जॉइंट डायरेक्टर के पास आलीशान जिम, सुपर मार्केट:महिला बाल विकास अधिकारी की 30 साल में इनकम 2.5 करोड़, संपत्ति 9.5 करोड़ मिली
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इंदौर में लोकायुक्त टीम ने बुधवार सुबह महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक (जॉइंट डायरेक्टर) लक्ष्मी नारायण कंडवाल के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। शुरुआती जांच में अधिकारी की वैध आय की तुलना में 241 प्रतिशत अधिक संपत्ति मिलने के प्रमाण सामने आए हैं। लोकायुक्त एसपी राजेश सहाय को कंडवाल के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत मिली थी। प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया। इसके बाद स्पेशल कोर्ट से तलाशी वारंट लेकर लोकायुक्त की अलग-अलग टीमों ने सुबह 6 बजे से एक साथ तीन ठिकानों पर धावा बोल दिया। कार्रवाई इतनी गोपनीय रखी गई थी कि संयुक्त संचालक कंडवाल और उनके परिवार को इसकी भनक तक नहीं लगी। सुबह-सुबह बड़ी संख्या में अधिकारियों को देखकर इलाके में हड़कंप मच गया। व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की भव्यता देख लोकायुक्त टीम भी दंग रह गई लोकायुक्त टीम जब कंडवाल से जुड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर जांच करने पहुंची तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। 2 मंजिला आलीशान जिम: कंडवाल से जुड़े एमएस जिम सेंटर का संचालन दो मंजिला भव्य इमारत में हो रहा है। इस जिम में विदेश जैसी आधुनिक फिटनेस मशीनें, महंगे उपकरण और अत्याधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं। यह शहर के सबसे बड़े और प्रीमियम निजी जिमों में गिना जाता है। बड़ा डिपार्टमेंटल स्टोर: इसके अलावा टीम ने जिस डिपार्टमेंटल स्टोर पर छापा मारा, वह भी किसी बड़े मॉल की तरह चल रहा था, जहां रोजमर्रा की चीजों का बड़े पैमाने पर कारोबार होता है। तीन साल में आठ जिलों में पदस्थ रहे लोकायुक्त टीम के मुताबिक, लक्ष्मी नारायण कंडवाल के घर छापे में अब तक कुल 9.5 करोड़ रुपए की संपत्ति मिली है, जिसमें पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र के आसपास 12 प्लॉट और इंदौर में एक कमर्शियल प्लॉट शामिल है। एक बैंक लॉकर की जानकारी मिली है. जिसकी तलाशी ली जाएगी। तीन साल के सेवाकाल में कंडवाल झाबुआ, रतलाम, नीमच, रीवा, शहडोल, उज्जैन, देवास और इंदौर में पदस्थ रहे। सेवाकाल में इनके वेतन का आकलन करीब ढाई करोड़ रुपए है. जिसके विरुद्ध इनकी 9.5 करोड़ रुपए की संपत्ति मिली है। ………………………… यह खबर भी पढ़ें लोकायुक्त के भीतर रिश्वतखोरी का सिस्टम...पहली बार कैमरे में कैद:3 से 5 लाख रुपए में डील; भास्कर से पुलिसवाले बोले- वॉयस सैंपल भी बदल देंगे एमपी में भ्रष्टाचार पर कार्रवाई करने वाले लोकायुक्त संगठन के भीतर ही रिश्वत लेकर केस कमजोर करने वाला नेटवर्क सक्रिय है। भास्कर के स्टिंग ऑपरेशन में दो कॉन्स्टेबल, एक टेक्नीशियन और एक रीडर कैमरे में रिश्वत की डील करते दिखे। पढ़ें पूरी खबर
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