वर्ल्ड अपडेट्स:फिलीपींस में भूकंप के बाद 2100 से ज्यादा आफ्टरशॉक आए, मौत का आंकड़ा 45 पहुंचा
7 hours ago
फिलीपींस के दक्षिणी हिस्से में आए 7.8 तीव्रता के भूकंप के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हो पाए हैं। मुख्य भूकंप के दो दिन बाद भी धरती लगातार कांप रही है और अब तक 2100 से ज्यादा आफ्टरशॉक दर्ज किए जा चुके हैं। अधिकारियों के मुताबिक, भूकंप और उसके बाद हुए नुकसान में 45 लोगों की मौत हो चुकी है, 630 से ज्यादा लोग घायल हैं और 17 लोग अब भी लापता हैं। बुधवार को जनरल सैंटोस शहर में एक ढही हुई इमारत में चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान फिर जोरदार झटका महसूस हुआ। झटके के बाद बचावकर्मियों को तुरंत बाहर निकलना पड़ा, क्योंकि इमारत से मलबा गिरने लगा था। लगातार आ रहे आफ्टरशॉक की वजह से लोग घर लौटने से डर रहे हैं। 25 हजार से ज्यादा लोग अब भी राहत शिविरों में रह रहे हैं। भूकंप से 3,100 से ज्यादा घर, दर्जनों सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं। जनरल सैंटोस एयरपोर्ट को भी नुकसान पहुंचा है, जिसके चलते सामान्य उड़ानें बंद कर दी गई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह फिलीपींस में पिछले कई दशकों के सबसे ताकतवर भूकंपों में से एक है। आफ्टरशॉक का सिलसिला अभी कुछ दिनों तक जारी रह सकता है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… दक्षिण अफ्रीका में मास शूटिंग में 12 लोगों की मौत, 10 से ज्यादा हमलावरों की तलाश दक्षिण अफ्रीका में एक बार फिर सामूहिक गोलीबारी की बड़ी घटना सामने आई है। मंगलवार शाम देश के गौतेंग प्रांत में जोहान्सबर्ग के पूर्व में स्थित क्लीवलैंड इलाके की जंपर्स अनौपचारिक बस्ती में अज्ञात हमलावरों ने कई जगहों पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस हमले में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि 9 अन्य घायल हो गए। पुलिस के मुताबिक हमलावर एक सफेद टोयोटा क्वांटम वाहन में पहुंचे थे। वे बस्ती में दो अलग-अलग रास्तों से दाखिल हुए और कई स्थानों पर गोलीबारी करने के बाद उसी वाहन से फरार हो गए। अधिकारियों का मानना है कि इस हमले में 10 से ज्यादा लोग शामिल थे। घटना के बाद पुलिस ने बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया है, लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस फिलहाल हमले के कारणों की जांच कर रही है और अभी तक किसी मकसद की पुष्टि नहीं हुई है। यह घटना ऐसे समय हुई है जब दक्षिण अफ्रीका पहले से ही हिंसक अपराधों की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। देश में औसतन हर दिन करीब 60 हत्याएं दर्ज की जाती हैं। कनाडा में फर्जी लाइसेंस पर 17 साल तक प्लेन उड़ाया; पायलट पर हजारों यात्रियों की जान खतरे में डालने का आरोप कनाडा की एयरलाइन एयर कनाडा के पूर्व पायलट ज्योफ्री वॉल पर फर्जी लाइसेंस के सहारे 17 साल तक कमर्शियल फ्लाइट उड़ाने का आरोप लगा है। डिप्टी चीफ निक मिलिनोविच ने कहा कि आरोपी ने हजारों यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डाला। पुलिस के मुताबिक वॉल पर 5 हजार डॉलर से ज्यादा की धोखाधड़ी, पब्लिक मिसचीफ, फर्जी दस्तावेज इस्तेमाल करने और नकली प्रमाण चिह्न रखने समेत कई आरोप लगाए गए हैं। 