'बागी गुट ही असली TMC', ममता की पार्टी के कांग्रेस में विलय होने की अटकलों पर बोले ऋतब्रत बनर्जी
6 hours ago
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी नेता और पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी ने बुधवार (10 जून 2026) को दावा किया कि उनका गुट ही ‘असली तृणमूल’ है. उन्होंने इसी के साथ टीएमसी के कांग्रेस में विलय की संभावना को सिरे से खारिज कर दिया. ऋतब्रत का यह बयान पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी की कांग्रेस नेताओं के साथ मुलाकात और उनके नीत गुट के भविष्य को लेकर लगाई जा रही अटकलों के बीच आया है. विधायकों की संख्या बढ़कर 64 हुई: ऋतब्रत बनर्जी ऋतब्रत ने दावा किया कि उनके नेतृत्व में बागी गुट के विधायकों की संख्या 58 से बढ़कर 64 हो गई है. उन्होंने कहा कि उनके नीत गुट को पार्टी के ज्यादातर विधायकों और बड़ी संख्या में सांसदों का समर्थन हासिल है और वे तृणमूल कांग्रेस के बैनर तले ही काम करते रहेंगे. बंगाल विधानसभा के बाहर उन्होंने कहा, ‘हम ही असली तृणमूल कांग्रेस हैं. हम कांग्रेस में विलय नहीं कर रहे हैं.' ममता बनर्जी की कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात और राष्ट्रीय राजधानी में अभिषेक बनर्जी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के बीच बातचीत की खबरों के बाद लगाई जा रही अटकलों के बीच उनकी ये टिप्पणियां आई है. इन मुलाकातों ने राजनीतिक हलकों में ममता नीत धड़े के भविष्य को लेकर चर्चा शुरू हो गई है. यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब पार्टी अपने 28 साल के इतिहास के सबसे बड़े अंदरूनी संकट से जूझ रही है. ऋतब्रत ने हालांकि उन सुझावों को खारिज कर दिया कि संगठन कांग्रेस के नेतृत्व वाली किसी व्यवस्था का हिस्सा बन सकता है. उन्होंने कहा, ‘हमारे साथ विधायकों की संख्या पहले ही 64 के पार हो चुकी है. कल एक और विधायक के हमारे साथ जुड़ने पर यह संख्या 65 हो सकती है. जाहिर है, असली तृणमूल कांग्रेस हम ही हैं. दिल्ली में कौन किससे मिलता है, यह उनका मामला है और हमारे लिए इसका कोई महत्व नहीं है.’ बागी नेता ने कहा कि विधानसभा में गुट की बदली हुई ताकत को दर्शाने वाला एक नया पत्र विधानसभा अध्यक्ष को सौंपा जाएगा. बागी सांसद NDA को देंगे समर्थन: ऋतब्रत उन्होंने दावा किया कि बागी गुट को न केवल विधायकों का, बल्कि सांसदों, स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों और जिला-स्तर के नेताओं का भी समर्थन प्राप्त है. ऋतब्रत ने सवाल किया, ‘ज्यादातर विधायक कांग्रेस में शामिल नहीं हो रहे हैं. ज्यादातर सांसद भी कांग्रेस में शामिल नहीं हो रहे हैं. कई जिला नेता और स्थानीय निकायों के प्रतिनिधि भी कांग्रेस में शामिल नहीं हो रहे हैं तो फिर विलय का सवाल ही कहां उठता है?’ उन्होंने दोहराया कि लोकसभा में बागी सांसद बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए का समर्थन जारी रखेंगे. ऋतब्रत का यह बयान इसलिए अहम है क्योंकि तृणमूल के 20 बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को काकोली घोष दस्तीदार की अगुवाई में एक अलग संसदीय गुट बनाने की जानकारी दे दी है और एनडीए को समर्थन देने का संकल्प व्यक्त किया है. इस हफ्ते की शुरुआत में तृणमूल कांग्रेस का संकट तब और गहरा गया, जब पश्चिम बंगाल विधानसभा में पार्टी के भीतर शुरू हुई बगावत संसद तक पहुंच गई. दिल्ली में बढ़ी सियासी गर्मी इस माहौल में दिल्ली में ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी और कांग्रेस नेतृत्व के बीच हुई मुलाकातों का राजनीतिक महत्व और बढ़ गया है. ऐसी अटकलें भी तेज हैं कि ममता बनर्जी नीत तृणमूल का धड़ा कांग्रेस के साथ नजदीकी रिश्ते बनाने या पार्टी के विलय पर विचार कर सकता है. किसी भी पक्ष ने सार्वजनिक रूप से विलय के बारे में बात नहीं की है, लेकिन इन बैठकों ने इतनी राजनीतिक चर्चा पैदा कर दी है कि बागी खेमे को बार-बार अपनी स्थिति स्पष्ट करनी पड़ रही है. ऋतब्रत से जब यह पूछा गया कि अगर ममता बनर्जी अपने धड़े का कांग्रेस में मिलाने का फैसला करती हैं तो क्या होगा, तो उन्होंने सीधा जवाब देने से परहेज किया. उन्होंने कहा, ‘कल के सवालों का जवाब कल ही मिलेगा. आज की बात करें तो यह संख्या 64 है और बढ़ रही है.’ ये भी पढ़ें : जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ने के बाद पीएम मोदी का पहला रिएक्शन, कहा- कांग्रेस के धोखे के बाद...
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