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    Fire Safety: आग-बिजली और स्टाफ की ट्रेनिंग, होटल रेस्टोरेंट खोलते वक्त दिमाग में उतार लें ये सेफ्टी रूल्स

    2 days ago

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    Restaurant Safety Guidelines: दिल्ली के मालवीय नगर होटल आग हादसे में 21 लोगों की मौत के बाद होटल और रेस्टोरेंट में सुरक्षा उपायों की अहमियत सामने आई है। यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि उन सभी होटल, गेस्ट हाउस और रेस्टोरेंट चलाने वालों के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि सुरक्षा इंतजामों में लापरवाही कितनी भारी पद सकती है. होटल और रेस्टोरेंट ऐसी जगहें होती हैं, जहां रोजाना लोग बड़ी संख्या में आते हैं. यहां किचन में गैस, बिजली और तेल जैसे कई ज्वलनशील तत्व लगातार इस्तेमाल होते हैं, इसलिए छोटी सी गलती भी बड़े हादसे की वजह बन सकती है. ऐसे में अगर आप नया होटल, रेस्टोरेंट या कैफे शुरू करने का सोच रहे हैं, तो जरूरी है कि शुरुआती स्तर से ही सभी सेफ्टी नियमों का पालन किया जाए. चलिए जानते हैं कि किन बातों का ध्यान रखकर ऐसे खतरों से बचा जा सकता है. किचन से शुरू होता है सबसे बड़ा खतरा ज्यादातर आग लगने की घटनाएं किचन से शुरू होती हैं. तंदूर, डीप फ्रायर और गैस चूल्हे जैसे उपकरण लगातार गर्म रहते हैं, इसलिए जगहों पर ऑटोमैटिक किचन फायर सिस्टम लगाना बेहद जरूरी है. यह सिस्टम आग लगते ही अपने आप सक्रिय होकर उसे फैलने से रोक देता है. किचन के एग्जॉस्ट हुड की नियमित सफाई भी बेहद जरूरी है, क्योंकि उसमें जमा तेल और चिकनाई आग पकड़ सकती है. साथ ही गैस लीक डिटेक्टर जरूर लगवाएं. अगर किचन में गैस रिसाव होता है, तो ये डिटेक्टर अलार्म बजाकर अलर्ट कर देता है. New Delhi Railway Station: दिल्ली में रेलवे स्टेशनों के नाम बदलने की तैयारी, ट्रेनों की भी शिफ्टिंग की जाएगी बिजली की लापरवाही भी बनती है वजह शॉर्ट सर्किट और ओवरलोडिंग भी आग लगने के बड़े कारण हैं. इसलिए MCB और ELCB जैसे सुरक्षा उपकरणजरूर लगाए जाए, जो किसी गड़बड़ी पर बिजली सप्लाई तुरंत बंद कर देते हैं. पुरानी वायरिंग, ढीले कनेक्शन और एक ही सॉकेटमें कई उपकरणलगाना खतरनाक हो सकता है. ऐसे में हर 6 महीने में वायरिंग की जांच करना बेहद जरूरी है. ओवन, डीप फ्रीजर और एसी जैसे भारी उपकरणों के लिए अलग बिजली लाइन होना भी ज्यादा फायदेमंद माना जाता है. फायर सिस्टम और स्टाफ की ट्रेनिंग सभी होटल और रेस्टोरेंट में ABC टाइप फायर एक्सटिंग्विशर पर्याप्त संख्या में होना चाहिए. साथ ही कर्मचारियों को भी इन्हें इस्तेमाल करना सिखाएं. किचन, स्टोर रूम, डाइनिंग एरिया और स्टाफ रूम में स्मोक डिटेक्टर और फायर अलार्म सिस्टम भी जरूरी है, ताकि आग लगते ही तुरंत पता चल सके. लेकिन सिर्फ उपकरण होना काफी नहीं है, स्टाफ की ट्रेनिंग भी उतनी ही जरूरी है. कर्मचारियों को नियमित फायर सेफ्टी ट्रेनिंग दें. सभी कर्मचारियों को सिखाना चाहिए कि कि आग लगने पर कैसे प्रतिक्रिया दें और ग्राहकों को सुरक्षित बाहर कैसे निकालें. किचन स्टाफ को यह बताना चाहिए कि तेल की आग पर कभी भी पानी नहीं डालना चाहिए, , क्योंकि इससे आग और फैल सकती है. इमरजेंसी एग्जिट और रोज की सावधानियां किसी भी होटल या रेस्टोरेंट में कम से कम दो इमरजेंसी एग्जिट होने चाहिए और उन्हें कभी बंद या लॉक नहीं रखना चाहिए. ग्रीन साइन और इमरजेंसी लाइट भी जरूरी हैं ताकि धुएं या अंधेरे में रास्ता साफ दिख सके. दिन खत्म होने पर गैस का मुख्य वॉल्व बंद करना, बिजली के अनावश्यक स्विच ऑफ करना और किचन में ज्वलनशील सामान हटाना. नियमों का पालन ही सबसे बड़ी सुरक्षा किसी भी होटल या रेस्टोरेंट शुरू करने से पहले फायर एनओसी लेना जरूरी है. साथ ही समय-समय पर फायर सेफ्टी ऑडिट कराना भी जरूरी है. अगर ये सभी नियम सही तरीके से अपनाया जाएं, तो आप ना सिर्फ किसी बड़े हादसे को टाल सकते हैं, बल्कि लोगों की जान और कारोबार दोनों बचा सकते हैं. गैस सिस्टम में बदलाव! PNG कनेक्शन पर सरकार का बड़ा कदम, यूजर्स को मिल सकती है राहत
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