59 वर्षीय वॉल को 1 जून को गिरफ्तार किया गया। ट्रांसपोर्ट कनाडा की जांच में दस्तावेजों में गड़बड़ी मिलने के बाद यह मामला सामने आया। आरोप है कि वॉल ने 1998 में एविएशन करियर शुरू किया था और 2009 में फर्जी क्रेडेंशियल के आधार पर पायलट-इन-कमांड यानी कप्तान का पद हासिल कर लिया। इसके बाद वह वर्षों तक हजारों यात्रियों को लेकर उड़ान भरता रहा। मामला तब खुला, जब पिछले साल पियर्सन एयरपोर्ट पर ट्रांसपोर्ट कनाडा की नियमित ऑपरेशनल जांच के दौरान उसके दस्तावेजों में कमियां मिलीं। इसके बाद ‘प्रोजेक्ट इकारस’ नाम से विस्तृत जांच शुरू की गई। अब जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि आरोपी ने फर्जी दस्तावेज कैसे तैयार किए और इतने लंबे समय तक सिस्टम की नजरों से कैसे बचा रहा पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक की; 11 बच्चों समेत 13 लोगों की मौत, 14 महिलाएं घायल पाकिस्तानी सेना ने मंगलवार देर रात अफगानिस्तान के कुनार, खोस्त और पक्तिका प्रांतों में एयर स्ट्राइक की। तालिबान सरकार के मुताबिक हमलों में 11 बच्चों समेत 13 नागरिकों की मौत हुई, जबकि 14 महिलाएं घायल हैं। तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की हवाई सीमा का उल्लंघन करते हुए रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया। हमले पूरी तरह नागरिक क्षेत्रों पर किए गए। मुजाहिद ने बताया कि मृतकों में 11 बच्चे, एक महिला और एक बुजुर्ग शामिल हैं। उन्होंने हमले के बाद की तस्वीरें भी जारी कीं। तालिबान सरकार के अनुसार पिछले एक साल में पाकिस्तान की सैन्य कार्रवाइयों में सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है। मार्च में काबुल स्थित एक पुनर्वास केंद्र पर हुए हमले में 269 लोगों की मौत का दावा किया गया था। इस्लामाबाद लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि तालिबान सरकार तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) जैसे संगठनों को समर्थन देती है। हालांकि तालिबान इन आरोपों को खारिज करता रहा है। पूरी खबर पढ़ें… अमेरिका ने UNSC में पाकिस्तान-चीन का प्रस्ताव रोका; बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी और मजीद ब्रिगेड को आतंकी संगठन घोषित करने की थी मांग अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में पाकिस्तान और चीन के बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) और मजीद ब्रगेड को वैश्विक आतंकी संगठन घोषित करने के प्रस्ताव को रोक दिया है। फ्रांस और ब्रिटेन ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन नहीं किया। पाकिस्तान और चीन ने सितंबर 2025 में UNSC की 1267 अल-कायदा सैंक्शंस कमेटी के सामने BLA और मजीद ब्रिगेड को ब्लैकलिस्ट करने का प्रस्ताव रखा था। दोनों देशों का आरोप था कि ये संगठन अफगानिस्तान से संचालित होकर सीमा पार आतंकी गतिविधियां चला रहे हैं। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन ने प्रस्ताव को ब्लॉक कर दिया। तीनों देश UNSC के स्थायी सदस्य हैं और उनके पास वीटो शक्ति है। हालांकि अमेरिका पहले ही BLA और उसके सहयोगी संगठन मजीद ब्रिगेड को विदेशी आतंकी संगठन घोषित कर चुका है। इससे पहले चीन कई बार भारत और उसके सहयोगी देशों की ओर से पाकिस्तान आधारित आतंकियों को वैश्विक आतंकी घोषित करने के प्रस्तावों पर रोक लगाता रहा है। अब पाकिस्तान-चीन के प्रस्ताव पर अमेरिका की आपत्ति को कूटनीतिक संतुलन के नजरिए से भी देखा जा रहा है।
Click here to Read more
