Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    फ्लोरिडा और कनाडा में छोड़े जाएंगे मच्छर:बीमारियां रोकने के लिए 6.4 करोड़ नर मच्छर छोड़ेगी गूगल

    2 hours ago

    1

    0

    टेक कंपनी गूगल ने अमेरिकी सरकार से कैलिफोर्निया और फ्लोरिडा में मिलाकर 6.4 करोड़ तक नर मच्छर छोड़ने की अनुमति मांगी है। कंपनी का कहना है कि इससे बीमारी फैलाने वाले मच्छरों की आबादी घटेगी। डेंगू, वेस्ट नाइल वायरस, जिका, चिकनगुनिया और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा कम होगा। अमेरिकी सरकार के आधिकारिक राजपत्र फेडरल रजिस्टर में जारी नोटिस के मुताबिक, अमेरिकी पर्यावरण संरक्षण एजेंसी (ईपीए) गूगल की मांग की समीक्षा कर रही है। अनुमति मिलने पर गूगल 2 साल की अवधि में कैलिफोर्निया में 3.2 करोड़ और फ्लोरिडा में 3.2 करोड़ मच्छर छोड़ेगी। यह दशकों से अलग-अलग कीड़ों पर इस्तेमाल होती आ रही ‘कीट बंध्याकरण तकनीक’ है। यूनिवर्सिटी ऑफ फ्लोरिडा के असिस्टेंट प्रोफेसर एरिक कारागाटा के मुताबिक, वोल्बाचिया बैक्टीरिया का करीब 15 साल से बंध्याकरण करने में इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रत्येक पीढ़ी के साथ घटेगी मच्छरों की संख्या गूगल जिन मुख्य तरीकों का परीक्षण कर रहा है, उनमें से एक है नर मच्छरों को वोल्बाचिया नामक एक प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले बैक्टीरिया से संक्रमित करना, जो उन्हें जंगली मादा मच्छरों के साथ संतान पैदा करने से रोकता है। गूगल ने एक ब्लॉग पोस्ट में बताया है कि इस तरह प्रत्येक पीढ़ी के साथ मच्छरों की संख्या कम होती जाती है। मच्छरों को खत्म करने के अन्य तरीके ज्यादा सफल नहीं गूगल के मुताबिक मच्छरों को नष्ट करने के अन्य तरीके ज्यादा कारगर साबित नहीं हुए हैं। कीटनाशकों का छिड़काव विषाक्त और समय के साथ कम प्रभावी हो जाता है। मच्छरों के प्रजनन वाले सभी जल स्रोत ढूंढना और साफ करना मुश्किल है। नई तकनीक में एआई-संचालित कंप्यूटर विजन के उपयोग से मच्छर छोड़े जाएंगे। ये रणनीति मौजूदा पर्यावरण हितैषी तरीकों में सबसे खास कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, रिवरसाइड के सहायक प्रोफेसर कार्तिकेयन चंद्रसेगरन के मुताबिक वोल्बाचिया आधारित रणनीतियों से पर्यावरण में नए विषैले पदार्थ रिलीज नहीं होते। वोल्बाचिया पहले से ही कई कीट प्रजातियों में प्राकृतिक रूप से पाया जाता है। ये वर्तमान में मच्छर नियंत्रण के सबसे पर्यावरण हितैषी तरीकों में से है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    Digital detox : એક મહિનો સ્માર્ટફોનથી દૂર રહેશો તો શરીરમાં થશે આ અદભૂત ફેરફારો!
    Next Article
    लौकी से हो गए हैं बोर? बनाएं ढाबा स्टाइल कोफ्ते, घर पर ही मिलेगा रेस्टोरेंट जैसा स्वाद, यहां देखें आसान रेसिपी

    Related ऑटोमोबाइल Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment