मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन रद्द होने पर PM मोदी पर भड़कीं महुआ मोइत्रा, कहा- 'कितने बेताब हैं...'
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मध्य प्रदेश में कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द कर दिया गया है. निर्वाचन आयोग ने ये फैसला बीजेपी कैंडिडेट महेश केवट की उस शिकायत पर लिया है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि कांग्रेस कैंडिडेट ने जानकारी छिपाई है. इस मामले में तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा का रिएक्शन सामने आया है. महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह दोनों सदनों पर कब्जा करना चाहते हैं. उन्होंने एक्स पर पोस्ट में लिखा, 'कांग्रेस की राज्यसभा कैंडिडेट मीनाक्षी नटराजन की उम्मीदवारी को एक बेहद कमजोर बहाने पर खारिज करना दिखाता है कि मोदी और शाह दोनों सदनों पर कब्जा करने और संविधान में बदलाव करने के लिए कितने बेताब हैं. वरना, 2029 में उनका समय खत्म हो जाएगा.' Rejecting @INCIndia RS candidate Meenakshi Natarajan on a flimsy joke of an excuse shows how desperate Modi Shah are to control both Houses & amend the constitution . Else their time is up in 2029 — Mahua Moitra (@MahuaMoitra) June 9, 2026 ये भी पढ़ें- मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन क्यों हुआ रद्द? आज EC से कांग्रेस नेताओं की मीटिंग, SC का दरवाजा खटखटाएगी पार्टी! BJP की शिकायत पर EC का फैसला राज्यसभा चुनाव के निर्वाचन अधिकारी अरविंद शर्मा ने जारी एक आदेश में कहा कि उपलब्ध दस्तावेजों की जांच के बाद यह पाया गया कि नटराजन ने नामांकन के साथ जमा किए गए फार्म 26 में ‘उक्त न्यायालय परिवाद का उल्लेख नहीं करके अपना शपथ पत्र अपूर्ण प्रस्तुत किया है’. एक अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि भाजपा के उम्मीदवार महेश केवट ने शिकायत दर्ज कराई थी कि नटराजन ने अपने खिलाफ तेलंगाना में दर्ज एक मुकदमे का शपथ पत्र में कोई उल्लेख नहीं किया है. उन्होंने कहा कि इसे लेकर दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद निर्वाचन अधिकारी ने नटराजन का नामांकन निरस्त कर दिया. नामांकन रद्द होने पर क्या बोलीं मीनाक्षी नटराजन? नामांकन रद्द होने के बाद नटराजन ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि जब सदस्यों की संख्या पर्याप्त नहीं थी और भाजपा ने तीसरा उम्मीदवार उतार दिया तभी यह स्पष्ट हो गया था कि भाजपा लोकतंत्र और संविधान को ‘कुचलने’ के प्रयास में है. उन्होंने कहा, 'अभी तक तो मामला वोट चोरी तक सीमित था, अब यह सीट चोरी हो गया है. जब उन्हें लगा कि कांग्रेस के विधायक एकजुट हैं तो उन्होंने उस कानूनी नोटिस की आड़ ली जिसे संज्ञान में ही नहीं लिया गया. इस आदेश को हम चुनौती देंगे.' ये भी पढ़ें- कौन हैं मीनाक्षी नटराजन? राहुल गांधी की वो खास नेता जिनके राज्यसभा नॉमिनेशन पर छिड़ गई 'जंग'
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