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    वर्ल्ड अपडेट्स:अमेरिका के फेमस 'केनेडी आर्ट सेंटर' से ट्रम्प का नाम हटेगा, कोर्ट बोला- नाम बदलने का हक सिर्फ संसद को

    19 hours ago

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    अमेरिका के सबसे बड़े कल्चरल और ऑर्ट सेंटर में शामिल 'जॉन एफ. केनेडी सेंटर फॉर द परफॉर्मिंग आर्ट्स' से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का नाम हटाया जा रहा है। अमेरिकी कोर्ट ने कहा है कि सेंटर का नाम बदलना कानून के खिलाफ था। केनेडी सेंटर अमेरिका का नेशनल आर्ट सेंटर है। यहां हर साल बड़े संगीत कार्यक्रम, नाटक, डांस शो, ओपेरा और दूसरे सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं। दुनिया के कई मशहूर कलाकार यहां प्रस्तुति देते हैं। इस सेंटर का नाम अमेरिका के 35वें राष्ट्रपति जॉन एफ. केनेडी के नाम पर रखा गया था। 1963 में उनकी हत्या के बाद अमेरिकी कांग्रेस ने 1964 में इसे उनकी याद में बनाया। इसलिए यह सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि केनेडी की याद में बना राष्ट्रीय स्मारक भी है। विवाद कैसे शुरू हुआ? फरवरी 2025 में डोनाल्ड ट्रम्प ने सेंटर के बोर्ड में अपने करीबी लोगों को शामिल किया। बाद में बोर्ड ने सेंटर के नाम में ट्रम्प का नाम जोड़ने का फैसला कर लिया। इसके बाद इमारत पर 'द डोनाल्ड जे. ट्रम्प एंड जॉन एफ. केनेडी मेमोरियल सेंटर फॉर द परफॉर्मिंग आर्ट्स' लिखा गया। ओहायो की सांसद जॉयस बीटी ने इस फैसले को कोर्ट में चुनौती दी। उनका कहना था कि केनेडी सेंटर का नाम कांग्रेस (संसद) ने तय किया था, इसलिए उसे बदलने का हक सिर्फ कांग्रेस के पास है। कोर्ट ने उनकी बात मान ली और कहा कि बोर्ड अपने आप नाम नहीं बदल सकता। कोर्ट ने आदेश दिया कि ट्रम्प का नाम इमारत, वेबसाइट, सोशल मीडिया, दस्तावेजों और दूसरी सभी जगहों से हटाया जाए। अब क्या हो रहा है? कोर्ट की तय समय सीमा खत्म होने के बाद कर्मचारी इमारत से ट्रम्प के नाम वाले अक्षर हटाने लगे। ट्रम्प का नाम करीब 176 दिनों तक इस इमारत पर रहा। ट्रम्प का नाम हटाने के फैसले के बाद बड़ी संख्या में लोग केनेडी सेंटर के बाहर पहुंचे और खुशी जताई। केस जीतने वाली सांसद जॉयस बीटी ने कहा कि कानून के खिलाफ लिए गए फैसले को कोर्ट ने सही किया है। ट्रम्प समर्थकों का कहना है कि उनके नाम पर सेंटर के लिए काफी पैसा जुटाया गया है और नाम हटने से उस पर असर पड़ सकता है। लेकिन कोर्ट ने इस दलील को नहीं माना। अब केनेडी सेंटर फिर से अपने पुराने नाम "जॉन एफ. केनेडी सेंटर फॉर द परफॉर्मिंग आर्ट्स" के साथ जाना जाएगा। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… सिडनी जा रही श्रीलंकन एयरलाइंस की फ्लाइट पर बिजली गिरी, 233 यात्री सवार थे श्रीलंकन एयरलाइंस की फ्लाइट UL-606 शुक्रवार सुबह 1 बजे कटुनायके स्थित बंदरानायके अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (BIA) से सिडनी के लिए रवाना हुई थी। उड़ान के दौरान विमान पर बिजली गिर गई। इसके बाद फ्लाइट को सुबह करीब 1:40 बजे सुरक्षित रूप से वापस उसी एयरपोर्ट पर उतारा गया। फ्लाइट में 217 यात्री और 16 क्रू मेंबर सवार थे। एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार, बाद में श्रीलंकन एयरलाइंस ने यात्रियों को सिडनी भेजने के लिए उसी मॉडल का दूसरा एयरबस A330 विमान उपलब्ध कराया। यह विमान सुबह करीब 6:06 बजे सिडनी के लिए रवाना हुआ। वहीं, बिजली की चपेट में आए विमान को जांच और मरम्मत के लिए कटुनायके एयरपोर्ट स्थित श्रीलंकन एयरलाइंस के हैंगर में भेज दिया गया है। अमेरिका ने वेनेजुएला में स्ट्राइक कर आपराधिक गिरोह के सरगना को मारा, ट्रम्प ने वीडियो जारी किया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने वेनेजुएला के कुख्यात आपराधिक संगठन ट्रेन डे अरागुआ के टॉप लीडर निनो गुरेरो को मार गिराने का दावा किया है। ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर इससे जुड़ा एक वीडियो भी शेयर किया है। ट्रम्प ने ट्रेन डे अरागुआ को दुनिया के सबसे खूनी आतंकवादी संगठनों में से एक बताते हुए कहा कि उन्होंने सत्ता संभालने के बाद इस संगठन के खिलाफ अभियान चलाया। उन्होंने आरोप लगाया कि जो बाइडेन के कार्यकाल में अमेरिका की दक्षिणी सीमा से बड़ी संख्या में अवैध प्रवासी देश में आए, जिससे इस गिरोह को भी अमेरिका में पैर जमाने का मौका मिला। ट्रम्प ने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने ऐसे अपराधी संगठनों को खत्म करने और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने का वादा किया था। उन्होंने दावा किया कि यह कार्रवाई उन्हीं वादों का हिस्सा है। ट्रम्प ने यह भी कहा कि अभियान वेनेजुएला की मदद से चलाया गया। निनो ग्येरेरो को ट्रेन डे अरागुआ का संस्थापक और सबसे बड़ा नेता माना जाता था। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, उसने वेनेजुएला की एक जेल में सक्रिय गैंग को बढ़ाकर कई देशों में फैले अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क में बदल दिया था। इस संगठन पर मादक पदार्थों की तस्करी, मानव तस्करी, धन शोधन, जबरन वसूली और हत्या जैसे गंभीर अपराधों में शामिल होने के आरोप हैं। दिसंबर 2025 में न्यूयॉर्क की एक संघीय अदालत में ग्येरेरो के खिलाफ आतंकवाद, रैकेटियरिंग और ड्रग तस्करी समेत कई आरोप लगाए गए थे। पाकिस्तान का बजट पेश, सरकार बोली- कर्ज सबसे बड़ी चुनौती, हर साल ब्याज की किस्तें चुकाने में 8 लाख करोड़ खर्च होंगे पाकिस्तान सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 18 लाख करोड़ पाकिस्तानी रुपए से ज्यादा का बजट पेश किया है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने संसद में यह बजट प्रस्ताव रखा। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की शर्तों को पूरा करने और देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए इस बजट में कड़े आर्थिक फैसले लिए गए हैं। दस्तावेजों के अनुसार, पाकिस्तान की सबसे बड़ी चुनौती अब भी कर्ज है। कुल 18.8 लाख करोड़ के बजट में से 8.05 लाख करोड़ पाकिस्तानी रुपए सिर्फ पुराने कर्ज और उसके ब्याज की किस्तें चुकाने में खर्च हो जाएंगे। बजट में रक्षा खर्च को खास प्राथमिकता दी गई है। सरकार ने सेना और रक्षा से जुड़े खर्चों के लिए करीब 3 लाख करोड़ पाकिस्तानी रुपए आवंटित किए हैं। इसके अलावा रक्षा सेवाओं के प्रशासनिक खर्च के लिए 1.7 लाख करोड़ रुपए अलग से रखे गए हैं। पिछले साल के मुकाबले रक्षा बजट में 17.5 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। नए वित्त वर्ष में 4% (GDP) ग्रोथ का लक्ष्य रखा है, जबकि औसत महंगाई दर 8.2% रहने का अनुमान जताया गया है। सरकारी कर्मचारियों के वेतन और पेंशन में 7% की बढ़ोतरी की गई है, साथ ही न्यूनतम मजदूरी में 10% की वृद्धि का प्रस्ताव है। अमीर वर्ग पर लगने वाले 9% सरचार्ज को हटा दिया गया है। पाकिस्तानी सेना ने 3 दिनों में 21 आतंकवादी मार गिराए, सेना के मीडिया विंग ने दी जानकारी पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में पिछले तीन दिनों के दौरान चलाए गए अभियानों में सेना ने 21 आतंकवादियों को मार गिराया। इसकी जानकारी शनिवार को पाकिस्तान सेना के मीडिया विंग ने दी। मीडिया विंग के अनुसार, पिछले 72 घंटों में उत्तरी वजीरिस्तान जिले में मारे गए आतंकवादियों में फिटना-अल-खवारिज के चार शीर्ष कमांडर भी शामिल हैं। ये सेना के जवानों और आम लोगों की हत्या समेत कई आतंकी घटनाओं में शामिल थे। फिटना-अल-खवारिज नाम का इस्तेमाल पाकिस्तान सरकार प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के लिए करती है। सेना के बयान के मुताबिक, पिछले सप्ताह से अब तक चलाए गए अभियानों में कुल 48 आतंकवादी मारे जा चुके हैं। मारे गए आतंकवादियों के पास से हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किए गए हैं। मई के अंत में सेना ने उत्तरी वजीरिस्तान के दत्ता खेल इलाके में 11 आतंकवादियों को मार गिराया था। वहीं, जून के पहले सप्ताह में मीरानशाह में एक आत्मघाती हमले की साजिश नाकाम किए जाने के बाद वहां धारा 144 लागू कर दी गई थी। पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज (PICSS) के अनुसार, लगातार दो महीने तक सुरक्षा स्थिति में सुधार के बाद मई 2026 में पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा स्थिति फिर बिगड़ गई। इसका मुख्य कारण खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में बढ़ी आतंकी हिंसा रही। पेरू-इक्वाडोर सीमा पर 5.0 तीव्रता का भूकंप पेरू और इक्वाडोर की सीमा के पास शनिवार को 5.0 तीव्रता का भूकंप आया। जर्मनी के भू-विज्ञान अनुसंधान केंद्र (JFZ) के अनुसार भूकंप का झटका स्थानीय समय के मुताबिक रात 1:35 मिनट पर आया। JFZ ने बताया कि भूकंप का केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर की गहराई में था। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक इसका केंद्र 4.59 डिग्री दक्षिण अक्षांश और 80.02 डिग्री पश्चिम देशांतर पर स्थित था। फिलहाल किसी बड़े नुकसान या जनहानि की जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि भूकंप के झटकों के बाद आसपास के इलाकों में लोगों के बीच दहशत का माहौल बन गया। पाकिस्तान में हर 10 में से 3 लोग गरीब, शिक्षा पर खर्च घटकर GDP का 0.8% हुआ पाकिस्तान में गरीबी लगातार बढ़ रही है, जबकि शिक्षा पर सरकारी खर्च में भारी गिरावट दर्ज की गई है। पाकिस्तान इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 के अनुसार, देश की गरीबी दर 2018-19 के 21.9% से बढ़कर 2024-25 में 28.9% हो गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि महंगाई, आय में असमानता और आर्थिक दबावों के कारण लाखों लोग फिर से गरीबी रेखा के नीचे पहुंच गए हैं। बढ़ती कीमतों ने लोगों की क्रय शक्ति को प्रभावित किया है, जिससे परिवारों के लिए रोजमर्रा का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। सर्वे के मुताबिक, ग्रामीण इलाकों के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों में भी गरीबी बढ़ी है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि गरीबी बढ़ने के साथ आय असमानता में भी वृद्धि हुई है। वहीं, शिक्षा क्षेत्र को लेकर भी चिंता जताई गई है। वित्त वर्ष 2025 में शिक्षा पर सरकारी खर्च 23% घटकर 962 अरब रुपए रह गया। शिक्षा पर खर्च का ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट (GDP) में हिस्सा घटकर सिर्फ 0.8% रह गया।
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