इस साल 27 फरवरी को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान यह भंडार बढ़कर अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर 728.494 अरब डॉलर पर पहुंच गया था. इसके बाद मिडिल ईस्ट में संघर्ष शुरू हो गया, जिसके कारण कई हफ्तों तक इसमें गिरावट आई, क्योंकि रुपया दबाव में आ गया था और RBI को डॉलर बेचकर विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप करना पड़ा था.
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