राज्यसभा चुनाव-EC से मीनाक्षी के नॉमिनेशन खारिज की शिकायत:आयोग ने 2 घंटे में फैसला लेने की बात कही; भोपाल में कांग्रेस का सामूहिक उपवास
9 hours ago
मध्य प्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होने के बाद विवाद गहरा गया है। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली में भारत निर्वाचन आयोग से मुलाकात की। कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, "हमने चुनाव आयोग के सामने विस्तार से अपनी बात रखी। सुश्री नटराजन का नामांकन इस आधार पर रद्द कर दिया गया कि उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला नहीं है, यानी ऐसा कोई केस नहीं था जिसका खुलासा किया जाना चाहिए था। चुनाव आयोग के पास न्याय करने और अपनी गलती सुधारने का अधिकार है। हमें उम्मीद है कि आयोग समझेगा कि नामांकन रद्द होने से उम्मीदवार को समान अवसर नहीं मिलता, जो लोकतंत्र की मूल भावना और संविधान के मूल ढांचे के खिलाफ है। हमने आयोग से जल्द फैसला लेने का अनुरोध किया है। नाम वापस लेने की आखिरी तारीख अभी है और फैसला लेने के लिए पर्याप्त समय है। यह फैसला पूरी तरह गलत, गैर-कानूनी और बिना किसी कानूनी आधार के लिया गया है। हमारी मांग है कि इसे तुरंत रद्द किया जाए।" एमपी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बताया कि आयोग ने दो घंटे के भीतर निर्णय लेने का आश्वासन दिया है। प्रतिनिधिमंडल में केसी वेणुगोपाल, जयराम रमेश, रणदीप सुरजेवाला, सचिन पायलट, भूपेश बघेल, दीपा दासमुंशी, विवेक तन्खा, मीनाक्षी नटराजन, मोहम्मद अली खान और उमर होडा शामिल थे। मंगलवार को चुनाव अधिकारियों ने हलफनामे में अनियमितताएं पाए जाने के आधार पर मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज कर दिया था। जिसके बाद कांग्रेस नेताओं ने दिल्ली और भोपाल में चुनाव आयोग के दफ्तरों के बाहर धरना दिया था। भाजपा का आरोप था कि उन्होंने शपथ पत्र में हैदराबाद कोर्ट के एक लंबित मामले की जानकारी छिपाई। नटराजन का नामांकन खारिज होने को कांग्रेस ने "लोकतंत्र की हत्या" और "सीट चोरी" बताया। इधर, भोपाल में कांग्रेस के कार्यकर्ता बुधवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) दफ्तर पहुंचे। गेट बंद मिलने पर उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की गणवेश दफ्तर के बाहर गेट पर टांग दी और लौट गए। खबर के मिनट-टु-मिनट अपडेट के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए...
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