Share Market: हफ्ते के पहले दिन क्रैश हुआ शेयर मार्केट, 800 से ज्यादा अंक फिसला सेंसेक्स; निफ्टी भी 286 अंक नीचे
6 hours ago
Share Market Today on June 8: आज हफ्ते के पहले दिन भारतीय शेयर बाजार में कारोबार की शुरुआत बड़ी गिरावट के साथ हुई. बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 821 अंक फिसलकर 73421 के लेवल पर खुला. वहीं, एनएसई का निफ्टी- 50 286 अंकों का गोता लगाते हुए 23080 के लेवल पर कारोबार की शुरुआत की. सेंसेक्स में अभी सभी शेयर लाल निशान में कारोबार करते नजर आ रहे हैं. मिडकैप और स्मॉकैप का भी बुरा हाल केवल बड़े शेयर ही नहीं, बल्कि छोटे और मझोले शेयरों में भी भारी बिकवाली है. निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स 1.5% से अधिक नीचे कारोबार कर रहे हैं. आज क्यों गिरा शेयर बाजार? इजरायल पर ईरान का ताजा हमला निवेशकों के बीच चिंता का विषय रहा. ईरान द्वारा इजरायल पर किए गए मिसाइल हमलों से वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव चरम पर पहुंच गया. इससे निवेशकों ने शेयरों से पैसा निकालना शुरू कर दिया. जंग के चलते आज क्रूड ऑयल की कीमत भी 8600 रुपये के पार निकल गई है. खाड़ी देशों में संघर्ष से सप्लाई चेन प्रभावित होने की आशंका से अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में क्रूड ऑयल की कीमतें तेजी से उछली हैं, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए किसी झटके से कम नहीं है. भारतीय बाजार के खुलने से ठीक पहले दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 8% और जापान का निक्केई 4.2% तक क्रैश हो गए, जिसने भारतीय निवेशकों के सेंटिमेंट को प्रभावित किया. एशियाई बाजार आज एशियाई बाजारों में भारी बिकवाली देखी जा रही है. सबसे बड़ी गिरावट दक्षिण कोरिया के कोस्पी इंडेक्स में देखी गई. इसमें 8% से अधिक की गिरावट आई. इसके चलते बाजार में अफरा-तफरी मच गई. सैमसंग और एसके हाइनिक्स जैसे बड़े चिप और टेक शेयरों में भारी बिकवाली हुई है. इसी क्रम में जापान का निक्केई इंडेक्स भी आज करीब 2780 अंक फिसलकर 63804 पर आ गया है. हांगकांग के हैंगसेंग का भी कुछ ऐसा ही हाल है, जो करीब 1.34% की गिरावट के साथ 24630 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया. अमेरिकी बाजार ईरान के इजरायल पर मिसाइल दागने के बाद अमेरिकी बेंचमार्क से जुड़े फ्यूचर्स में गिरावट देखी गई. डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज से जुड़े फ्यूचर्स में 124 पॉइंट यानी 0.25% की और गिरावट आई. S&P 500 फ्यूचर्स और नैस्डैक 100 फ्यूचर्स में भी 0.2% की गिरावट दर्ज की गई. शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजार गिरावट के साथ कारोबार बंद हुआ क्योंकि मई महीने के रोजगार के आंकड़े अनुमान से कहीं ज्यादा मजबूत आए. इस मजबूत डेटा ने फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों को पूरी तरह से खत्म कर दिया है. अब बाजार को डर है कि महंगाई पर लगाम कसने के लिए फेड ब्याज दरें और बढ़ा सकता है. इससे 10- वर्षीय अमेरिकी बॉन्ड यील्ड उछलकर 4.5% के पार चला गया. कच्चे तेल की कीमत वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड फ्यूचर्स 2.16% बढ़कर 92.50 डॉलर प्रति बैरल हो गए. वहीं, अगस्त डिलीवरी वाले ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स आज सुबह 2.35% बढ़कर 95.28 डॉलर पर ट्रेड करते दिखे. COMEX पर क्रूड की कीमतें 2.15% बढ़कर 92.49 प्रति बैरल पर ट्रेड कर रही थीं. अमेरिकी डॉलर US डॉलर इंडेक्स (DXY) आज 0.03% गिरकर 100.04 पर ट्रेड कर रहा था. यह इंडेक्स दुनिया की प्रमुख करेंसीज के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की मजबूती या कमजोरी का आकलन करता है. इस बास्केट में ब्रिटिश पाउंड, यूरो, स्वीडिश क्रोना, जापानी येन, स्विस फ्रैंक जैसी मुद्राएं शामिल हैं. 5 जून को रुपया 0.89% गिरकर डॉलर के मुकाबले 94.95 पर बंद हुआ. ये भी पढ़ें: टाटा ट्रस्ट की महाबैठक: टाटा संस IPO, चेयरमैन के कार्यकाल और घाटे के बिजनेस पर फैसलों पर लगेगी मुहर!
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