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    मीनाक्षी का नामांकन खारिज करने पर चुनाव आयोग से शिकायत:आयोग ने 2 घंटे में फैसला लेने की बात कही; भोपाल में कांग्रेस का सामूहिक उपवास

    11 hours ago

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    मध्य प्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होने के बाद विवाद गहरा गया है। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली में भारत निर्वाचन आयोग से मुलाकात की। आयोग दफ्तर से बाहर आने के बाद कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा- मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द करने का रिटर्निंग ऑफिसर (RO) का फैसला गलत है और कानून के मुताबिक नहीं है। जिस आधार पर नामांकन रद्द किया गया, उसका कानून में कोई प्रावधान नहीं है। मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ ऐसा कोई आपराधिक मामला नहीं था, जिसका उन्हें खुलासा करना पड़ता। सिंघवी ने बताया कि कोर्ट ने सिर्फ एक नोटिस भेजा था। इसमें मीनाक्षी नटराजन से पूछा गया था कि मामले में आगे सुनवाई शुरू की जाए या नहीं। उन्होंने कहा कि किसी भी आपराधिक मामले में सबसे पहले मजिस्ट्रेट यह तय करते हैं कि मामले की सुनवाई शुरू होगी या नहीं। इसे संज्ञान लेना कहा जाता है। जब तक संज्ञान नहीं लिया जाता, तब तक आपराधिक मामला शुरू नहीं माना जाता। उम्मीदवार को सिर्फ उन्हीं मामलों की जानकारी देनी होती है सिंघवी ने कहा कि चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक उम्मीदवार को सिर्फ उन्हीं मामलों की जानकारी देनी होती है, जिनमें दो साल या उससे ज्यादा की सजा का प्रावधान हो और जिनमें अदालत आरोप तय कर चुकी हो। यह देखना रिटर्निंग ऑफिसर की जिम्मेदारी होती है। सिंघवी ने कहा कि इस मामले में अभी मजिस्ट्रेट ने संज्ञान भी नहीं लिया है। इसके बाद जांच होगी, चार्जशीट दाखिल होगी और फिर आरोप तय होंगे। यानी अभी कई कानूनी प्रक्रियाएं बाकी हैं। इसके बावजूद रिटर्निंग ऑफिसर ने इसे लंबित आपराधिक मामला मानकर नामांकन रद्द कर दिया। ऐसी गलती के आधार पर नामांकन रद्द नहीं किया जा सकता सिंघवी ने कहा कि कांग्रेस ने चुनाव आयोग से कहा है कि ऐसी गलती के आधार पर किसी राज्यसभा उम्मीदवार का नामांकन रद्द नहीं किया जा सकता। इससे सभी उम्मीदवारों को बराबरी का मौका नहीं मिलता और लोकतंत्र की भावना को नुकसान पहुंचता है। सिंघवी ने कहा कि चुनाव आयोग के पास रिटर्निंग ऑफिसर का फैसला बदलने या रद्द करने का पूरा अधिकार है। आयोग पहले भी हरियाणा और गुजरात के मामलों में ऐसा कर चुका है। इसलिए इस मामले में भी चुनाव आयोग कार्रवाई कर सकता है। प्रतिनिधिमंडल में केसी वेणुगोपाल, जयराम रमेश, रणदीप सुरजेवाला, सचिन पायलट, भूपेश बघेल, दीपा दासमुंशी, विवेक तन्खा, मीनाक्षी नटराजन, मोहम्मद अली खान और उमर होडा शामिल थे। एमपी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बताया कि आयोग ने दो घंटे के भीतर फैसला लेने का आश्वासन दिया है। प्रतिनिधिमंडल में केसी वेणुगोपाल, जयराम रमेश, रणदीप सुरजेवाला, सचिन पायलट, भूपेश बघेल, दीपा दासमुंशी, विवेक तन्खा, मीनाक्षी नटराजन, मोहम्मद अली खान और उमर होडा शामिल थे। एमपी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बताया कि आयोग ने दो घंटे के भीतर निर्णय लेने का आश्वासन दिया है। मंगलवार को चुनाव अधिकारियों ने नामांकन खारिज किया था मंगलवार को चुनाव अधिकारियों ने हलफनामे में अनियमितताएं पाए जाने के आधार पर मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज कर दिया था। जिसके बाद कांग्रेस नेताओं ने दिल्ली और भोपाल में चुनाव आयोग के दफ्तरों के बाहर धरना दिया था। भाजपा का आरोप था कि उन्होंने शपथ पत्र में हैदराबाद कोर्ट के एक लंबित मामले की जानकारी छिपाई। नटराजन का नामांकन खारिज होने को कांग्रेस ने "लोकतंत्र की हत्या" और "सीट चोरी" बताया। इधर, भोपाल में कांग्रेस के कार्यकर्ता बुधवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) दफ्तर पहुंचे। गेट बंद मिलने पर उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की गणवेश दफ्तर के बाहर गेट पर टांग दी और लौट गए। खबर के मिनट-टु-मिनट अपडेट के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए...
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