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    सरकारी कर्मचारियों के लिए धर्म संकट! मां-बाप या सास-ससुर, किसी एक को ही मिलेगी मेडिकल की सुविधा

    4 weeks ago

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    CGHS NEW MEDICLAIM RULE: सरकारी कर्मचारियों के लिए CGHS ने नया नियम लागू किया है. सीजीएचएस ने मेडिकल नियमों में बदलाव करते हुए साफ किया है कि कर्मचारियों को अब अपने माता-पिता या सास-ससुर में से किसी एक को ही चुनना होगा. कर्मचारी दोनों पक्ष को मेडिकल बेनेफिट नहीं दे सकते हैं. सबसे खास बात ये है कि एक बार जो चुनाव कर लिया गया उसे बदला नहीं जा सकता. ऐसे में अब सभी सरकारी कर्मचारी धर्म संकट में फंसे हुए हैं कि आखिर वो किसे चुनें. बता दें कि इस नियम से तहत अगर एक बार आप माता पिता का चुनाव कर लेते हैं तो उनके निधन के बाद भी आप अपने सास- ससुर को मेडिकल सुविधा नहीं दे सकते हैं. यानी विकल्प में कोई बदलाव नहीं होगा. ये वन टाइम ऑप्शन हर किसी के लिए परेशानी बन गया है. क्या है इस नियम का इतिहास?स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने 13 मई 2026 को जारी ऑफिस मेमोरेंडम (OM) में बताया कि यह नियम CGHS और Central Services (Medical Attendance) Rules, 1944 के तहत लागू होगा. बता दें कि सरकार ने साल 2023 के जुलाई महीने में भी इसी आदेश को जारी किया था. तब भी सरकार ने आदेश दिया था कि पुरुष और महिला दोनों कर्मचारियों को अपने मां-बाप या सास-ससुर में से किसी एक का चुनाव करना है. कौन- कौन माने जाएंगे आश्रित?CGHS नियमों के अनुसार पति या पत्नी के अलावा कई अन्य परिवार सदस्य भी आश्रित माने जा सकते हैं. इनमें माता-पिता, सास-ससुर, बहन, विधवा बहन, विधवा बेटी, नाबालिग भाई-बहन, बच्चे और सौतेले बच्चे शामिल हैं, अगर वे पूरी तरह कर्मचारी पर निर्भर हों और साथ रहते हों. बेटे को 25 साल की उम्र या शादी तक आश्रित माना जाएगा, जबकि बेटी को शादी तक आश्रित का दर्जा मिलेगा. तलाकशुदा या अलग रह रही बेटी और उसके नाबालिग बच्चों को भी आश्रित माना जा सकता है. कैसे कटता है प्रीमियम?मेडिकल के प्रीमियम कटने की बात करें तो कर्मचारियों के वेतन से हर महीने एक तय राशि काटी जाती है. ये मासिक कटौती सातवें वेतन आयोग के पे मैट्रिक्स लेवल पर ही निर्भर करती है. लेवल 1 से 5 तक के कर्मचारियों की सैलरी से हर महीने 250 रुपये कटते हैं. लेवल 6 वालों को 450 रुपये का योगदान देना होता है. वहीं, लेवल 7 से 11 तक को 650 रुपये और लेवल 12 या उससे ऊपर वालों के लिए ये रकम 1000 रुपये है.
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