्जी को अब भी पार्टी अध्यक्ष बताया है। लेकिन वे अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व और विधायक दल से जुड़े फैसलों को स्वीकार नहीं कर रहे हैं। सोमवार को अभिषेक बनर्जी के लेटर हेड पर स्पीकर को भेजे गए पत्र में शोभनदेव को नेता विपक्ष बनाने का प्रस्ताव भेजा था। विधायक संदीपन साहा और ऋतब्रत बनर्जी ने शिकायत की थी कि इस प्रस्ताव पर उनके हस्ताक्षर फर्जी हैं। शिकायत के बाद ममता ने दोनों विधायकों को पार्टी से निष्कासित कर दिया था। बंगाल में TMC से जुड़े 3 अपडेट्स… TMC से अलग गुट की मांग करने वाले दो बड़े चेहरे… फर्जी साइन की शिकायत करने पर निकाले गए 2 विधायक ममता बनर्जी ने TMC से 2 विधायक संदीपन साहा और ऋतब्रत बनर्जी को पार्टी से निकाल दिया था। दोनों ने स्पीकर से शिकायत की थी कि पार्टी ने शोभनदेव को नेता विपक्ष बनाने वाले प्रस्ताव में उनके उनके फर्जी साइन किए थे। साहा और बनर्जी का आरोप है कि यह शिकायत करने पर ही दोनों TMC से निकाले गए। TMC टूट की 3 संभावनाएं… पहली: दो तिहाई विधायक भाजपा में शामिल हों। TMC के कुल 80 विधायकों में से दो तिहाई (54 विधायक) भाजपा में शामिल होने का फैसला लें। ऐसे में दलबदल कानून नहीं लगेगा। हालांकि भाजपा ने इनकार कर दिया है। दूसरी: TMC में 2 गुटों में बंट जाए। एक ग्रुप पार्टी से अलग होकर असली TMC का दावा करे। इसके लिए भी 54 विधायकों के समर्थन की जरूरत होगा। अगर ऐसा होता है तो बड़े गुट के दावे पर चुनाव आयोग फैसला लेगा। मामला कोर्ट भी जा सकता है। हालांकि इसके लिए दो-तिहाई यानी 28 में से 19 लोकसभा सांसदों की भी जरूरत भी होगी। किसी पार्टी के बागी नेताओं के लिए सिर्फ विधानसभा संख्या ही निर्णायक नहीं होती। शिवसेना और NCP मामलों में निर्वाचन आयोग ने केवल विधायक नहीं देखे थे, बल्कि यह भी देखा था कि कितने सांसद किसके साथ हैं, पार्टी संगठन किसके साथ है, अधिकृत पदाधिकारी किसके साथ हैं। अगर नया गुट सांसदों को अपनी तरफ नहीं ला पाता है तो उन्हें विधानसभा में नेता विपक्ष का पद तो मिल सकता है, लेकिन पार्टी का नाम और चिन्ह नहीं मिल सकता। अगर TMC के विधायक टूट जाएं, लेकिन सांसद, संगठन, जिला अध्यक्ष, राज्य कमेटी और पार्टी संविधान का कंट्रोल ममता के पास रहे, तो बागी गुट को नया दल बनाना पड़ सकता है। तीसरा: नया गुट अलग होकर अपनी नई पार्टी बना सकता है। इसके लिए भी 54 विधायकों को एक साथ TMC छोड़कर नई पार्टी में शामिल होना पड़ेगा। इस मामले में संविधान क्या कहता है अगर किसी राष्ट्रीय/राज्य स्तर की पार्टी के विधायक बागी हो जाएं, तो वे सीधे पार्टी पर दावा नहीं कर सकते। यह मामला मुख्य रूप से दसवीं अनुसूची में दिए दलबदल कानून, पार्टी संगठन के संविधान और निर्वाचन आयोग के नियमों से तय होता है। 91वें संविधान संशोधन (2003) के बाद कम से कम दो-तिहाई विधायक मूल पार्टी से अलग होने का निर्णय लेते हैं, तो उन्हें अयोग्यता से छूट मिल सकती है। इसके बाद चुनाव आयोग यह जांच करता है कि पार्टी पर असली नियंत्रण किसका होगा। इसके लिए 4 पॉइंट तय हैं… पिछले 12 दिन में हुए घटनाक्रम, जिनसे TMC में टूट के रास्ते बने 31 मई- ममता की बैठक में 80 में 60 विधायक नहीं पहुंचे: ममता ने TMC विधायकों की बैठक बुलाई थी, लेकिन 80 में से सिर्फ 20 विधायक ही पहुंचे। 60 विधायकों के नहीं आने पर बैठक टाल दी गई। TMC प्रवक्ता कुनाल घोष ने कहा कि सभी विधायक अभिषेक बनर्जी पर हमले के विरोध में प्रदर्शन की तैयारी में व्यस्त हैं। पूरी खबर पढ़ें… 31 मई- सांसद कल्याण बनर्जी पर हमला: सांसद कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया कि हुगली में पुलिस स्टेशन के बाहर BJP समर्थकों ने उन पर हमला किया, जिससे वे घायल हो गए। उन्होंने कहा कि यहां भगवा कपड़े पहने 10-15 BJP के गुंडे थे, जिन्होंने अचानक नारे लगाए, मुझे गालियां दी और पत्थर से हमला किया। पूरी खबर पढ़ें… 30 मई- सांसद अभिषेक बनर्जी से मारपीट: दक्षिण सोनारपुर में अभिषेक बनर्जी के साथ मारपीट हुई थी। उन पर अंडे और चप्पल भी फेंके गए थे। अभिषेक ने आरोप लगाया कि उनकी हत्या की कोशिश की गई। इस मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पूरी खबर पढ़ें… 27 मई- सांसद काकोली का इस्तीफा: बंगाल के बारासात से TMC सांसद काकोली घोष ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दिया था। इस्तीफे से पहले काकोली CM शुभेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में शामिल हुई थीं। पूरी खबर पढ़ें… 20 मई- पार्टी कार्यक्रम में सिर्फ 35 विधायक पहुंचे: कोलकाता में विधानसभा परिसर में अंबेडकर प्रतिमा के पास TMC के कुछ विधायकों ने पोस्ट-पोल हिंसा और हॉकर्स हटाने के अभियानों के खिलाफ धरना दिया था। विधानसभा चुनाव हार के बाद यह पार्टी का पहला बड़ा संगठित विरोध प्रदर्शन था, लेकिन इसमें भी केवल 35 विधायक ही पहुंचे थे। ------------------------ बंगाल की राजनीति से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… ममता का दावा- TMC विधायकों पर भाजपा जॉइन करने का दबाव, पुलिस उन्हें डरा-धमका रही पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को फेसबुक पर वीडियो मैसेज जारी कर भाजपा और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पुलिस TMC विधायकों पर पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने का दबाव बना रही है। ममता ने दावा किया कि कुछ विधायकों और सांसदों को डराने-धमकाने या रिश्वत देकर TMC को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। पढ़ें पूरी खबर…
    Click here to Read more
    Prev Article
    દિલ્હીમાં 6 માળની હોટલમાં આગ, 21 જીવતા ભડથું થયા:અનેક વિદેશીઓનાં જીવ હોમાયા, 40નું રેસ્ક્યૂ; બાળકને છાતીએ વળગાડી માતા નીચે કૂદી
    Next Article
    No Cost EMI: जिस ऑफर को फ्री समझ रहे हैं, वही आपकी जेब कर रहा ढीली! समझिए इसका पूरा खेल

    Related भारत Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment